Begin typing your search above and press return to search.
उत्तर प्रदेश

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के दिन 11 वर्षीय किशोरी के दुष्कर्म और हत्या मामले में आरोपी को सजा-ए-मौत

Janjwar Desk
8 March 2021 12:58 PM GMT
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के दिन 11 वर्षीय किशोरी के दुष्कर्म और हत्या मामले में आरोपी को सजा-ए-मौत
x
आरोपी ने दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी और शव को खेत में ही छिपा दिया। बालिका के घर न पहुंचने पर परिवार वाले उसकी खोजबीन कर रहे थे। आठ अगस्त को खेत में शव मिलने पर उन्हें घटना की जानकारी हुई।

जनज्वार ब्यूरो/जौनपुर। आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के दिन जौनपुर की एक कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। 11 वर्षीय बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी को मौत की सजा दी गई है। अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम रवि यादव की अदालत ने आज सोमवार 8 मार्च को यह फैसला सुनाते हुए इसे विरलतम से विरलतम श्रेणी का अपराध ठहराते हुए कहा कि 'दुष्कर्मी को तब तक फांसी पर लटकाया जाए, जब तक उसकी मृत्यु न हो जाए।'

साथ ही अदालत ने दुष्कर्मी पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। खास बात यह कि मुकदमे की सुनवाई से लेकर फैसला तक की पूरी कार्यवाही महज सात महीने में पूरी हुई है। शासन से लगातार इस मामले की मॉनिटरिंग की जा रही थी।

घटना मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र स्थित एक गांव में छह अगस्त को घटी थी। अभियोजन के अनुसार यहां अपने ससुराल में रहने वाला चंदौली निवासी बाल गोविंद उर्फ गोविंदा पड़ोस की दो बहनों को टॉफी दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया। टॉफी दिलाने के बाद छोटी बहन को वापस भेज दिया, जबकि 11 वर्षीय बड़ी बहन को खेत में ले जाकर दुष्कर्म किया।

आरोपी ने दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी और शव को खेत में ही छिपा दिया। बालिका के घर न पहुंचने पर परिवार वाले उसकी खोजबीन कर रहे थे। आठ अगस्त को खेत में शव मिलने पर उन्हें घटना की जानकारी हुई। काफी छानबीन के बाद पुलिस टीम ने चंदौली से आरोपी गिरफ्तार कर लिया। विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।

विशेष लोक अभियोजक राजेश उपाध्याय व शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र मौर्य ने 11 गवाहों का बयान दर्ज कराया। शासन की मॉनिटरिंग में चल रही सुनवाई में कोर्ट ने छह मार्च को ही आरोपी बाल गोविंद उर्फ गोविंदा को दोषी करार दे दिया था। सोमवार को कोर्ट खुलने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम रवि यादव ने उसे मृत्यु दंड की सजा सुनाई। उस पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

Next Story

विविध