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Lakhimpur Kheri Update : किसानों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को बताया फर्जी, अंतिम संस्कार से किया इनकार

Janjwar Desk
5 Oct 2021 11:48 AM GMT
Lakhimpur Kheri Update : किसानों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को बताया फर्जी, अंतिम संस्कार से किया इनकार
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(मृतक गुरविंदर सिंह के घर पहुंची सोनिया मान)

Lakhimpur Kheri Update : सोनिया ने कहा कि मृतक किसान की झूठी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बनाई गई। मृतक किसान गुरविंदर सिंह को मोनू मिश्रा ने गोली मारी है लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गोली लगने की बात नहीं आई....

Lakhimpur Kheri Update जनज्वार। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। अब खबर है कि किसानों ने पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट (Postmortem Report) को गलत बताते हुए मृतकों का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। खबरों के मुताबिक पंजाबी फिल्मों की मशहूर अभिनेत्री सोनिया मान (Sonia Mann) मटेरा के मोहर्निया पहुंची। इस दौरान वह मृतक किसान के परिजन से मिली। सोनिया ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

सोनिया ने कहा कि मृतक किसान की झूठी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बनाई गई। मृतक किसान गुरविंदर सिंह (Gurvinder Singh) को मोनू मिश्रा ने गोली मारी है लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गोली लगने की बात नहीं आई। सोनिया मान ने मांग की कि शव का पोस्टमॉर्टम दोबारा दिल्ली में करवाया जाए। जब तक दोबारा पोस्टमार्टम नहीं होगा तब तक अंतिम संस्कार नहीं होगा। सोनिया मान ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पर इस संबंध में एक वीडियो भी पोस्ट किया है।

वहीं भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने ट्वीट कर कहा- गुरवेंद्र की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से संयुक्त किसान मोर्चा सहमत नहीं, दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग पर सरकार ने बोर्ड गठित कर डॉक्टरों को हेलीकॉप्टरों से बहराइच भेजा। तीन शहीद किसानों का परिवार की सहमति पर किया संस्कार।

क्या है मामला

लखीमपुर खीरी में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र (Ajay Mishra) के बेटे आशीष मिश्र ने प्रदर्शन कर रहे किसानों पर कथित तौर पर गाड़ी चढ़ा दी थी। ये किसान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) का विरोध कर रहे थे। इस घटना में आठ लोगों की मौत हो गई। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र और यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एक कार्यक्रम के लिए लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) पहुंचे थे।

इसकी जानकारी जैसे ही कृषि कानूनों (Agriculture Laws) का विरोध कर रहे किसानों को हुई तो वे हेलिपैड पहुंच गए। किसानों (Farmers) ने रविवार सुबह आठ बजे ही हेलिपैड पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद करीब दोपहर 2.45 बजे सड़क के रास्ते मिश्र और मौर्य का काफिला तिकोनिया चौराहे से गुजरा तो किसान काले झंडे लेकर दौड़ पड़े। इसी दौरा भारी बवाल हो गया और इन सबके बीच हुई हिंसा में आठ लोगों की मौत हो गई।

'केंद्रीय गृहराज्य मंत्री की साजिश से हुआ सबकुछ'

वहीं भीम आर्मी (Bhim Army) प्रमुख चंद्रशेखर आजाद भी घटनास्थल और गांव का दौरा करके दिल्ली पहुंच गए हैं। उन्होंने अपने एक फेसबुक वीडियो मैसे में कहा- हम लखीमपुर खीरी इसलिए गए थे क्योंकि वहां मानवता और अन्नदाता का कत्ल हुआ था। सब लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि जब अन्याय हो तो वो न्याय के लिए आवाज उठाएं। लखीमपुर के जिस गांव में भाजपा के नेताओं ने जलियावालां जैसा कांड दोहराया। उसने इतिहास में खून के पन्नों को उजागर कर दिया है। किसी चोर लुटेरे ने कुछ नहीं किया है। एक व्यक्ति जो सत्ता के शीर्ष पर बैठा हुआ है, जो केंद्रीय राज्यमंत्री है और लोगों का प्रतिनिधित्व करता है, उसकी साजिश से सबकुछ हुआ है।

चंद्रशेखर ने आगे कहा कि हम सुबह साढ़े नौ बजे लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे। फिर लखनऊ से सीधे लखीमपुर खीरी के लिए निकले। लेकिन सीतापुर के एक टोल पर पुलिस द्वारा अरेस्ट कर लिया गया और लगातार हम पूछते रहे कि हमारा अपराध क्या है। किसके आदेश पर रोक रहे हो। उनके पास कोई जवाब नहीं था। एक ही जवाब था कि कानून-व्यवस्था बिगड़ जाएगी। कानून व्यवस्था ही बिगड़ा है तभी तो हम वहां जा रहे हैं। वहां कोई नांच गाना नहीं हो रहा था, वहां हत्याएं हुई हैं। वहां पुलिस ने हमें साढ़े तीन घंटे तक हमें बिठाकर रखा।


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