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राहुल गांधी का सीधा हमला, बोले- PM मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने किया है 'देशद्रोह'

Janjwar Desk
23 July 2021 9:21 AM GMT
राहुल गांधी का सीधा हमला, बोले- PM मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने किया है देशद्रोह
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पेगासस स्पाइवेयर मामले को लेकर राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर हमला बोला है

राहुल गांधी ने इस स्पाइवेयर से की गई जासूसी को निजी स्वतंत्रता का घोर उल्लंघन बताते हुए यहां तक कहा कि इसे 'देशद्रोह' कहा जाएगा..

जनज्वारपेगासस स्पाइवेयर कांड के सामने आने के बाद से ही देश का विपक्ष खासा आक्रामक है। कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों ने इसे लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। खासकर कांग्रेस इस मामले के प्रकाश में आने के बाद से ही आक्रामक तेवर में है। अब पार्टी के पूर्व अध्यक्ष व सांसद राहुल गांधी ने इसे लेकर सीधा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को घेरा है। राहुल गांधी ने इस स्पाइवेयर से की गई जासूसी को निजी स्वतंत्रता का घोर उल्लंघन बताते हुए यहां तक कहा कि इसे 'देशद्रोह' कहा जाएगा।

आज शुक्रवार को राहुल गांधी ने मीडिया से कहा, ''पेगासस एक हथियार है जिसका उपयोग आतंकवादियों और अपराधियों के खिलाफ किया जाता है। हमारे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने भारत के संस्थाओं और लोकतंत्र के खिलाफ इसका उपयोग किया। मेरा फोन टैप किया। यह मेरी निजता का मामला नहीं है। मैं विपक्ष का एक नेता हूं और मैं जनता की आवाज उठाता हूं। यह जनता की आवाज पर आक्रमण है।"

राहुल गांधी ने इस मामले को राफेल सौदों से जोड़ते हुए यहां तक कह दिया कि राफेल जांच को रोकने के लिए ऐसा किया गया है। राहुल गांधी ने कहा, "राफेल मामले की जांच रोकने के लिए पेगासस का उपयोग किया गया। इन्होंने इसका इस्तेमाल सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ किया है। नरेंद्र मोदी जी ने इस हाथियार का उपयोग हमारे देश के खिलाफ किया। इसके लिए सिर्फ एक शब्द है 'देशद्रोह'।"

उन्होंने कहा कि पेगासस को इजरायली राज्य द्वारा एक हथियार के रूप में वर्गीकृत किया गया है और माना जाता है कि उस हथियार का इस्तेमाल आतंकवादियों के खिलाफ किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने इसका इस्तेमाल भारतीय राज्य और हमारी संस्थाओं के खिलाफ किया है।

उल्लेखनीय है कि मीडिया संस्थानों के एक अंतरराष्ट्रीय संगठन ने दावा किया था कि इजराइल के जासूसी साफ्टवेयर के जरिए भारत के दो केन्द्रीय मंत्रियों, 40 से अधिक पत्रकारों, विपक्ष के तीन नेताओं सहित कई कारोबारियों और मानव अधिकार कार्यकर्ताओं के 300 से अधिक मोबाइल नंबर हैक किए गए हो सकते हैं। हालांकि सरकार ने निगरानी संबंधी आरोपों को खारिज किया है। सरकार ने कहा, 'इससे जुड़ा कोई ठोस आधार या सच्चाई नहीं है।'

इस कथित रिपोर्ट को लेकर कहा गया है कि इजरायली निगरानी कंपनी एनएसओ ग्रुप के पेगासस सॉफ्टवेयर के माध्यम से संभवतया इनकी हैकिंग की गई है।

रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि निगरानी किए जाने वाले नम्बरों में भारत के जो नंबर हैं उनमें 40 से अधिक पत्रकार, तीन प्रमुख विपक्षी हस्तियां, एक संवैधानिक अधिकारी, दो केंद्रीय मंत्री, सुरक्षा संगठनों के वर्तमान व पूर्व प्रमुख, एक अधिकारी और कई कारोबारियों के नंबर शामिल हैं।

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