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मध्य प्रदेश

गुना में दलित परिवार पर पुलिसिया बर्बरता का वीडियो वायरल होने पर सीएम शिवराज ने कलेक्टर-एसपी को हटाया

Janjwar Desk
16 July 2020 2:30 AM GMT
गुना में दलित परिवार पर पुलिसिया बर्बरता का वीडियो वायरल होने पर सीएम शिवराज ने कलेक्टर-एसपी को हटाया
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सोशल मीडिया पर आलोचना व पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा सवाल उठाये जाने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कार्रवाई की...

जनज्वार। मध्यप्रदेश के गुना के एक दलित परिवार पर पुलिसिया बर्बरता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए जिले के कलेक्टर एवं एसपी को पद से हटा दिया है। मंगलवार, 14 जुलाई को गुना के कैंट थाना क्षेत्र के जगनपुर चक गांव में जमीन खाली कराने गई पुलिस प्रशासन की टीम ने दलित परिवार पर बर्बरता की थी। सीएम ने इस से संबंधित फोटो व वीडियो वायरल होने और पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता कमलनाथ के ट्वीट के बाद यह कार्रवाई की है। मंगलवार (14 July) को यह घटना दिन के ढाई बजे घटी थी। मुख्यमंत्री ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच का भी आदेश दिया है।

हटाए गए कलेक्टर एस विश्वनाथ की जगह किसे नया कलेक्टर नियुक्त किया जा रहा है, यह देर रात तक स्पष्ट नहीं हो सका था। वहीं, मौजूदा एसपी तरुण नायक को एआइजी बनाकर पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया और उनकी जगह राजेश कुमार को गुना का नया एसपी नियुक्त किया गया।

कमलनाथ ने एक के बाद एक तीन ट्वीट कर सवाल खड़े किए और शिवराज सरकार पर हमला किया। उन्होंने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री शिवराज इस क्षेत्र में तथाकथित जनसेवकों व रसूखदारों द्वारा कब्जा की गई हजारों एकड़ जमीन को खाली कराने में भी ऐसी हिम्मत दिखाएंगे। ऐसी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इसके दोषियों पर तत्कार कार्रवाई हो अन्यथा कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।



कमलनाथ ने लिखा कि पीड़ित व्यक्ति का जमीन संबंधी कोई शासकीय विवाद है तो भी उसे कानून सम्मत ढंग से हल किया जा सकता है। लेकिन, कानून हाथ में लेेकर उसकी, उसकी पत्नी व बच्चों व परिजनों की इतनी बेरहमी से पिटाई करना कहां का न्याय है, क्या इसलिए कि वो एक दलित परिवार है, एक किसान परिवार है।



यह मामला गुना के कैंट थाना क्षेत्र के जगनपुर चक नामक जगह का है, जहां मंगलवार को काॅलेज को आवंटित भूमि को खाली कराने गई थी। उक्त भूमि को किसी अन्य व्यक्ति से एक दलित परिवार ने अधबटाई पर लगाया था और झुग्गी बनाकर उसी में रहते व खेती करते हैं। जमीन पर उनकी खड़ी फसल लगी हुई है। सरकारी अमले ने दलित दंपती राजू अहिरवार व सावित्री अहिरवार की खड़ी फसल पर जेसीबी चलवा दी थी, जिसके विरोध में दोनों ने कीटनाशक पी लिया। पुलिस ने इस दौरान दंपती के परिवार जनों की खूब पिटाई की। मां-पिता के जहर पी लेने से उनके छह छोटे बच्चे बिलख कर रोने लगे। इस घटना का वीडियो व फोटो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोगों ने उसे खूब शेयर किया और मध्यप्रदेश सरकार व पुलिस की निंदा की। मुख्यमंत्री शिवराज से लोगों ने सोशल मीडिया पर इस्तीफा भी मांगा और उन्हें नकली व चुनावी मामा बताया।

पीड़ित ने बताया था कि उसने यह जमीन गप्पू पारदी से अध बटाई पर ली है और उन पर खेती की वजह से दो लाख का कर्ज भी है। अगर फसल नष्ट हो गई तो उनकी स्थिति और खराब हो जाएगी। पीड़ित परिवार का बस इतना आग्रह था कि फसल तैयार हो जाने के बाद काॅलेज निर्माण के लिए जमीन खाली कराने संबंधी जो कार्रवाई करनी हो की जाए।

कीटनाशक पीने वाले दंपती राजू अहिरवार और सावित्री अहिरवार का अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनके छह छोटे बच्चे व एक भाई है। भाई पुलिस की पिटाई से बेहोश हो गया था।

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