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राष्ट्रीय

भ्रष्टाचारियों की न खुल जाए पोल-पट्टी, इसलिए रास्ते में ही नष्ट कर दीं अखबार की 6000 प्रतियां

Janjwar Desk
9 Nov 2020 8:16 AM GMT
भ्रष्टाचारियों की न खुल जाए पोल-पट्टी, इसलिए रास्ते में ही नष्ट कर दीं अखबार की 6000 प्रतियां
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समाचार पत्र के संपादक अनोल रॉय चौधरी ने बताया कि सुबह बसों से विभिन्न जिलों में भेजी जा रही करीब 6,000 प्रतियां छीन ली गईं, उनमें से आधे को जला दिया गया और शेष को फाड़कर फेंक दिया गया.....

अगरतला। त्रिपुरा के एक प्रमुख अखबार 'प्रतिबादी कलम' की करीब छह हजार प्रतियों को लदे हुई बस से छीनकर नष्ट कर दी गईं। यह घटना गोमती जिले के उदयपुर में शनिवार को हुई जहां कुछ लोगों के एक समूह ने बसों में लदे हुए अखबार की प्रतियां छीनकर नष्ट कर दीं। अखबार में कथित तौर पर राज्य के कृषि विभाग के भ्रष्टाचार को लेकर रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी। यह त्रिपुरा में निकलने वाला दैनिक अखाबर हैं।

अंग्रेजी समाचार पत्र 'द इंडियन एक्सप्रेस' ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इस घटना को लेकर गोमती के पुलिस अधीक्षक लकी चौहान ने कहा कि उदयपुर के राधाकिशोरपुर थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है और अपराधियों की पहचान के लिए जांच की जा रही है।

समाचार पत्र के संपादक अनोल रॉय चौधरी ने बताया कि सुबह बसों से विभिन्न जिलों में भेजी जा रही करीब 6,000 प्रतियां छीन ली गईं। उनमें से आधे को जला दिया गया और शेष को फाड़कर फेंक दिया गया। उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि 11 लोगों ने समाचार पत्रों के बंडलों को जबरदस्ती बसों से उतार दिया और उन्हें नष्ट कर दिया।

उन्होंने कहा कि दैनिक समाचार पत्र ने कृषि विभाग में कथित रूप से 150 करोड़ रुपये के घोटाले के संबंध में पिछले तीन दिनों से रिपोर्ट की एक शृंखला प्रकाशित की और यह उसी का परिणाम है। चौहान ने कहा कि जांच जारी है और दोषी लोगों को गिरफ्तार करने में कोई कसर नहीं रखी जाएगी।

रिपोर्ट के अनुसार, ये अखबार त्रिपुरा के तीन जिलों में बांटने के लिए भेजे गए थे। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में अखबार के संपादक अनोल रॉय चौधुरी ने बताया, 'हमने रिपोर्ट के एक शृंखला प्रकाशित की है, जिसमें कृषि मंत्री प्रणजीत एस। राय का नाम अन्य लोगों के साथ सामने आया है।'


बहरहाल कृषि विभाग के अधिकारियों ने इस मुद्दे पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। अपनी शिकायत में चौधरी ने राजू मजूमदार नाम के व्यक्ति समेत 11 लोगों को अखबार की प्रतियां फाड़ने और जलाने की इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि शनिवार को अन्य जगहों पर जा रहीं अखबारों की प्रतियां भी रोकी गई हैं।

अगरतला प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने पुलिस उप-महानिरीक्षक सौमित्र धर से मुलाकात की और इस घटना के लिए दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। राज्यों के पत्रकारों के एक संगठन 'एसेंबली ऑफ जर्नलिस्ट्स (एओजे) ने अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस को 24 घंटे का समय दिया है। इसके बाद वे पुलिस मुख्यालय के सामने प्रदर्शन करेंगे।

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