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उत्तर प्रदेश

हाथरस काण्ड : पीड़िता के भाई ने कहा मेरी बहन के साथ गैंगरेप ही हुआ था, बाप की छाती में मारी थी लात

Janjwar Desk
3 Oct 2020 5:32 AM GMT
हाथरस काण्ड : पीड़िता के भाई ने कहा मेरी बहन के साथ गैंगरेप ही हुआ था, बाप की छाती में मारी थी लात
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हाथरस में सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई दलित युवती की मां

कल कोई भी यहां नहीं आया, सिर्फ सैकड़ों की संख्या में यहां पुलिसवाले ही थे, हमारे घर, छत, घर के चारों तरफ बस पुलिस का ही पहरा था। कोई भी अधिकारी यहां नहीं आया, बस डीएम आये थे जो हम सभी को धमकाकर चले गए थे....

जनज्वार, हाथरस। यूपी में हाथरस के चंदपा गांव में हुई बिटिया के साथ नृशंसता में भाई ने कहा है कि बहन के साथ गैंगरेप ही हुआ है। साथ ही पीड़िता के भाई ने मीडिया को बताया कि उस पर व उसके परिवार पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। किसी से बात नहीं करने दी जा रही है। पिता की छाती पर पुलिसवालों ने लात मारी थी। मृतका की मां ने भी प्रशासन का डर होने की बात कही है।

गैंगरेप की शिकार दलित युवती की मौत के बाद परिवार ने कहा कि उनके घर मे सभी के फोन को सर्विलांस पर रखा गया है। पीड़िता की मां ने पुलिस के साथ ही गांव के ठाकुर बिरादरी के लोगों से भी खतरा बताया है। डीएम पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह आकर दबाव बना रहे थे कि लड़की अगर कोरोना से मरती तो मुआवजा मिलता क्या?


लड़की की मां ने कहा कि वह पुलिस वालों से गिड़गिड़ाती रही, रोती रही बिटिया की लाश रख दो। उस रात जब बिटिया गांव लाई गई थी तो परिजनों ने रिश्तेदारों के आने की बात कह कर लाश घर के बाहर रख देने की बात कही थी, लेकिन किसी ने भी उनकी एक भी बात नहीं सुनी। परिजनों ने बताया कि पुलिस न किसी को बाहर जाने दे रही थी ना ही अंदर आने दे रही थी। कम से कम 200 से ज्यादा पुलिसवालों ने घर को कब्जे में ले रखा था।

परिजनों ने मीडिया के अंदर आने को लेकर भी प्रशासन की कोई चाल बताया है। 2 दिन तक किसी को भी नहीं आने दिया आज अचानक क्यों सब मीडिया वालों को आज अंदर भेजा गया है। एक छोटी बच्ची की मां पीड़िता की भाभी कहती है कि उनकी एक छोटी बच्ची है, उसे दूध तक उसने चम्मच से पिलाया। जैसे तैसे थोड़ा पिलाया है, हमें दूध तक लेने नहीं जाने दिया गया है। यह कहते हुए पीड़िता की भाभी जमीन पर गिरकर अचेत हो जाती है।


पीड़िता के भाई का कहना है कि उसे यूपी पुलिस की कार्रवाई पर कतई भरोसा नहीं है। मीडिया ने जब पूछा कि क्या कल कोई अधिकारी घर आये थे, जिस पर घरवालों ने जवाब दिया कि नहीं। कल कोई भी यहां नहीं आया। सिर्फ सैकड़ों की संख्या में यहां पुलिसवाले ही थे। हमारे घर, छत, घर के चारों तरफ बस पुलिस का ही पहरा था। कोई भी अधिकारी यहां नहीं आया। उन्होंने कहा कि बस डीएम आये थे जो हम सभी को धमकाकर चले गए थे।

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