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मथुरा : शराब और मीट की बिक्री पर पाबंदी का आदेश कहीं लॉकडाउन की तरह तस्करों की तिजोरी ना भरने लगे!

Janjwar Desk
31 Aug 2021 6:45 PM GMT
मथुरा : शराब और मीट की बिक्री पर पाबंदी का आदेश कहीं लॉकडाउन की तरह तस्करों की तिजोरी ना भरने लगे!
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योगी आदित्यनाथ (photo-twitter)

2017 में मथुरा को नगर निगम बनाया, सात तीर्थ घोषित किए गये थे। अब मथुरा-वृंदावन में मद्य-मांस की बिक्री पर पाबंदी लगेगी। किसी को उजाड़े बिना सुनियोजित विकास किया जाएगा...

जनज्वार, मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण (Shrikrishna) की जन्मभूमि मथुरा (Mathura) में शराब और मांस की बिक्री अब नहीं होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने ये भी सुझाव दिया कि जो लोग भी इन कामों में लगे थे, वो भी अब दूध बेचने सहित दूसरे काम कर सकते हैं।

दरअसल, योगी आदित्यनाथ सोमवार 30 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाने मथुरा पहुंचे थे। यहां उन्होंने कहा, '2017 में मथुरा को नगर निगम बनाया, सात तीर्थ घोषित किए गये थे। अब मथुरा-वृंदावन में मद्य-मांस की बिक्री पर पाबंदी लगेगी। किसी को उजाड़े बिना सुनियोजित विकास किया जाएगा।

योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में शराब और मांस (Wine&Meat) की बिक्री पर रोक लगाने का ऐलान कर दिया। साथ ही अधिकारियों को निर्देश देते हुए ये भी कहा कि वो इसका प्लान तैयार करें और इन कामों में लगे लोगों को दूसरी गतिविधियों में शामिल करने की योजना बनाएं।

मुख्यमंत्री ने सुझाव देते हुए कहा कि मथुरा की महिमा को पुनर्जीवित करन के लिए जो लोग मांस और शराब की बिक्री के काम में लगे थे, वो दूध बेच सकते हैं, क्योंकि मथुरा दूध का उत्पादन करने के लिए जाना जाता था।

सीएम ने कोरोना संक्रमण को खत्म करने की भी प्रार्थना की। कहा कि 'बृजभूमि को विकसित करने के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी और इसके लिए फंड की कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा लंबे समय से उपेक्षित आस्था के स्थानों को अब पुनर्जीवित किया जा रहा है।

पत्रकार व फिल्म निर्माता विनोद कापरी ने शराब व मीट बंदी के फैसले पर ट्वीट किया है, 'याद रखिएगा ये सब धीरे-धीरे पूरे राज्य में होगा और फिर इनकी कोशिश होगी कि देश में भी बैन हो। ये आपके चलने फिरने, पहनने, पढ़ने, खाने पीने सब पर नज़र रखना चाहते हैं। और तालिबान की तरह इनका पहला निशाना महिलाएँ ही होंगी।'

लॉकडाउन की बंंदी रही बेअसर

योगी सरकार ने इससे पहले लॉकडाउन के दौरान शराब बंदी कर दी थी। उस समय की बंदी में जमाखोरों और तस्करों ने तिजोरिंयां भर लीं थीं। यह हमेशा से देखा जाता रहा है कि सरकार के नियम कानूनो को उनके अपने ही मातहत ठेंगा दिखाते पाए जाते हैं। लॉकडाउन में धड़ल्ले से शराब बिकी थी। लोगों ने कई गुना रेट पर खरीदकर पी थी। इस मुताबिक लगता तो नहीं की इन आदोशों का पूर्णतया पालन हो ही सकेगा, उल्टा तस्करी और अपराध बढ़ने का खतरा है सो अलग।

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