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उत्तर प्रदेश

पुलिस की गोली से मारा गया विकास दुबे, यूपी पुलिस बोली - एक्सिडेंट के बाद भागने की कोशिश की, जवाबी कार्रवाई में हुआ था घायल

Janjwar Desk
10 July 2020 2:50 AM GMT
पुलिस की गोली से मारा गया विकास दुबे, यूपी पुलिस बोली - एक्सिडेंट के बाद भागने की कोशिश की, जवाबी कार्रवाई में हुआ था घायल
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गुरुवार 9 जुलाई की रात ही यूपी एसटीएफ उसे उज्जैन से लेकर कानुपर के लिए चली और पुलिस के अनुसार इसी दौरान रास्ते में वाहन दुर्घटना हो गई...

जनज्वार। कानपुर के कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे की मौत की पुष्टि उत्तरप्रदेश पुलिस ने की है। गुरुवार 9 जुलाई की रात ही यूपी एसटीएफ उसे उज्जैन से लेकर कानुपर के लिए चली और पुलिस के अनुसार इसी दौरान रास्ते में वाहन दुर्घटना हो गई। जानकारी के अनुसार, विकास दुबे ने गाड़ी दुर्घटना के बाद भागने की कोशिश की, इसके बाद उसे गोली मारी गई। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डाॅक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

विकास दुबे ने अपने गुंडों के साथ मिलकर दो-तीन जुलाई की मध्य रात्रि कानुपर के बिकरू गांव में आठ पुलिसवालों की गोली मार कर हत्या कर दी। इसके बाद से ही वह फरार चल रहा था। विकास दुबे पर कुल 72 अलग-अलग मामले पिछले ढाई दशक के उसके अपराध इतिहास में दर्ज हुए थे, लेकिन डर से उसके खिलाफ कोई गवाही नहीं देता था जिससे वह हर मामले से बरी हो जाता था।

उसकी मौत की पुष्टि से पहले कानपुर पश्चिम के एसपी ने इस मामले में कहा कि विकास दुबे को पुलिस जब लेकर आ रही थी तो गाड़ी पलट गई। इस दौरान घायल पुलिसकर्मी की पिस्टल लेकर उसने भागने की कोशिश की, इसके बाद पुलिस ने उसको चारों ओर से घेर कर कंबिंग कर उससे आत्मसमर्पण कराने की कोशिश लेकिन उसने गोली चलाई जिस पर पुलिस ने जवाबी गोली चलाई जिसमें वह घायल हुआ है और उसका कंडिशन हमलोग अस्पताल में पता कर रहे हैं।

विकास दुबे से पहले पुलिस ने इनकाउंटर में उसके पांच करीबी लोगों को मार गिराया था, जो उसके गैंग में थे और उसके लिए काम करते थे। इसमें कुछ इनामी अपराधी थे। पहले ही मारे गए पांच अपराधियों में तीन उसके रिश्तेदार थे, जिसमें उसका भतीजा अमर दुबे सहित मामा प्रेम प्रकाश व एक चचेरा भाई अतुल दुबे शामिल था। इसके अलावा उसके दो अन्य सहयोगियों को भी पुलिस ने मार गिराया था।

मारे गए उसके दो अन्य सहयोगियों के नाम रणवीर दुबे उर्फ बउअन दुबे व प्रभात मिश्रा है।

कानपुर के आइजी मोहित अग्रवाल ने यह स्वीकार किया है कि वह पुलिस इनकाउंटर में ही मारा गया है। उन्होंने कहा कि आज सुबह हुई दुर्घटना में चार पुलिस वाले घायल हुए हैं और पुलिस के इनकाउंटर में विकास दुबे मारा गया है।






पत्नी ऐसे चढी पुलिस के हत्थे

विकास दुबे की पत्नी से उत्तरप्रदेश पुलिस ने गुरुवार को पूछताछ की थी और उसके बाद उसे लेकर कानपुर चली गई। उज्जैन से विकास दुबे को गिरफ्तार किए जाने के बाद उसकी पत्नी रिचा दुबे को लखनऊ के कृष्णानगर के इंद्रलोक से हिरासत में लिया गया। उसके साथ उसका बेटा भी था। रिचा दुबे पर विकास दुबे के अपराध में साथ देने का व हमराज होने का आरोप है।

इंद्रलोक में रिचा दुबे को देखकर स्थानीय लोगों ने पुलिस को डायल 112 पर फोन किया जिसके बाद वह हिरासत में ली गई। इससे पहले रिचा के नौकर महेश को कृष्ण नगर पुलिस ने गिरफ्तार कर एसटीएफ को सौंप दिया। जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात रिचा अपने बेटे के साथ घर पहुंची थी, लेकिन वहां पुलिस को देखकर वापस जाने लगी तो लोगों ने शोर मचा दिया और वह पकड़ ली गई। एसटीएफ की टीम गुरुवार रात सभी को लेकर कानपुर रवाना हो गई जहां परिवार के सदस्यों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी।

उज्जैन के एसपी का दावा

वहीं, उज्जैन के एसपी मनोज कुमार सिंह ने गुरुवार की शाम को कहा था कि विकास दुबे को हमने यूपी एसटीएफ को सौंप दिया और वह उसे लेकर उत्तरप्रदेश रवाना हो गई। उन्होंने कहा कि विकास दुबे को अगर पकड़ने में थोड़ी और देर होती तो वह उज्जैन से भी दर्शन कर भाग जाता। उन्होंने कहा कि उसने अपना नाम व आइडी गलत बताया। जब गंभीरता से उससे पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम विकास दुबे बताया। कन्फर्म करने के लिए हमने यूपी में एससपी से संपर्क किया और फोटो मंगवाकर पड़ताल की।

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