उत्तर प्रदेश

मुल्जिम भगाने के आरोपी BJP नेता को मिली जमानत, कानपुर भाजपा में अब म्यान से बाहर निकलने लगीं तलवारें

Janjwar Desk
8 Jun 2021 5:27 PM GMT
मुल्जिम भगाने के आरोपी BJP नेता को मिली जमानत, कानपुर भाजपा में अब म्यान से बाहर निकलने लगीं तलवारें
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कानपुर में भाजपा नेता को हिस्ट्रीशीटर भगाने के मामले में जमानत मिल गई है.इसके साथ ही नगर इकाई में कलह तेज हो गई है.

आरोपी पेशे से अधिवक्ता भी थे। दोनों पर पुलिस से मारपीट कर हिस्ट्रीशीटर को भगाने का आरोप था। सेशन कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपियों की जमानत याचिका मंजूर करते हुए उन्हें जमानत दे दी गई है...

जनज्वार, कानपुर। यूपी के कानपुर स्थित नौबस्ता गेस्ट हाउस कांड मामले में जेल गए भाजपा नेताओं को आज मंगलवार जमानत दे दी गई। इससे पहले सोमवार को निचली अदालत ने दोनो की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी थी। बताया जा रहा है कि पूर्व भाजपा नेता नारायण सिंह भदौरिया और अधिवक्ता गोपाल शरण सिंह चौहान को बार और लॉयर्स एसोसिएशन के दबाव में सेशन कोर्ट से जमानत दी गई है।

दोनो आरोपी पेशे से अधिवक्ता भी थे। दोनों पर पुलिस से मारपीट कर हिस्ट्रीशीटर को भगाने का आरोप था। सेशन कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपियों की जमानत याचिका मंजूर करते हुए उन्हें जमानत दे दी गई है। अब इसी को आधार बनाकर अन्य आरोपितों को भी कोर्ट से जमानत लेने में आसानी होगी।

पूरे मामले में जबर्दस्त लीपापोती बरती गई है। नौबस्ता पुलिस की लचर लिखापढ़ी का आरोपियों को पूरा फायदा मिल है। कोर्ट में नारायण भदौरिया के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने तर्क दिया कि अगर आरोपियों ने पुलिस से मारपीट की तो मार्क ऑफ स्ट्रगल क्यों नहीं है? इतना ही नहीं अगर नारायण आरोपी थे, तो उनका नाम एफआईआर में आठ घंटे बाद क्यों बढ़ाया गया?

इसके साथ ही पुलिस की ओर से कोर्ट में हाजिर किए गए स्वतंत्र गवाहों ने घटना का समय अलग-अलग बताया है। सुनवाई के बाद जिला जज रामपाल सिंह ने भाजपा नेता नारायण सिंह भदौरिया और अधिवक्ता गोपाल शरण सिंह चौहान की 25-25 हजार के निजी मुचलके पर जमानत स्वीकार कर ली है।

लगातार तीसरे दिन कड़ी सुरक्षा में नारायण सिंह भदौरिया और गोपाल की पेशी हुई। कमिश्नर असीम अरुण के आदेश पर कचहरी परिसर में 15 थानों की फोर्स, तीन बटालियन पीएसी और क्यूआरटी फोर्स तैनात की गई थी। आरोपियों को जमानत मिलने के साथ ही पुलिस ने भी कहीं ना कहीं राहत की सांस जरूर ली थी। ऐसा घटना के वक्त मौके पर मौजूद कुछ पत्रकारों ने जनज्वार को बताया।

क्या हुआ था गेस्ट हाउस की पार्टी में


भाजपा दक्षिण के पूर्व जिला मंत्री नारायण भदौरिया का बीती दो जून को जन्मदिन था। जिसके चलते नौबस्ता के आकर्षण गेस्टहाउस में पार्टी रखी गई थी। इस पार्टी में अपराधियों का जमावड़ा भी लगा था। नौबस्ता पुलिस ने छापेमारी कर मनोज सिंह नामक हिस्ट्रीशीटर को दबोचा तो वहां मौजूद नारायण सिंह सहित दर्जन भर लोगों ने पुलिस से धक्का-मुक्की करते हुए हिस्ट्रीशीटर को फरार करवा दिया था।

इसके बाद फरार नारायण सिंह भदौरिया और गोपाल शरण सहित तीसरे आरोपी रॉकी यादव को पुलिस ने नोएडा से गिरफ्तार किया था। जिसके बाद शनिवार 5 जून को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया था। हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह को पुलिस ने पहले ही घर के पास से ही हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था।

कानपुर भाजपा में तेज हुई गुटबाजी

कानपुर महानगर भाजपा में नारायण सिंह भदौरिया का गेस्ट हाउस कांड काफी सुर्खियां बटोर गया। इसके चलते भाजपा के कई बड़े नेता कई अन्य से बात करने से कन्नी काट रहे हैं। नारायण सिंह भदौरिया की मुखबिरी करने में भी एक भाजपा क्षेत्रीय उपाध्यक्ष संदीप ठाकुर का नाम सामने आ रहा है। आरोप यह भी हैं कि संदीप ठाकुर ने भाजपा में शामिल होकर सरकार के रूतबे का लाभ अपने उपर लगे मुकदमों को खत्म कराने में लिया है। संदीप ठाकुर पर कई संगीन मुकदमें लगे होने बताए जाते हैं।

भाजयुमो अध्यक्ष अय्याशी करते वायरल

आज मंगलवार 8 जून शाम को शहर भाजपा के कानपुर-बुंदेलखण्ड भाजयुमो क्षेत्रीय अध्यक्ष विकास दुबे उर्फ दीपू की कुछ तस्वीरें वायरल हुई हैं। वायरल हुई तस्वीरें बेहद आपत्तिजनक हैं। इन तस्वीरों में विकास दुबे नेपाल के टूर पर गए बताए जा रहे हैं और बगल में बैठी लड़की के साथ बेहद अंतरंग हालत में दिख रहे हैं। हालांकि इस मामले में विकास का कहना है कि उनकी तस्वीरें गलत ढंग से बनाकर वायरल की गई हैं। वो इसपर मानहानी का मुकदमा दायर करेंगे। अब सच क्या है, झूठ क्या सामने आ ही जाएगा।

कयास लगाए जा रहे हैं कि अब नारायण सिंह भदौरिया को जमानत मिलने के बाद आने वाले समय में कानपुर भाजपा के दक्षिण राजनीति में चौचक माहौल देखने में मिल सकता है। इस बीच देखना यह भी रोचक रहेगा की भाजपा नगर व प्रदेश के उच्च धर्माधिकारी किस तरफ अपना न्याय उड़ेलते हैं।

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