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Punjab News : वीआईपी कल्चर खत्म कर जल्द ही जेलों में बनायेंगे वीआईपी सेल - भगवंत मान

Janjwar Desk
15 May 2022 3:58 AM GMT
भगवंत मान पहली कैबिनेट बैठक में 36 हजार नौकरियां पहली कलम से पक्की कर सकते हैं।
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आप नेता भगवंत मान।

Punjab News : पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान ने प्रदेश की सभी जेलों से वीआईपी कल्चर (VIP Culture) खत्म करने की घोषणा की है।

Punjab News : भाजपा नेता ​तजिंदर पाल सिंह बग्गा मामले में झटका खाने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) नये सिरे से एक्शन मोड में आ गए हैं। उन्होंने पंजाब की जेलों में वीआईपी सेल (VIP Cell ) को खत्म कर उसे प्रशासनिक ब्लॉक में बदलने का फैसला लिया हैं। यानि मान सरकार ने पंजाब (Punjab) की जेलों में वीआईपी कल्चर ( VIP Culture ) व्यवस्था खत्म करने का निर्णय लिया है। फैसला लिया गया है। साथ ही आप सरकार ने जेलों में मिलने वाले मोबाइल फोन पर सख्त पाबंदी लगा दी है।

भगवंत मान ( CM Bhagwant Mann ) सरकार ने नए आदेश के तहत पंजाब की जेलों (Jails) में बने वीआईपी सेल (VIP Cells) पूरी तरह से खत्म कर दिए गए हैं। दरअसल, जेलों से मोबाइल फोन बरामद होने के लगातार बढ़ते मामलों पर मान सरकार ने सख्त रुख अपनाया हुआ है। इसके लिए अब पंजाब की जेलों में लगातार सर्च ड्राइव चलाई जा रही हैं।

काले कारोबार का धंध भी होगा समाप्त

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया है कि उनकी सरकार बनने के बाद से पंजाब की सभी जेलों से अब तक 710 मोबाइल फोन (Mobile Phone) बरामद किए गए हैं। इससे साफ है कि पंजाब की जेलों से काला कारोबार संचालित हो रहा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए आप सरकार ने फैसला लिया है कि चाहे कुछ हो जाए वो और उनकी सरकार अब जेल के अंदर से संचालित होने वाले काले कारोबार को नहीं चलने देंगे।

जेल अधिकारियों पर गिरी गाज

बता दें कि पंजाब की जेलों में तैनात वरिष्ठ अधिकारियों और सभी जेल कर्मचारियों को लगातार चेतावनी दी जा रही है। वहीं पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान का कहना है कि काम में लापरवाही बरतने वाले कुछ अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। सुधार घर हो या जेल अब असल मायनों में हम सभी अपराधियों को सुधारेंगे।

बंदूक कल्चर वाले गायकों को चेतावनी

Punjab News : सीएम भगवंत मान ने उन गायकों को चेतावनी दी जो कथित तौर पर अपने गीतों के जरिए बंदूक संस्कृति को प्रोत्साहित कर रहे हैं। उन्होंने इस तरह के चलन को अस्वीकार्य करार दिया और कहा कि इसमें शामिल लोगों से सख्ती से निपटा जाएगा। दरअसल, कुछ पंजाबी गायकों द्वारा बंदूक संस्कृति और गिरोहबाजी को प्रोत्साहन देने के चलन जोरों पर है। ऐसे गायकों से उन्होंने अपील की है कि वे अपने गीतों के जरिए समाज में हिंसा नफरत और द्वेष फैलाने से बचें।


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