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उत्तर प्रदेश

बिकरु कांड : डॉन विकास दुबे के खजांची जय बाजपेयी की पुलिस ने ली कस्टडी रिमांड, सामने आए ये नए रहस्य

Janjwar Desk
31 Oct 2020 4:48 AM GMT
बिकरु कांड : डॉन विकास दुबे के खजांची जय बाजपेयी की पुलिस ने ली कस्टडी रिमांड, सामने आए ये नए रहस्य
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कानपुर। बिकरु हत्याकांड को अंजाम देने के बाद डॉन विकास दुबे को भगाने के लिए उसके खजांची रहे जय बाजपेई ने खुद गाड़ी चलाई थी। इस बात का खुलासा शुक्रवार 30 अक्टूबर को पुलिस रिमांड में लिए गए जय ने खुद किया है। जय के खिलाफ ये सबूत साजिश में सीधे तौर पर शामिल होने की पुष्टि करता है। अब ये देखने वाली बात होगी कि पुलिस ये सबूत कोर्ट में पेश करती है या नहीं।

बिकरु हत्याकांड के बाद जय बाजपेई की तीन कारें फॉर्च्यूनर, ऑडी, और हुंडई विकास दुबे की मदद करने के लिए ले जाई गईं थीं। यह तीनों कारें पुलिस को विजयनगर में लावारिस हालत में खड़ी मिली थीं। जय बाजपेयी को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के बाद मामले के विवेचक मणिशंकर शुक्ला ने बताया कि उस दिन ऑडी कार खुद जय बाजपेयी चला रहा था।

पुलिस के मुताबिक फॉर्च्यूनर जय का दोस्त राहुल सिंह और वेरना गाड़ी ड्राइवर चला रहा था। गौरतलब है कि इससे पहले जय बाजपेयी इन आरोपों को खारिज करता रहा और पुलिस पर खुद को फँसाये जाने का आरोप लगाता रहा था। शुक्रवार 30 अक्टूबर को पुलिस ने जय बाजपेई को 9 घण्टे की रिमांड पर लिया था, जिसके बाद कई एक रहस्यों से पर्दा उठा है।

बिकरु कांड के बाद मिली पुलिस को तीन लग्जरी कारों में से एक में सचिवालय का पास लगा था। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया था। शुक्रवार 30 अक्टूबर को रिमांड में जय बाजपेई ने इसका खुलासा करते हुए बताया कि उक्त पास उसने सचिवालय से स्कैन करवाकर अपनी गाड़ी में लगवाया था।

शुक्रवार 30 अक्टूबर को रिमांड पर लेने को दौरान पुलिस ने आरोपी जय बाजपेयी की निशानदेही पर 10 नम्बर प्लेटें बरामद की हैं। ग्रीन बेल्ट से बरामद यह नम्बर प्लेटें आरोपी बदल-बदलकर अपनी गाड़ियों में इस्तेमाल करते थे। हैरान करने वाली बात यह रही कि घटना के 117 दिन बाद भी ये नम्बर प्लेटें वहीं की वहीं सुरक्षित मिली हैं।

रिमांड के दौरान पुलिस ने जय बाजपेयी से उसके और विकास के सम्बन्धों के बारे में पूछताछ की। पुलिस ने जानना चाहा कि उसकी कैसे विकास से सांठगांठ हुई और कैसे उसने विकास को फरार करने में भूमिका निभाई। जय बाजपेयी ने ज्यादा कुछ ना कहते हुए सिर्फ यही कहा कि 'अब क्या कहें, जो हो गया सो हो गया।'

रिमांड के दौरान पुलिस ने तीन चार घण्टे तक थाने में जय बाजपेयी से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक जय ने कबूला की उसका विकास से परिचय था। वह उससे कई बार मिला था, लेकिन उसने वारदात में शामिल होने से साफ तौर पर इनकार कर दिया। कारों को लेकर उसने बताया कि इस्तेमाल के बाद कारों को इधर उधर खड़ा कर दिया था, क्योंकि पुलिस परेशान न करे। लेकिन ये सब तथ्य पुलिस के गले नहीं उतर रहे।

एसपी पश्चिन डॉ अनिल कुमार ने इस मामले में बताया जय बाजपेई को कस्टडी रिमांड पर लेकर कार की 10 फर्जी नम्बर प्लेटें बरामद की गईं हैं, जिनका इस्तेमाल जय करता था। पूछताछ में जो जानकारियां मिली हैं उस आधार पर तफ्तीश की जा रही है।

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