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RSS ही तालिबान है, ये दाढ़ी काटते हैं-चूड़ी वाले को मारते हैं, RJD के बिहार प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह का निशाना

Janjwar Desk
1 Sep 2021 6:31 AM GMT
RSS ही तालिबान है, ये दाढ़ी काटते हैं-चूड़ी वाले को मारते हैं, RJD के बिहार प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह का निशाना
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जगदानंद सिंह ने RSS को तालिबान बताया है (file pic)

जगदानंद सिंह ने कहा, तालिबान नाम नहीं, एक संस्कृति है, भारत में RSS तालिबानी हैं, ये लोग दाढ़ी काटते हैं, चूड़ी बेचने वाले और पंक्चर बनाने वाले को मारते हैं, इन सबके खिलाफ लालू यादव ने लंबी लड़ाई लड़ी, संघर्ष किया..

जनज्वार। राष्ट्रीय जनता दल के बिहार प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कह दिया कि आरएसएस ही तालिबान है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव के साथ हालिया विवादों के बीच जगदानंद सिंह का यह बयान सामने आया है।

जगदानंद सिंह ने कहा, "तालिबान नाम नहीं, एक संस्कृति है। भारत में RSS तालिबानी हैं। ये लोग दाढ़ी काटते हैं। चूड़ी बेचने वाले और पंक्चर बनाने वाले को मारते हैं। इन सबके खिलाफ लालू यादव ने लंबी लड़ाई लड़ी, संघर्ष किया और इसलिए उन लोगों ने कहा- अरबपतियों की खिलाफत करता है, धार्मिक उन्मादियों के खिलाफ है, आडवाणी को गिरफ्तार करता है इसलिए लालू प्रसाद को जेल में डालो।"

जगदानंद सिंह राजद के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नीतीश कुमार को PM मैटेरियल कहे जाने को लेकर कहा, "मैटेरियल मायने पदार्थ। इसमें जिंदगी है, उसमें गुण है। जो पदार्थ है, वह मैटेरियल है। पदार्थ उलटता- पलटता रहता है। जो रास्ते से विचलित हो जाए वह पदार्थ ही हो सकता है, लालू प्रसाद नहीं हो सकता है। व्यक्तित्व कभी बदलता नहीं। पदार्थ तो कुर्सी के लिए हमेशा उलटता-पलटता रहता है। हमारा तेजस्वी पदार्थ नहीं, एक जीवंत इंसान है। पदार्थ तो वेस्ट मैटेरियल की तरह है।'

उन्होंने राजद के कार्यकर्ताओं से कहा- "राष्ट्रीय जनता दल की एक कमी के चलते हमारा नुकसान हो रहा है। हमारे दल को एक आदत ने बिगाड़ दिया है। हम ऊपर जाने के लिए नीचे जाना नहीं चाहते हैं। बगल की झोपड़ी में नहीं जाना चाहते.., बगल के दरवाजे पर जाकर बैठना नहीं चाहते। घर से उठे और पहुंच जाते हैं प्रखंड कार्यालय, उसके बाद जिला कार्यालय और देश को बदल देते हैं चाय की दुकान पर। पार्टी ऑफिस में घूमने वाले हमारे लिए बेशकीमती नहीं बन सकते।'

उन्होंने संस्मरण सुनाते हुए कहा- "नेपाल का पानी बिहार के रास्ते समुद्र तक जाना तय हुआ। नेपाल ने गंगा और गंडक के रास्ते व्यापार का रास्ता मांगा। नेपाल लैंड लॉक देश है। बिहार में गंगा, कोसी और गंडक हमें मिली है। हमने कहा नेपाल की शर्त मान ले भारत सरकार, पर भारत सरकार ने कहा कि बिहार की नदियों से होते हुए रास्ता दे देंगे तो देश की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। अफसर भी हमें यही समझाते थे।


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