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Lakhimpur Kheri Case : मंत्रीपुत्र आशीष मिश्रा टेनी को जमानत मिलने पर रो पड़े पीड़ितों के परिजन, मांगा इंसाफ

Janjwar Desk
11 Feb 2022 12:28 PM GMT
Lakhimpur Kheri Case : मंत्रीपुत्र आशीष मिश्रा टेनी को जमानत मिलने पर रो पड़े पीड़ितों के परिजन, मांगा इंसाफ
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(लखीमपुर खीरी कांड के पीड़ितों के परिजनों ने मांगा इंसाफ)

Lakhimpur Kheri Case : लखीमपुर की हिंसा में जान गंवाने वाले एक मृतक की मां ने कहा कि जमानत नहीं मिलनी चाहिए थी, वीडियो में पीड़ित मां कहते हुए नजर आ रही हैं कि सरकार हमारा साथ नहीं देगी....

Lakhimpur Kheri Case : लखीमपुर खीरी हिंसा कांड के मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी (Ajay Mishra Teni) के बेटे आशीष मिश्रा (Ashish Mishra) को गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की लखनऊ बेंच से जमानत दे दी गई। आशीष मिश्रा को नौ अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। वहीं आशीष मिश्रा के बाहर निकलने की खबर के बाद से पीड़ित परिवार खुश नहीं हैं। पीड़ित परिजनों के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आ रहे हैं।

लखीमपुर खीरी की हिंसा (Lakhimpur Kheri Case) में जान गंवाने वाले एक मृतक की मां ने कहा कि जमानत नहीं मिलनी चाहिए थी। वीडियो में पीड़ित मां कहते हुए नजर आ रही हैं कि सरकार हमारा साथ नहीं देगी। यह कहकर महिला रोने लगती है। महिला का कहना है कि अगर सरकार साथ नहीं देती तो आरोपी को जमानत नहीं मिलती।

महिला ने आगे कहा कि हमारी मांग है कि आरोपी को फांसी हो। वहीं एक मृतक किसान के पिता ने कहा कि इस सरकार सेहमें पहले भी कोई उम्मीद नहीं थी। सरकार को ऐसे मामलों में सोच समझकर जमानत देनी चाहिए। पीड़ित पिता ने कहा कि अजय मिश्रा टेनी आज भी अपने पद पर बने हुए हैं। हमें इंसाफ की कोई उम्मीद नहीं है।

हिंसा में मारे गए 17 वर्षीय लवप्रीत सिंह की बहन का वीडियो भी वायरल हो रहा है। इसमें वह कहते हुए सुनाई दे रही हैं कि उन्हें इंसाफ की कोई उम्मीद नहीं है। लखीमपुर खीरी का मुख्य आरोपी जमानत पर बाहर है।

वहीं इस हिंसा में मारे गए पत्रकार रमन कश्यप के भाई ने भी बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि हमारे वकीलों की बात को नहीं सुना गया। उनका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

बता दें कि आशीष मिश्रा को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से जमानत मिली है। इससे पहले उसने अपनी जमानत के लिए निचली अदालत का दरवाजा खटखटाया था लेकिन वहां उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान आशीष मिश्रा को जमानत मिलने का आधार बताते हुए कहा कि गाड़ी आशीष मिश्रा नहीं बल्कि हरिओम मिश्रा चला रहा था और उसने डिफेंस में गाड़ी चढ़ाई थी।

आशीष मिश्रा के वकील ने दलील दी कि आशीष मिश्रा के ड्राइवर के अपराध के लिए उन्हें जिम्मेदार कैसे ठहराया जा सकता है? पोस्टमार्टम रिपोर्ट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में लखीमपुर हिंसा में किसी भी किसान की मौत गोली लगने से नहीं हुई है। बता दें कि लखीमपुर खीरी की हिंसा में आठ लोगों की मौत हो गई थी जिसमें चार किसान भी शामिल थे। जो प्रदर्शन कर रहे थे। इस मामले में आशीष मिश्रा मुख्य आरोपी है।

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