Top
उत्तर प्रदेश

कानपुर हत्याकांड: संजीत की बहन बोली-लाश ही तलाश दो, एक बार राखी तो बांध लूं

Janjwar Desk
25 July 2020 10:46 AM GMT
कानपुर हत्याकांड: संजीत की बहन बोली-लाश ही तलाश दो, एक बार राखी तो बांध लूं
x
उत्तर प्रदेश के कानपुर के संजीत यादव की हत्या के बाद उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. संजीत की बहन रुचि बार-बार कह रही थी कि मेरा भाई बुजुर्ग माता-पिता का एक मात्र सहारा था.

जनज्वार। उत्तर प्रदेश के कानपुर के संजीत यादव की हत्या के बाद उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. संजीत की बहन रुचि बार-बार कह रही थी कि मेरा भाई बुजुर्ग माता-पिता का एक मात्र सहारा था. अब हम सब कैसे जिएंगे. पुलिस से गुहार लगाते हुए बहन रुचि ने कहा कि वह जिस हाल में है उसे एक बार सामने तो लाओ कुछ दिन बाद राखी है. लाश ही तलाश दो, कम से कम एक बार राखी तो बांध लूं.

सीएम के निर्देश के बाद शासन से मिली जानकारी के अनुसार जनहित में अपर पुलिस अधीक्षक, दक्षिणी कानपुर नगर, आईपीएस अपर्णा गुप्ता और मनोज गुप्ता तत्कालीन सीओ को निलंबित कर दिया गया है. इसके अलावा लापरवाही बरतने के आरोप में पूर्व प्रभारी निरीक्षक थाना बर्रा रणजीत राय और चौकी इंचार्ज राजेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है.

बता दें कानपुर के बर्रा से अपहृत लैब टेक्नीशियन संजीत यादव के अपहरण मामले में गुरुवार देर रात बुरी खबर आई है. पुलिस के अनुसार युवक की हत्या की जा चुकी है. पुलिस अभी भी युवक की लाश की बरामदगी नहीं कर सकी है, तलाश जारी है. उधर युवक की मौत की सूचना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. पुलिस ने मामले में 5 लोगों को हिरासत में लिया है.

बता दें एक महीने से अपहरण के इस मामले में कानपुर पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है. इस किडनैपिंग केस में पुलिस पर आरोप भी लगे हैं कि उसने अपहृत युवक के परिजनों से अपहरणकर्ताओं को 30 लाख रुपए भी दिलवा दिए.

एसएसपी दिनेश कुमार ने बताया कि बर्रा थाना पर 23 जून को शिकायत दर्ज हुई थी, जिसे 26 को एफआईआर दर्ज की गई थी. 29 जून को फिरौती का कॉल आया. इसे लेकर क्राइम ब्रांच और सर्विलांस सेल की टीम गठित की गई. इस टीम ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है. इसमें उसके कुछ दोस्त और संजीत के साथ अन्य पैथोलॉजी में काम कर चुके लोग शामिल हैं. इनके द्वारा कबूला गया है कि संजीत की इन्होंने 26 या 27 जून को ही हत्या कर दी थी और पांडु नदी में शव को बहा दिया. अलग-अलग टीम गठित करके शव की तलाश की जा रही है. वहीं मोबाइल और मोटरसाइिकल की बरामदगी के लिए भी जानकारी की जा रही है.

बता दें कि एक सप्ताह पहले पुलिस की आंखों के सामने अपहरणकर्ता रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गए और पुलिस हाथ मलती रह गई, जिसके बाद एसएसपी कानपुर ने पीड़ित परिवार से मिलकर 4 दिन के भीतर युवक की बरामदगी का भरोसा दिया था. यह अवधि भी बीत गई लेकिन इसमें पूरी तरह फेल रही.

Next Story
Share it