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बिहार चुनाव 2020

पीएम ने जताया शोक, लालू बोले-परसों ही कहा था आप कहीं नहीं जा रहे, ये आपने क्या किया रघुवंश बाबू

Janjwar Desk
13 Sep 2020 8:02 AM GMT
पीएम ने जताया शोक, लालू बोले-परसों ही कहा था आप कहीं नहीं जा रहे, ये आपने क्या किया रघुवंश बाबू
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रघुवंश सिंह और लालू प्रसाद  File photo

पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद के निधन से राजनीतिक हलके में शोक की लहर छा गयी है, डॉ रघुवंश सिंह के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव सहित कई लोगों ने शोक व्यक्त किया है...

जनज्वार ब्यूरो, पटना। पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉक्टर रघुवंश प्रसाद सिंह का नई दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया है। उन्होंने रविवार को यहां आखिरी सांस ली। शनिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। हाल ही में उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से इस्तीफा दिया था।

उनके निधन से राजनीतिक हलके में शोक की लहर छा गयी है। डॉ रघुवंश सिंह के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव सहित कई लोगों ने शोक व्यक्त किया है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि रघुवंश बाबू अपने क्षेत्र के विकास के लिए हमेशा चिंतित रहते थे। उन्होंने जो पत्र मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखा था, उसमें भी क्षेत्र के विकास की ही बात है।

लालू प्रसाद ने उनके इस्तीफे की चिट्ठी के बाद मार्मिक पत्र लिखा था। आज उनके निधन के बाद उन्होंने कहा कि मैनें परसों ही आपसे कहा था कि आप कहीं नहीं जा रहे हैं। लेकिन आप इतनी दूर चले गए। उन्होंने लिखा, 'प्रिय रघुवंश बाबू! ये आपने क्या किया? मैनें परसों ही आपसे कहा था आप कहीं नहीं जा रहे है। लेकिन आप इतनी दूर चले गए। नि:शब्द हूं। दुःखी हूं। बहुत याद आएंगे।'

कई दफा विधायक, सांसद और मंत्री रहने वाले रघुवंश सिंह कद्दावर और साफ-सुथरी छवि वाले नेता थे। वे पांच दफा सांसद रहे। रघुवंश प्रसाद का जन्म छह जून 1946 को बिहार के वैशाली जिला के शाहपुर गांव में हुआ था। उन्होंने बिहार विश्वविद्यालय से गणित में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की थी। वे समाजवादी विचारधारा में थे और उन्होंने लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में हुए आंदोलनों में भी भाग लिया था।

इससे पहले रघुवंश सिंह कोरोना से संक्रमित हो गए थे। पटना एम्स में इलाज में बाद वे ठीक हो गए थे। उसके बाद उन्हें कुछ और समस्याएं होने के बाद दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया था। बताया जाता है कि कल उन्हें सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद वेंटिलेटर पर रखा गया था।

रघुवंश सिंह द्वारा तीन दिन पहले दिए गए इस्तीफे के बाद लालू प्रसाद ने उन्हें संबोधित करते हुए एक मार्मिक चिट्ठी लिखी थी। इस चिट्ठी में उन्होंने कहा था कि आप कहीं नहीं जा रहे। आलस 40 वर्ष पुराना संबन्ध है। आपके साथ राजनीतिक, सामाजिक और पारिवारिक समस्याएं सुलझाई हैं। आप ठीक हो जाइए, बैठकर बात करेंगे।

रघुवंश सिंह पहली बार साल 1977 में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर विधायक बनकर सदन में पहुंचे थे। उस वक्त वे बेलसंड विधानसभा क्षेत्र से जीते थे।

उसके बाद वे बिहार सरकार में मंत्री भी बने। साल 1977 से 1979 तक तत्कालीन सरकार में वे विद्युत मंत्रालय के मंत्री रहे। उसके बाद 1995 में तत्कालीन लालू प्रसाद की सरकार में ऊर्जा मंत्री रहे। इस बीच वे साल 1990 में विधान परिषद के सदस्य बने और बिहार विधान परिषद के डिप्टी स्पीकर रहे।

साल 1996 में वे पहली बार लोकसभा सांसद बने थे और उसके बाद वे 5 दफा सांसद रहे। केंद्र की तत्कालीन यूपीए सरकारों में वे एक बार राज्यमंत्री और एक बार कैबिनेट मंत्री रहे। साल 1996 में वे केंद्रीय पशुपालन राज्यमंत्री और 1997 में वे खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के कैबिनेट मंत्री बने थे।

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