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कानपुर में मुस्लिम युवक को पीटने वाले धर्मधुरंधर थाने से छूटे, इतने संगीन मामले पर भी पुलिस ने लगाई थीं मरी हुई धाराएं

Janjwar Desk
13 Aug 2021 11:24 AM GMT
कानपुर में मुस्लिम युवक को पीटने वाले धर्मधुरंधर थाने से छूटे, इतने संगीन मामले पर भी पुलिस ने लगाई थीं मरी हुई धाराएं
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धर्मधुरंधरों के हाथों पीटे जा रहे वालिद को छोड़ देने की गुहार लगाती बेटी

इस मामले में किदवई नगर विधानसभा से भाजपा विधायक महेश त्रिवेदी का पुत्र शुभम त्रिवेदी भी शामिल था। जिसने बजरंग दल के युवकों के साथ मिलकर मुस्लिम युवक की पिटाई की थी। कुछ लोगों का मानना है कि, विधायक पुत्र का नाम सामने आने पर खाखी प्रेशराइज्ड हो गई...

जनज्वार, कानपुर। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर साउथ में मुस्लिम युवक की पिटाई करने वाले तीन युवकों को पुलिस ने हिरासत में लेकर छोड़ दिया है। दो पड़ोसियों के आपसी विवाद के बीच पड़े बजरंग दल से जुड़े कुछ युवकों ने मुस्लिम युवक की पिटाई कर दी थी। इस दौरान उससे जबरन 'जय श्री राम' के नारे लगवाकर जुलूस भी निकाला गया था।

गौरतलब है कि, कानपुर के दक्षिण (Kanpur South) में एक कथित रिक्शेवाले को मामूली विवाद के बाद कुछ धर्म के ठेकेदारों ने पीट दिया था। मुस्लिम युवक की पिटाई के दौरान उसकी छोटी बच्ची का हृदयविदारक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। बच्ची अपने वालिद से लिपटकर धर्मधुरंधरों से उसे ना पीटने और छोड़ देने की गुहार लगाती रही।

पीड़ित अफसार की तहरीर पर पुलिस ने लचर धाराओं में मामला दर्ज किया था। इस मामले में किदवई नगर विधानसभा से भाजपा विधायक महेश त्रिवेदी (Mahesh Trivedi) का पुत्र शुभम त्रिवेदी (Subham Trivedi) भी शामिल था। जिसने बजरंग दल के युवकों के साथ मिलकर मुस्लिम युवक की पिटाई की थी। कुछ लोगों का मानना है कि, विधायक पुत्र का नाम सामने आने पर खाखी प्रेशराइज्ड हो गई।

कानपुर दक्षिण के इस मामले में पुलिस ने 3 आरोपीयों को हिरासत में लिया था। जिनमें राजेश बैंड वाला, अमन गुप्ता और राहुल कुमार को गिरफ्तार कर बाकी लोगों की तलाश की जा रही थी। इन तीन गिरफ्तार लोगों को छोड़ने के लिए देर रात बजरंग दल के लोगों ने डीसीपी साउथ (DCP South) कार्यालय के बाहर धरना भी दिया था, इनपुट यह भी है कि, धरने पर बैठे लोगों ने डीसीपी ऑफिस के बाहर हनुमान चालिसा भी पढ़ी थी।

मुस्लिम युवक को पीटने वाले आरोपी जिनकी पुलिस को तलाश थी

इस मामले को जितना बड़ा बना दिया गया दरअसल वह एक मामूली विवाद था। पीड़ित मुस्लिम युवक अफसार का रिक्शा मुहल्ले की रहने वाली रानी की बाईक से भिड़ गई थी। अफसार के परिजनो ने इस बात की शिकायत की तो रानी ने कुरैशा के बेटों पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए बजरंग दल का दरवाजा खटखटाया।

बजरंग दल (Bajrang Dal) के कुछ युवकों ने मामले में कूदकर इसे धर्मांतरण कराने का अमलीजामा पहना दिया। जिसके बाद जमकर बवाल काटा गया। हंगामें के दौरान भाजपा विधायक महेश त्रिवेदी का पुत्र शुभम त्रिवेदी भी शामिल था। बताया यह भी जा रहा है कि, पुलिस ने जिन आरोपियों को पकड़ा था वह मसले के महज तमाशबीन थे।

एसएचओ थाना बर्रा (SHO Barra), हरमीत सिंह ने जनज्वार से बात करते हुए बताया कि, वह छुट्टी पर थे। कुछ बातों का उन्हें भी इनपुट प्राप्त हुआ था। उन्होने कहा कि, 7/51 की धारा में मामला दर्ज किया गया था। धाराएं कमजोर थीं, जिसके चलते अदालत में पेश नहीं किया जा सकता था। बहरहाल, उन्हें रिलीज कर दिया गया है।

इस मामले में वरिष्ठ संपादक सुशील दुबे लिखते हैं 'मुसलमानों को कूट-कूटकर 'जय श्री राम' कहलवा कर फिर जो हनुमाम चालीसा थाने में पढ़ने लगते हो, तो सुनो विप्रो, हिमालया, सिप्ला, हमदर्द, रेडटेप ये भारत बेस्ड सारी वर्ल्ड लेवल की कपनियां मुसलमानों की मालकियत में ही हैं। करोड़ो हिन्दू इनमें काम करके रोटी खाते है, वैसे 80% 'जय श्री राम' वालों को ये बात पता ही नहीं होगी। केवल मुख्तार, अतीक, कश्मीर मदरसा और मौलाना साद, मोदी के अलावा।'

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