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राजस्थान

नाबालिग रेप मामले में जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम के बैरक में मिला मोबाइल फोन

Janjwar Desk
25 Sep 2020 2:44 AM GMT
नाबालिग रेप मामले में जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम के बैरक में मिला मोबाइल फोन
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77 साल के आसाराम को नाबालिग से दुष्कर्म मामले में जोधपुर की अदालत से उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। आसाराम 2013 से जेल में बंद हैं।

जनज्वार ब्यूरो, राजस्थान। जोधपुर सेंट्रल जेल बंद अति विशेष कैदी स्वयंभू संत आसाराम की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रहीं हैं। अब उनकी बैरक से तलाशी में मोबाइल फोन बरामद हुआ है। इससे पहले इसी जेल में 5 कैदियों से 4 मोबाइल हैंडसेट की बरामदगी हुई थी। यह मोबाइल कैदियों ने अपने गुप्तांगों में छुपा रखे थे।

जोधपुर जेल में गुरुवार, 24 सितंबर को हुई तलाशी में कैदियों की एक और करतूत सामने आई है। हाई प्रोफाइल बदमाशों और नेताओं के साथ इस जेल में सजा काट रहे आसाराम के बैरक से भी अब एक मोबाइल फोन मिला है। जेल की बैरक नंबर 2 में मिले इस मोबाइल को लेकर डीसीपी धर्मेंद्र सिंह यादव ने पुष्टि की है। 77 साल के आसाराम को नाबालिग से दुष्कर्म मामले में जोधपुर की अदालत से उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। आसाराम 2013 से जेल में बंद हैं। आसाराम के साथ उनकी दो सहयोगियों शिल्पी और शरत को भी 20.20 साल की सजा हुई थी।

बता दें कि गैंगस्टर और क्राइम वर्ल्ड में कुख्यात लोगों के जेल से ही फोन पर अपनी गैंग चलाने के कई बार आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में जोधपुर सेंट्रल में एक के बाद एक और मोबाइल मिलने से जेल सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले कैदियों के गुप्तांगों में छुपाए गए 4 मोबाइल फोन बरामद होने से सनसनी मच गई थी।

डीसीपी धर्मेंद्र सिंह यादव सहित पुलिस अधिकारियों ने जेल में मोबाइल को लेकर सर्च अभियान चलाया था। इस दौरान जोधपुर सेंट्रल जेल की बैरक नंबर 2 जिसमें आसाराम बंद है, उसमें एक मोबाइल मिला। यह मोबाइल आसाराम के शिष्य विवेक मिश्रा से बरामद हुआ जिसके खिलाफ थाने में मामला दर्ज करवाया गया है।

आपको बता दें कि आसाराम के खिलाफ 21 अगस्त 2013 को पुलिस कम्प्लेन हुई थी। कम्प्लेन में सहारनपुर की रहने वाली 16 साल की लड़की से दुष्कर्म का आरोप था। जिसके बाद तथ्य पाए जाने के बाद आसाराम को 1 सितंबर 2013 को पोक्सो एक्ट में जोधपुर जेल भेजा गया था। इसके बाद गुजरात की दो बहनो ने आरोप लगाया जिसमें आसाराम का पुत्र नारायण साईं भी जेल भेजा गया। बाद में गवाहों पर हमले करवाने का भी केस आसाराम पर दर्ज किया गया।

डीसीपी धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि जेल से संचालित हो रहे अपराधों पर लगाम कसने के उद्देश्य से जेल में सर्च अभियान चलाया गया था। इसमें बैरेक नंबर 2 जिसमें एक मोबाइल मिला है। जिस व्यक्ति के पास से मोबाईल बरामद हुआ है वह आसाराम का शिष्य बताया जा रहा हैए जिसके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराए जाने की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है।

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