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उत्तर प्रदेश

गैंगस्टर विकास दुबे और गुर्गों को महिलाओं ने गोलियां बरसाने के लिए उकसाया, 36 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

Janjwar Desk
2 Oct 2020 5:05 PM GMT
गैंगस्टर विकास दुबे और गुर्गों को महिलाओं ने गोलियां बरसाने के लिए उकसाया, 36 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
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File photo

पुलिस की चार्जशीट में बताया गया है कि 2 जुलाई को बिकरु गांव में पुलिस पर गोलियां बरसाने वाले हमलावरों को महिलाओं ने भी उकसाया था, न सिर्फ उकसाया था, बल्कि उन्होंने पुलिसकर्मियों को मारने के लिए अपने पतियों को गोलियां भी उपलब्ध कराई थीं...

जनज्वार। देशभर में चर्चित हुए कानपुर के बिकरु कांड में चार्जशीट दाखिल हो गई है। गैंगस्टर विकास दुबे द्वारा पुलिसकर्मियों की हत्या मामले में पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। 2 जुलाई को बिकरू में हुई घटना के बाद यह मामला काफी चर्चित हुआ था।

पुलिस की चार्जशीट में बताया गया है कि 2 जुलाई को बिकरु गांव में पुलिस पर गोलियां बरसाने वाले हमलावरों को महिलाओं ने भी उकसाया था। न सिर्फ उकसाया था, बल्कि उन्होंने पुलिसकर्मियों को मारने के लिए अपने पतियों को गोलियां भी उपलब्ध कराई थीं। चार्जशीट में कहा गया है कि यही नहीं, बल्कि इसके बाद पुलिसवालों से लूटे गए हथियारों को रखने में भी महिलाओं द्वारा मदद की गई। पुलिस ने चार्जशीट में इन सबका खुलासा किया है।

ब्रजेश श्रीवास्तव, एसपी ग्रामीण ने मीडिया से कहा 'आरोपी महिलाओं ने असलहों के लिए गोलियां देने का भी काम किया था। पुलिस के पास इसके पर्याप्त सबूत हैं और कोर्ट में इसे साबित किया जाएगा।'

1अक्टूबर, गुरुवार को पुलिस द्वारा 36 आरोपियों के खिलाफ माती कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दिया गया है। चार्जशीट में क्षमा पत्नी संजू उर्फ संजय दुबे, रेखा पत्नी दयाशंकर अग्निहोत्री, नाबालिग पत्नी अमर दुबे, शांति पत्नी रमेश चन्द्र को भी आरोपी बनाया गया है। महिलाओं को आरोपी बनाने के पीछे जो कारण पुलिस ने चार्जशीट में बताया है, उसके अनुसार महिलाओं ने अपने पतियों को उकसाया और सहायता भी की।

चार्जशीट के अनुसार, बिकरू में जब पुलिस और विकास एवं उसके गुर्गों के बीच फायरिंग हुई तो इन महिलाओं ने अपने पतियों को यह कहते हुए उकसाया कि एक भी पुलिसकर्मी बचना नहीं चाहिए। इनके द्वारा पुलिस पर इस्तेमाल करने के लिए गोलियां भी उपलब्ध कराई गईं।

चार्जशीट में पुलिस ने यह भी अंकित किया है कि घटना के दौरान पुलिसकर्मियों की हत्या कर जब उनके हथियारों को लूटा गया तो इन्हें रखने और छिपाने का काम भी इन्हीं महिलाओं ने किया। पुलिस ने षड्यंत्र रचने में भी महिलाओं को आरोपी बनाया है।

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