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पायलट गुट को राहत, राजस्थान हाईकोर्ट ने मौजूदा स्थिति बरकरार रखने को कहा

Janjwar Desk
24 July 2020 9:57 AM GMT
पायलट गुट को राहत, राजस्थान हाईकोर्ट ने मौजूदा स्थिति बरकरार रखने को कहा
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File photo

राजस्थान हाईकोर्ट ने विधानसभा स्पीकर की नोटिस पर 'स्टेटस क्यो' लगा दिया है। अर्थात स्पीकर अब पायलट सहित अन्य 19 विधायकों के विरुध्द कार्रवाई नहीं कर सकेंगे।

जयपुर। सचिन पायलट समेत 19 विधायकों को दी गई नोटिस पर राजस्थान हाईकोर्ट ने 'स्टेटस क्यो' लगा दिया है। अर्थात विधानसभा स्पीकर अगले आदेश तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर सकेंगे। तबतक के लिए सचिन पायलट समेत इन 19 विधायकों की सदस्यता पर कोई खतरा नहीं होगा।

राजस्थान हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर सुनवाई पूरी हो चुकी थी और आज 24 जुलाई को कोर्ट ने इसपर अपना आदेश सुनाया है। इसके अलावा हाईकोर्ट ने इन विधायकों की ओर से अयोग्यता के मामले में केंद्र सरकार को भी पक्षकार बनाए जाने की मांग भी स्वीकार कर ली है।

स्पीकर ने विगत 14 जुलाई को सचिन पायलट समेत 19 विधायको को नोटिस जारी कर दो दिनों में जबाब मांगा था कि व्हिप जारी होने के बावजूद विधायक दल की बैठक में अनुपस्थित रहने को लेकर अपनी सफाई दें। इसके बाद पायलट गुट ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें स्पीकर के इस आदेश को चुनौती दी गई थी।

इसके बाद स्पीकर की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किया गया था। याचिका में स्पीकर सीपी जोशी की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट को फैसला सुनाने से रोकने की अपील की गई थी। सभी पक्षों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इसपर रोक लगाने से इंकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस मामले को व्यापकता से देखने की जरूरत है।

इससे पहले सचिन पायलट और कांग्रेस के 18 अन्य विधायकों द्वारा राजस्थान हाईकोर्ट में दायर रिट याचिका पर सुनवाई पूरी हो चुकी थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि आदेश आने तक स्पीकर पायलट और उनके खेमे के उन विधायकों, जिन्हें नोटिस दी गई है, के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। मंगलवार को हाईकोर्ट में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अपनी दलीलें रखीं थीं।

पायलट एवं अन्य विधायकों की याचिका पर पिछले हफ्ते विगत शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति इंद्रजीत महंती और न्यायमूर्ति प्रकाश गुप्ता की बेंच में सुनवाई शुरू हुई थी। दुबारा मंगलवार को सुनवाई हुई थी। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।

अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में आगे की सुनवाई होनी है, जो सँभवतः सोमवार को हो सकती है।

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