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पवार और ओवैसी की मोहन भागवत को नसीहत, कौन बताएगा मुसलमानों की आबादी घट रही है

Janjwar Desk
9 Oct 2022 11:53 AM IST
वर्ण-जाति समाप्त करने की बात पर पवार और ओवैसी की मोहन भागवत को नसीहत, पहले सच्चाई क्या है ये तो बताओ
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वर्ण-जाति समाप्त करने की बात पर पवार और ओवैसी की मोहन भागवत को नसीहत, पहले सच्चाई क्या है ये तो बताओ

abolition of caste-varna system : संघ प्रमुख को चिंता करने की जरूरत नहीं है। मुस्लिम आबादी कम हो रही है। सबसे ज्यादा कंडोम का इस्तेमाल मुसलमान कर रहे हैं। संघ प्रमुख को चाहिए कि वो सभी सच बताएं।

abolition of caste-varna system : नागपुर में एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में संघ ( RSS ) प्रमुख मोहन भागवत ( Mohan Bhagwat ) ने कहा कि वर्ण और जाति ( varna and caste system ) प्रासंगिक नहीं हैै। उन्होंने इसे एक बुराई करार देते हुए पूरी तरह से समाप्त करने की वकालत की, लेकिन इस मसले में सियासी स्तर पर वैसी प्रतिक्रियाएं नहीं आईं, जिसकी अपेक्षा की जा रही थी। हां, एनसीपी प्रमुख शरद पवार ( Sharad pawar ) और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ( Asaduddin ) ने संघ प्रमुख को इस मलसे पर नसीहत जरूर देते हुए कहा कि पहले सच क्या है उसे सामने लाने की जरूरत हैं।

मुसलमानों के योगदान को क्यों नहीं मिला सम्मान - शरद पवार

एक दिन पहले नागपुर हवाई अड्डा पर संवाददाताओं से बातचीत में एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान का समर्थन तो किया लेकिन बताया कि इस पर अमल करने की भी जरूरत है। उन्होंने कहा कि वर्ण और जाति व्यवस्था को हमेशा के लिए समाप्त ( abolition of caste-varna system ) करने की घोषणा अच्छी बात है। मोहन भागवत ( Mohan Bhagwat ) ने यह माना कि जिन बातों से समाज में भेदभाव पैदा होता है, असमानता पैदा होती है, उन्हें हमें त्याग देना चाहिए। पवार ने कहा कि इस तरह के बयानों पर असल व्यवहार में अमल की जरूरत है। इसे केवल दिखावे के लिए नहीं कहा जाना चाहिए। इस तरह के भेदभाव से समाज का एक बड़ा हिस्सा पीड़ित है।

मुस्लिम अल्पसंख्यकों ने देश में जितना योगदान किया उसके हिसाब से उन्हें व्यवस्था में आगे बढ़ने का मौका नहीं मिला। इसे हम नजरअंदाज नहीं कर सकते। नागपूर में विदर्भ मुस्लिम इंटलेक्चुअल्स फोरम आयोजित कार्यक्रम में जो समस्याएं बताई गई हैं वो काफी महत्त्वपूर्ण हैं। इस समस्या पर आधे घंटे में बात नहीं हो सकती लेकिन इन समस्याओं को मैं नजरअंदाज नहीं कर सकता।

ओवैसी का तंज : चिंता मत करो, सबसे ज्यादा कंडोम इस्तेमाल करते हैं मुसलमान

वहीं आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सच तो यह है कि भारत में धार्मिक असंतुलन है। उन्होंने संघ प्रमुख से कहा आप ​चिंता मत करो। मुस्लिम आबादी नहीं बढ़ रही है बल्कि कम हो रही है। सबसे ज्यादा कंडोम का इस्तेमाल मुसलमान कर रहे हैं। मोहन भागवत जीत गए। इस पर मत बोलो। एक अन्य ट्विट में उन्होंने लिखा है कि देश में जहां कहीं भी भाजपा की सरकार है ऐसा लगता है कि मुसलमान खुली जेल में रह रहे हैं। मुसलमानों से ज्यादा सड़क के कुत्ते के लिए सम्मान है। भगवत जी को चाहिए कि वो तथ्यों के आधार पर बात करें, लेकिन वो ऐसा नहीं करेंगे।

संघ प्रमुख ने वर्ण-जाति पर कही थी ये बात

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को कहा कि वर्ण और जाति जैसी अवधारणाओं को पूरी तरह से खत्म करने की वकालत की है। अब इसकी कोई प्रासंगिकता नहीं है। सामाजिक भेदभाव पूरी तरह खत्म होना चाहिए। पूर्वजों ने जो गलतियां की, अब उसे सुधारने की जरूरत है।

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