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JMM विधायक के ट्वीट और CM के री-ट्वीट से उठे सवाल, क्या 'नियुक्ति वर्ष का करो अंतिम संस्कार' नारे से सरकार सहमत?

Janjwar Desk
23 Jun 2021 11:36 AM GMT
JMM विधायक के ट्वीट और CM के री-ट्वीट से उठे सवाल, क्या नियुक्ति वर्ष का करो अंतिम संस्कार नारे से सरकार सहमत?
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(प्रदेश के युवाओं को विपक्षी दलों का खूब साथ मिल रहा है। लेकिन जेएमएम विधायक भी इनके साथ, इनके कैंपेन को समर्थन दे रहे हैं।)

रोजगार की मांग को लेकर झारखंड के बेरोजगार युवा सोशल मीडिया पर कैंपेन चला रहे हैं, जहां उन्होंने 'नियुक्ति वर्ष का करो अंतिम संस्कार' का नारा दिया है, जेएमएम विधायक ने इस कैंपेन का साथ दिया है, बड़ी बात ये है कि सीएम ने खुद इसे री-ट्वीट किया है। जिसपर बीजेपी ने तंज कसा है कि सरकार से कोई उम्मीद ना पाले...

जनज्वार ब्यूरो/रांची। युवाओं को रोजगार दिलाने के वादे के साथ हेमंत सरकार सत्ता में आय़ी थी। जेएमएम ने अपने मेनिफेस्टो में कहा था कि सरकार बनने के दो सालों में सूबे के पांच लाख युवाओं को रोजगार दिया जायेगा। हेमंत सरकार के कार्यकाल के 18 महीने पूरे हो चुके हैं, लेकिन बेरोजगारी आज भी प्रदेश में एक ज्वलंत मुद्दा है। सरकार की वादाखिलाफी से तंग युवा अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

हालांकि सरकार अब भी युवाओं का रोजगार दिलाने का आश्वासन दे रही है। और जेएमएम के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने 2021 को नियुक्ति वर्ष घोषित किया है। लेकिन आश्वासन की घुट्टी से तंग प्रदेश के युवाओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश के युवा ट्विटर पर एक महाअभियान नियुक्ति वर्ष का करो अंतिम संस्कार चला रहे हैं, जिसमें बेरोजगार युवा बड़ी संख्या में #jharkhandi_yuva_mange_rojgar कैंपेन के तहत ट्वीट कर रहे हैं।

प्रदेश के युवाओं को विपक्षी दलों का खूब साथ मिल रहा है। लेकिन जेएमएम विधायक भी इनके साथ, इनके कैंपेन को समर्थन दे रहे हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने युवाओं की इस मांग का समर्थन किया है। उन्होंने इसे लेकर एक ट्वीट किया है। विधायक ने अपने ट्वीट में 'नियुक्ति वर्ष का करो अंतिम संस्कार' का बैनर भी लगाया है। आश्चर्य की बात ये है कि सीएम हेमंत सोरेन ने खुद इसे री-ट्वीट किया है। तो ऐसे में सवाल उठने लगे है कि क्या सरकार खुद युवाओं के इस नारे 'नियुक्ति वर्ष का करो अंतिम संस्कार' के साथ खड़ी है।

'नियुक्ति वर्ष का करो अंतिम संस्कार' से सहमत सरकार!

गिरिडीह से जेएमएम के विधायक सुदिव्य कुमार ने सोशल मीडिया पर राज्य सरकार के खिलाफ चल रहे कैंपेन का समर्थन किया है। उन्होंने इसे लेकर ट्वीट भी किया है। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, कुछ दिनों से सोशल मीडिआ के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर झारखण्ड के युवक और युवतियां नौकरियों के प्रश्न पर उद्वेलित है। उनके द्वारा विशेष कर @WeAreRanchi जिन्होंने मुझे टैग किया और आपके द्वारा चलाये जा रहे हैश टैग #jharjhandi_yuva_mange_rojgar का मैं पूर्ण रूपेण समर्थन करता हूँ। इसके साथ अपनी ट्वीट में उन्होंने एख बैनर लगाया है, जिसमें 'नियुक्ति वर्ष का करो अंतिम संस्कार' नारा भी लिखा गया है।

हालांकि इस बाद रोजगार के मसले पर उन्होंने कई ट्वीट किये और प्रदेश के युवाओं को आश्वासन देने की कोशिश की कि सरकार बेरोजगारी दूर करने में जुटी है। अपने एक ट्वीट में उन्होंने लिखा कि 2021 को सरकार ने नियुक्ति वर्ष घोषित किया है। इसमें अभी छह महीने बाकी है। आप अधीर ना हो, ये 'जुमला' नहीं है।

सीएम सोरेन ने किया री-ट्वीट

जेएमएम विधायक के इस ट्वीट को सूबे के मुखिया हेमंत सोरेन ने री-ट्वीट किया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या सरकार खुद अपनी घोषणा के खिलाफ है। 2021 को पहले नियुक्ति वर्ष घोषित करना। फिर 'नियुक्ति वर्ष का करो अंतिम संस्कार' वाले नारे को री-ट्वीट कर सरकार अपनी ही बात से मुकर रही है।


युवाओं को विपक्ष का मिला साथ

बेरोजगारी जैसे ज्वलंत मुद्दे पर विपक्ष अपनी राजनीति चमकाने का मौका हाथों से जाने नहीं देना चाहता। युवाओं के सोशल मीडिया कैंपेन को बीजेपी का भरपूर साथ मिल रहा है। वही सीएम द्वारा इसे री-ट्वीट करने को लेकर राज्यसभा सांसद और बीजेपी नेता महेश पोद्दार ने कहा कि सरकार ने स्वयं नियुक्ति वर्ष का अंतिम संस्कार कर दिया। अब कोई उम्मीद न पालें।

वहीं 21 जून को ट्विटर पर ये अभियान शुरू हुआ। और उसी दिन विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने ट्वीट कर हेमंत सरकार पर युवाओं को ठगने का आरोप लगाया।

अपने ट्वीट में उन्होंने कहा कि जेएमएम ने घोषणापत्र में एक साल में 5 लाख रोजगार का वादा किया। फिर 2021 को नियुक्ति का वर्ष बताया।पर वोट देने वाला युवा ठगा गया। सत्ता के दलाल बालू, पत्थर, शराब, बीड़ी पत्ता से अपनी जेबें भरना चाहते हैं। नौकरी की आश में युवा निराश-हताश हो रहे हैं। #jharkhandi_yuva_mange_rojgar

सूबे के पहले और पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी के अलावे बीजेपी नेता भानुप्रताप शाही, नवीन जायसवाल, दीपक प्रकाश, आजसू प्रमुख सुदेश महतो सहित कई नेताओं ने इसका समर्थन किया है।

बता दें कि ट्विटर पर झारखंड के बेरोजगार युवा 21 जून से #jharkhandi_yuva_mange_rojgar कैंपेन चला रहे हैं, जो तीन जुलाई तक चलेगा। युवाओं का कहना है कि वो इस अभियान के माध्यम से हेमंत सरकार की ओर से घोषित नियुक्ति वर्ष का अंतिम संस्कार कर रही है। ट्विटर पर ये कैंपेन ट्रेंड कर रहा है। बड़ी संख्या में बेरोजगार युवा इससे जुड़ रहे हैं।

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