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Madhyapradesh News : उमा भारती की शिवराज को चेतावनी, बोलीं- बिना लट्ठ शराबबंदी नामुमकिन खुद उतरेंगी सड़क पर

Janjwar Desk
19 Sep 2021 8:03 AM GMT
Madhyapradesh News : उमा भारती की शिवराज को चेतावनी, बोलीं- बिना लट्ठ शराबबंदी नामुमकिन खुद उतरेंगी सड़क पर
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(उमा भारती ने कहा है कि बिना लट्ठ शराबबंदी मुमकिन नहीं)

Uma Bharti ki Sharabbandi : सीएम शिवराज को चेतावनी देते हुए उमा भारती ने कहा कि 15 जनवरी तक जागरूकता अभियान चलाएं अगर सफलता नहीं मिली तो वे खुद सड़क पर उतरेंगी..

Uma Bharti ki Sharab bandi : मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री (Ex CM of Madhyapradesh) और बीजेपी की फायरब्रांड नेता उमा भारती ने शराबबंदी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को सीधी चेतावनी भी दे दी है। उमा भारती (Uma Bharti) ने प्रदेश में 15 जनवरी से शराब बंदी लागू करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि अगर सरकार जागरूकता से शराबबंदी करना चाहती है तो वह 15 जनवरी तक जागरुकता अभियान चलाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो इसके बाद वे खुद सड़कों पर उतर कर शराब बंदी कराएंगी।

हालांकि, लट्‌ठ से शराबबंदी को लेकर पूछे सवाल पर उमा भारती ने सफाई भी दे दी। उन्होंने कहा कि लट्ठ से मेरा मतलब सख्त कानून (Law) से है। सख्त कानून सरकार कैसे लाएगी। वह जन दबाव को देखकर कानून लाएगी। लठ उठाने का काम किसी का भी नहीं होना चाहिए। पुलिस के कोरोना (Corona) के समय लोगों को लट्ठ मारने का भी मैंने विरोध किया था। इसको लेकर मैंने अधिकारियों से भी चर्चा की थी। मेरा लट्ठ से मतलब था कि ताकत दिखा देना।

इससे पहले उमा ने हालांकि, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) के काम की तारीफ की। उन्होंने कहा, मैंने शिवराज जी से कहा था कि अबकी बार की सरकार गांधी जी (Mahatma Gandhi) के आदर्शों पर चले। मैं जब मुख्यमंत्री बनी थी, तब घोषणा पत्र में नहीं डाला था कि शराबबंदी करेंगे, लेकिन यह मेरी आत्मा में था। मैंने अधिकारियों से कहा था कि रेवेन्यू (revenue) के लिए अलग से रास्ता निकालें। भारती ने कहा कि कोरोना में यह देखा गया कि एक भी व्यक्ति शराब से नहीं मरा, क्योंकि दुकानें बंद थीं।

उमा भारती ने प्रदेश में शराब बंदी को लेकर सरकार को 15 जनवरी तक का अल्टीमेटम देते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) को चिट्ठी भी लिखी है। उन्होंने लिखा है, "आप 15 जनवरी तक प्रदेश में जन जागरुकता अभियान चलाएं। चार महीने बाद वे खुद शराबबंदी कराने को लेकर सड़कों पर उतर कर लठ्ठ चलाकर शराबबंदी कराएंगी।"

वैसे वे खुद राज्य की मुख्यमंत्री भी रह चुकी हैं, लेकिन उनके कार्यकाल में भी राज्य में शराबबंदी लागू नहीं हो सका था। फिर भी वे पहले भी कई बार प्रदेश में शराब बंदी किए जाने को लेकर सरकार पर दबाव बनाती रही हैं। हालांकि, पिछले काफी दिनों से वे इस मामले में चुप थीं। उन्होंने इस बार अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सीधे तौर पर अपनी ही सरकार को चेतावनी दे डाली है।

उमा भारती ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि अब बहुत हो चुका। सरकार 15 जनवरी से प्रदेश में शराबबंदी का एलान कर दे..नहीं तो वे इस तारीख के बाद अपनी टीम के साथ लठ्ठ से शराबबंदी कराएगीं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं नवरात्रि से गंगा जी की यात्रा पर जाऊंगी। इसका अक्षय तृतीया पर गंगा सागर में विसर्जन होगा। इसके बाद शराबबंदी की मुहिम में जुट जाऊंगी। 15 जनवरी के बाद अभियान का नेतृत्व खुद करूंगी। मैं सड़क पर आ जाऊंगी।" उमा भारती ने कहा कि इस अभियान से मध्यप्रदेश की सरकार मजबूत होगी। उन्होंने बिहार में नीतीश कुमार के शराबबंदी के मॉडल की तारीफ भी की।

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