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मध्य प्रदेश

पूर्व शिवसेना नेता की गोली मारकर हत्या, पत्नी बोली हत्यारों ने मुझे और बेटी को पीटा, पति को मार दी गोली

Janjwar Desk
2 Sep 2020 6:24 AM GMT
पूर्व शिवसेना नेता की गोली मारकर हत्या, पत्नी बोली हत्यारों ने मुझे और बेटी को पीटा, पति को मार दी गोली
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photo : social media

इंदौर। मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर में शिवसेना नेता रमेश साहू की मंगलवार 1 सितंबर की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, तेजाजी थाना क्षेत्र में उमरीखेड़ा में शिवसेना नेता रमेश साहू ऊं सांई राम ढाबा एवं रेस्टोरेंट चलाते थे। रात में सोते समय किसी अज्ञात व्यक्ति ने गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या किसने और क्यों की, इसका खुलासा नहीं हो पाया है। हालांकि रमेश साहू के खिलाफ हत्या के आरोप, जमीनी विवाद सहित कई मामले दर्ज हैं, इसलिए पुलिस रंजिश में की गयी हत्या के कोण से भी जांच कर रही है।

इंदौर के पुलिस उप महानिरीक्षक हरिनारायण चारी मिश्रा ने बुधवार 2 सितंबर को बताया, साहू की ढाबा पर ही गोली मारकर हत्या की गई है। सामान बिखरा हुआ है, ढाबे पर चार से पांच कर्मचारी सो रहे थे, मगर किसी ने गोली की आवाज नहीं सुनी। वहां कुत्ता भी है, मगर वह भी नहीं भौंका। पुलिस मामले की जांच कर रही है।'

पुलिस का कहना है कि 62 साल के रमेश साहू ढाबे पर ही बेटी और पत्नी के साथ रहते थे। घटना रात डेढ़ से दो बजे के बीच की है। एंबुलेंस 108 को वारदात के बारे में सूचना मिली थी। उनके नौकरों की मदद से रमेश साहू को अस्पताल लाया गया।

शुरुआती छानबीन के बाद पुलिस का कहना है कि बदमाशों ने साहू पर पीछे से हमला कर उन्हें घायल किया और गोली मार दी। पत्नी और बेटी के साथ भी मारपीट की। वारदात के बाद बदमाश भाग गए, जिसके बाद पत्नी ने पास में सो रहे नौकरों को जानकारी दी। प्रारंभिक तौर पर ज्वैलरी वगैरह तो घर पर ही पड़ी है। रमेश साहू पर सदर बाजार के साथ तेजाजी नगर में भी केस दर्ज हैं। जानकारी के मुताबिक साहू ने 2015 में कुछ लोगों से मारपीट की थी।

रमेश साहू की पत्नी गीता ने पुलिस को बताया कि 'रात करीब 1 बजे मैं पति रमेश और बेटी जया सो रहे थे। देर रात कुछ आवाज आई, जिससे मेरी नींद खुली। मैंने दरवाजा खोला तो दुबले-पतले सांवले कलर के तीन युवक दरवाजे के पास खड़े थे। उनकी उम्र 20 से 25 साल के बीच रही होगी। उनके हाथ में पिस्टल, डंडा और धारदार हथियार थे। मेरे दरवाजा खोलते ही वे धमकाते हुए मेरी ओर बढ़े और मेरे गले से साेने की चेन खींच ली। उन्होंने धमकाया की अगर ​चिल्लायी तो जान से मार देंगे। इसके बाद वे कमरे में घुसे, मैंने उनका विराेध किया ताे मुझे और मेरी बेटी काे डंडे से पीटा। वे कह रहे थे कि तुम्हारे पास जाे भी रुपए पैसे, जेवर या अन्य कीमती सामान हाे जल्दी से दे दाे। उन्हाेंने मेरे कान के टाप्स, चार सोने की चूड़ियां और दो अंगूठियां उतर ली। एक युवक हमारे पास ही खड़ा था, जबकि अन्य बदमाश आलमारी की ओर बढ़े। यहां पर उन्हाेंने ताला ताेड़ते हुए अलमारी और ड्राज का सामान अस्त-व्यस्त कर दिया।'

रमेश शाहू की पत्नी गीता ने पुलिस को बयान दिया कि जब बदमाशों को अलमारी में कुछ नहीं मिला तो वे कट्टा लेकर मेरे पति की ओर बढ़े। कुछ देर बाद गाेली चलने की आवाज आई। गोली मेरे पति रमेश साहू के गले के पास लगी थी। वे लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़े थे। उन्हें मारने के बाद हत्यारे वहां से भाग गये। मैंने ड्राइवर जितेन्द्र और राजेश को उठाया और पूरी घटना बतायी, जिसके बाद 108 को सूचना दी गयी। एम्बुलेंस से हम पति को एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

रमेश शाहू हत्याकांड में थोड़ा संदेह होता है कि आखिर गोलियां चलने के बावजूद किसी नौकर को आवाज क्यों नहीं सुनायी दी।

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