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राजनीति

Rajya Sabha Election 2022 : जी न्यूज के मालिक पर फिर बरसेगी BJP की कृपा, राजस्थान से सुभाष चंद्रा को राज्यसभा भेजने में सपोर्ट

Janjwar Desk
1 Jun 2022 12:14 PM IST
Rajya Sabha Election 2022  : जी न्यूज के मालिक पर फिर बरसेगी BJP की कृपा, राजस्थान से सुभाष चंद्रा को राज्यसभा भेजने में सपोर्ट
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Rajya Sabha Election 2022 : राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन भरने के बाद डॉ. सुभाष चंद्रा ने जीत का दावा किया है। उनके दावे के बाद से साल 2016 का हरियाणा स्याही चेंज कांड एक बार फिर से चर्चा में है।

Rajya Sabha Election 2022 : राजस्थान ( Rajasthan News ) की 4 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव में प्रत्याशियों ने मंगलवार यानि 31 मई की सुबह नामांकन दाखिल किए। भाजपा ( BJP ) की ओर से घनश्याम तिवाड़ी और बिजनेसमैन सुभाष चंद्रा ( Subhash Chandra ) ने BJP समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरा है। सुभाष चंद्रा ने नामांकन के बाद जीत का दावा किया है। उनके दावे के बाद से साल 2016 का हरियाणा स्याही चेंज कांड फिर से चर्चा में है। माना जा रहा है कि डॉ. चंद्रा ( Dr Subhash Chandra ) भाजपा के आशीर्वाद से इस बार भी राज्यसभा सांसद बन जाएंगे।

दूसरी तरफ कांग्रेस ( Congress) की ओर से मुकुल वासनिक, रणदीप सुरजेवाला और प्रमोद तिवारी ने नामांकन दाखिल किए हैं। तीनों उम्मीदवार नामांकन से पहले पीसीसी गए, जहां उनका स्वागत किया गया। अब वोटिंग वरीयता में तीसरे नंबर पर रहने वाले उम्मीदवार पर सबकी निगाहें रहेंगी। भाजपा समर्थक उम्मीदवार विधायकों में सेंधमारी करने में सफल रहता है तो कांग्रेस के तीसरे उम्मीदवार के सामने दिक्कत होगी।

संख्या बल भाजपा समर्थित प्रत्याशी के खिलाफ

दरअसल, सुभाष चंद्रा ( Subhash Chandra ) हरियाणा से राज्यसभा से निर्दलीय सांसद हैं। अब उनका टर्म पूरा हो रहा है। हरियाणा में नंबर गेम इस बार डॉ. चंद्रा के पक्ष में नहीं है। सुभाष चंद्रा ने राजस्थान से BJP के समर्थन से राज्यसभा चुनाव लड़ने की रणनीति बनाई है। मौजूदा संख्या बल के हिसाब से BJP एक सीट पर जीत रही है। दूसरी सीट के लिए उसे 11 वोट चाहिए। BJP ने घनश्याम तिवाड़ी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। सुभाष चंद्रा को भाजपा ने अपना समर्थन दिया है। माना जा रहा हे कि हरियाणा की तरह राजस्थान में भी कांग्रेस-निर्दलीय विधायकों में तोड़फोड़ कर चुनाव जीत सकते हैं। हालांकि, समीकरण उनके पक्ष में नहीं हैं।

सुभाष चंद्रा को जीत के लिए चाहिए 11 विधायक

राजस्थान विधानसभा में भाजपा के 71 विधायक हैं। एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों के वोट चाहिए। दो उम्मीदवारों के लिए 82 वोट चाहिए। BJP समर्थक दूसरे उम्मीदवार को जीतने के लिए 11 वोट कम पड़ रहे हैं। ऐसे में यदि हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी के 3 विधायकों का सपोर्ट भाजपा को मिलता है तो कुल संख्या 74 हो जाएगी। इसके बावजूद चंद्रा को 8 वोटों की जरूरत पड़ेगी। यह वोट कांग्रेसी खेमे में सेंध लगाकर हासिल करना संभव है।

ऐसा होने पर ही भाजपा समर्थक चंद्रा चुनाव जीत सकते हैं।

दूसरी तरफ कांग्रेस के नेता पार्टी के 108, 13 निर्दलीय, एक आरएलडी, दो सीपीएम और दो बीटीपी विधायकों को मिलाकर 126 विधायकों के समर्थन का दावा कर रहे हैं। यानि इस बार राजस्थान में मुकाबला काफी रोचक है। कांग्रेसी खेमे से BJP कुछ निर्दलीयों और नाराज कांग्रेस विधायकों में सेंध लगाने के प्रयास में है।

क्या है हरियाणा का स्याही चेंज कांड?

इस बार सुभाष चंद्रा ( Subhash Chandra ) के राजस्थान से राज्यसभा के उम्मीदवार बनने से एक बार फिर हरियाणा के पेन चेंज कांड की यादें ताजा हो गई हैं। 2016 में हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में BJP ने निर्दलीय के तौर पर सुभाष चंद्रा को बाहर से समर्थन किया था। कांग्रेस और इनेलो ने सुप्रीम कोर्ट के वकील आरके आनंद को उम्मीदवार बनाया था। सुभाष चंद्रा के पक्ष में संख्या बल नहीं था, लेकिन 14 कांग्रेस विधायकों के वोट गलत पेन यूज करने की वजह से रद्द हो गए थे।

2016 में 14 विधायकों का वोट क्यों हुआ था रद्द

हर बार राज्यसभा चुनावों ( Rajya Sabha Election 2022 ) में वोटिंग बैंगनी स्याही के पेन से होती है। वोटिंग के दौरान रणनीतिक रूप से किसी ने बैंगनी स्याही की जगह ब्ल्यू स्याही वाला पेन रख दिया। 14 कांग्रेस विधायकों ने गलत स्याही से वोट किया, जिसके बाद उनके वोट रद्द हो गए। इससे कम वोट होते हुए भी सुभाष चंद्रा जीत गए और कांग्रेस उम्मीदवार हार गया। छह साल पहले इसको लेकर भारी विवाद हुआ था। आरके आनंद ने धांधली का आराेप लगाते हुए कोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर अभी भी केस चल रहा है। राजस्थान में भी संख्या बल सुभाष चंद्रा के पक्ष में नहीं है, लेकिन सियासी हलकों में हरियाणा का 6 साल पुराना किस्सा दोहराने को लेकर चर्चा चरम पर है। बता दें कि भाजपा (BJP) समर्थित उम्मीदवार डॉ. सुभाष चंद्रा ( Dr. Subhash Chandra ) एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन हैं।


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