राष्ट्रीय

Lakhimpur Kheri Case : पत्रकार सिद्दीक कप्पन को हिरासत और मंत्री पुत्र को जमानत मिलने पर वरिष्ठ पत्रकार ने उठाया सवाल

Janjwar Desk
10 Feb 2022 10:09 AM GMT
Lakhimpur Kheri Case : पत्रकार सिद्दीक कप्पन को हिरासत और मंत्री पुत्र को जमानत मिलने पर वरिष्ठ पत्रकार ने उठाया सवाल
x

(लखीमपुर खीरी कांड आरोपी आशीष मिश्रा टेनी को मिली जमानत)

Lakhimpur Kheri Case : आशीष मिश्रा को जमानत का यह आदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश राजीव सिंह की एकल पीठ ने दिया है, इससे पहले 18 जनवरी को लखनऊ बेंच ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था....

Lakhimpur Kheri Case : लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी (Ajay Mishra Teni) के पुत्र आशीष मिश्रा टेनी (Ashish Mishra Teni) को आज गुरुवार 10 फरवरी को जमानत दे दी गई है। आशीष को इलाहाबाद हाइकोर्ट की लखनऊ बेंच ने जमानत दी है। आशीष मिश्रा को जमानत मिलने के बाद वरिष्ठ पत्रकार विनोद कापड़ी ने सवाल उठाया है।

विनोद कापड़ी (Vinod Kapri) ने एक ट्वीट के जरिये कहा है कि, किसानों को कुचलने वाले मोदी के मंत्री के बेटे को ज़मानत मिल गई है पर हाथरस गैंगरेप (Hathras Gangrape Case) कवर करने जा रहे पत्रकार सिद्दीक़ी कप्पन (Siddique Kappan) एक साल से जेल में हैं।बता दें कि यूपी चुनाव 2022 ( UP Election 2022 ) के पहले चरण के मतदान के दौरान जमानत मिलना चौंकाने वाली घटना माना जा रहा है।

बताते चलें कि यह आदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश राजीव सिंह की एकल पीठ ने दिया है। इससे पहले 18 जनवरी को लखनऊ बेंच ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। आशीष मिश्रा टेनी पर लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया गांव में तीन अक्टूबर 2021 को प्रदर्शनकारी किसानों को जीप से कुचलकर मारने का आरोप है।

इस मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) ने अपनी जांच में पाया था कि किसानों को गाड़ी से कुचलने की पूरी घटना एक सोची समझी साजिश थी। इसके बाद एसआईटी ने पांच हजार के पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें आशीष मिश्रा को हत्या का आरोपी पाया गया। एसआईटी की ओर से कुल 16 लोगों को इस घटना का आरोपी बनाया गया है। एसआईटी ने आरोपियों पर IPC की धाराओं 307/ 326/302/34/120 बी/147/148/149/ 3/25/30 लगी हैं।

ये है पूरा मामला

दरअसल, 3 अक्टूबर 2021 को यूपी के लखीमपुर (Lakhimpur Kheri Violence) के तिकुनियां कस्बे में केशव प्रसाद मौर्य का विरोध कर रहे किसानों पर कथित तौर पर भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र से जुड़े लोगों ने गाड़ियां चढ़ा दी थीं। इस दर्दनाक हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई थी। इन मृतकों में एक न्यूज चैनल के रिपोर्टर रमन कश्यप भी शामिल थे। इस हादसे के बाद किसानों ने भी कई वाहनों में आग लगा दी थी। कारों में सवार तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले की दाखिल चार्जशीट में बताया गया था कि आशीष मिश्रा मुख्य आरोपी है।

कौन हैं पत्रकार सिद्दीक कप्पन

मलयालम समाचार आउटलेट के साथ काम करने वाले दिल्ली बेस्ड 41 वर्षीय पत्रकार कप्पन तीन अन्य लोगों के साथ यूएपीए के तहत उस वक्त गिरफ्तार किया गया था जब वह हाथरस मामले की रिपोर्टिंग करने जा रहे थे। इन लोगों को पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और इसके छात्र संगठन कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI) के साथ उनके कथित संबंधों के लिए देशद्रोह का आरोप लगाया गया था। उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस ने मथुरा के एक टोल प्लाजा से हिरासत में लिया था। तब से पत्रकार सिद्दीक कप्पन जेल में हैं और किसानों की हत्या के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा टेनी को आज जमानत दे दी गई है।

Next Story

विविध