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Tushar Gandhi : तुषार गांधी ने दिया कंगना को जवाब, कहा दूसरा गाल बढ़ाने के लिए साहस की आवश्यकता है

Janjwar Desk
18 Nov 2021 12:21 PM GMT
Tushar Gandhi : तुषार गांधी ने दिया कंगना को जवाब, कहा दूसरा गाल बढ़ाने के लिए साहस की आवश्यकता है
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तुषार गांधी ने दिया कंगना को जवाब

Tushar Gandhi : तुषार गांधी ने कंगना पर निशाना साधते हुए एक लेख लिखा है। लेख का शीर्षक है 'दूसरे गाल बढ़ाने के लिए गांधी से नफरत करने वालों की तुलना में अधिक साहस की आवश्यकता होती है।'

Tushar Gandhi : कंगना रनौत इन दिनों अपने विवादित बयान के कारण चर्चा का विषय बनी हुई है। कंगना के 'भीख में मिली आजादी' वाले बयान पर कई लोगों द्वारा उन्हें निशाने पर लिया जा रहा है। अब इसी कड़ी में महात्मा गांधी के अहिंसा के मंत्र का मजाक उड़ाने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत पर महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी ने निशाना साधा है। तुषार गांधी ने कंगना को उनके विवादित बयान पर करारा जवाब दिया है। तुषार गांधी का कहना है कि थप्पड़ मारने के लिए दूसरा गाल आगे देने के लिए गांधी से नफरत करने वालों की तुलना में ज्यादा साहस की आवश्यकता होती है।

कंगना ने इंस्टाग्राम पर बापू के लिया यह बोला

बता दें कि 1947 में मिली स्वतंत्रता को भीख में मिली हुई स्वतंत्रता बताकर कंगना लगातार विवादों के घेरे में बनी हुई है। इस विवाद के बाद कंगना रनौत ने अपने इंस्टाग्राम के जरिए महात्मा गांधी पर निशाना साधते हुए कहा था कि 'अपने नायकों को बुद्धिमानी से चुने' कंगना ने कहा था कि एक और गाल आगे करने से केवल भीख मिलती है। स्वतंत्रता नहीं मिलती है।

कंगना रनौत ने अपने इंस्टाग्राम की स्टोरी पर लिखा था कि 'इन्होंने हमें सिखाया है कि यदि कोई एक थप्पड़ मारता है तो आप एक और थप्पड़ के लिए दूसरा गाल देते हैं। इस तरह आप को आजादी मिलेगी। इस तरह से किसी को आजादी नहीं मिलती है। उसे केवल भीख मिल सकती है। अपने नायकों को बुद्धिमानी से चुने।'

तुषार गांधी ने लिखा लेख

कंगना द्वारा महात्मा गांधी को लेकर दिए गए इस विवादित बयान के लिए तुषार गांधी ने कंगना पर निशाना साधते हुए एक लेख लिखा है। लेख का शीर्षक है 'दूसरे गाल बढ़ाने के लिए गांधी से नफरत करने वालों की तुलना में अधिक साहस की आवश्यकता होती है।' कंगना के विवादित बयान पर निशाना साधते हुए तुषार गांधी ने कहा, 'जो लोग यह आरोप लगाते हैं कि गांधीवादी केवल दूसरा गाल घुमाते हैं और इसलिए कायर है। वे इतने बहादुर होने के लिए आवश्यक साहस को नहीं समझ सकते हैं। वे इस तरह की वीरता को समझने में असमर्थ हैं।

तुषार गांधी ने साधा निशाना

कंगना के विवादित बयान पर निशाना साधते हुए तुषार गांधी ने कहा, 'जो लोग यह आरोप लगाते हैं कि गांधीवादी केवल दूसरा गाल घुमाते हैं और इसलिए कायर है। वे इतने बहादुर होने के लिए आवश्यक साहस को नहीं समझ सकते हैं। वे इस तरह की वीरता को समझने में असमर्थ हैं।' तुषार गांधी ने लिखा कि दूसरा गाल बढ़ाना कायरता का कार्य नहीं है। इसमें बहुत साहस लगता है। उस समय के भारतीयों ने इसे बहुतायत में प्रदर्शित किया। वे सभी नायक थे कायर वे थे जो अपने आकाओं के कोट पर लटके हुए थे जिन्होंने। व्यक्तिगत लाभ के लिए ताज पर दया और समाधान की याचना करने से पहले एक पलक नहीं झपकाई।' आगे तुषार गांधी लिखते हैं 'बापू भिखारी कहलाने का स्वागत करेंगे। अपने राष्ट्र और उनके लोगों के लिए उन्होंने भीख मांगने में कोई आपत्ति नहीं की। उन्होंने ब्रिटिश प्रधानमंत्री अर्ध नग्न फकीर के रूप में बर्खास्त किए जाने की सराहना की। अंततः ब्रिटिश क्रॉउन ने आत्मसमर्पण कर दिया। वह फकीर थे।

साथ ही तुषार गांधी ने कहा कि झूठ कितना भी जोरदार हो और सच्चाई की आवाज कितनी भी धुंधली क्यों ना हो, सच्चाई कायम रहती है। कुछ झूठों को इन दिनों जवाब दिया जाना है। इस लेख के जरिए तुषार गांधी ने 1947 में भारत की स्वतंत्रता पर टिप्पणी के लिए कंगना रनौत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह हजारों स्वतंत्रता सेनानियों के साहस और बलिदान का अपमान है।

कंगना ने दिया था यह बयान

बता दें कि अक्सर अपने बयानों से सुर्खियों में रहने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने एक बार फिर विवादित स्टेटमेंट दे दिया है। इसबार उन्होंने देश की आजादी को ही भीख करार दिया। अभिनेत्री के अनुसार, 1947 में भारत को जो आजादी मिली थी वह भीख में मिली थी। असली आजादी तो 2014 में मिली। अभिनेत्री के इस बयान की चारों तरफ आलोचना हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग कंगना को ट्रॉल कर रहें हैं। दरअसल, कगंना रनौत टाइम्स नाऊ के 2021 समिट में हिस्सा लेने पहुंची थी।

टाइम्स नाऊ की पत्रकार नविका कुमार से बातचीत के दौरान कंगना ने कहा कि, "आजादी अगर भीख में मिले, तो क्या वो आजादी हो सकती है।" कंगना ने कहा- "1947 में मिली आज़ादी भीख थी, असली आज़ादी 2014 में मिली।" कंगना ने आगे कहा- "सावरकर, रानी लक्ष्मीबाई, नेता सुभाषचंद्र बोस इन लोगों की बात करूं तो ये लोग जानते थे कि खून बहेगा लेकिन ये भी याद रहे कि एक हिंदुस्तानी दूसरे हिंदुस्तानी का खून न बहाए। उन्होंने आजादी की कीमत चुकाई, यकीनन। पर वो आजादी नहीं वो भीख थी। जो आजादी मिली है वो 2014 में मिली है।" अभिनेत्री के इस बयान पर वहां बैठे लोग तालियां बजाने लगे। जर्नलिस्ट नाविका कुमार ने कहा कि, "इसलिए सब आपको कहते हैं कि आप भगवा हैं।" जवाब में कंगना कहती हैं- "इसके बाद मुझपर 10 केस और होने वाले हैं।"

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