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Kanpur News: कानपुर में 14 पुलिस वालों ने मिल कर दलित के साथ किया ये घिनौना काम! बवाल मचा तो हुआ ये

Janjwar Desk
23 March 2022 4:33 AM GMT
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Kanpur News: कानपुर की बर्रा पुलिस को एक दलित परिवार के मकान में कब्जा कराना भारी पड़ गया। मामले में DCP साउथ ने मंगलवार रात पूरी की पूरी चौकी को ही लाइन हाजिर कर दिया।

Kanpur News: कानपुर की बर्रा पुलिस को एक दलित परिवार के मकान में कब्जा कराना भारी पड़ गया। मामले में DCP साउथ ने मंगलवार रात पूरी की पूरी चौकी को ही लाइन हाजिर कर दिया। DCP ने लाइन हाजिर किये गए सभी पुलिसकर्मियों पर विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं। इसके अलावा ACP गोविंदनगर और इंस्पेक्टर बर्रा की भूमिका जांची जा रही है।

दरअसल, बर्रा के रहने वाले महादेव के मकान में उमराव नामक दबंग ने फरवरी में कब्जा कर लिया था। कब्जे के वक्त वहां बर्रा पुलिस की मौजूदगी भी थी। इस मामले की शिकायत आलाधिकारियों तक पहुंची थी। जिसके बाद ADCP साउथ मनीष सोनकर को जांच सौंपी गई। शुरुआती जांच में ADCP ने पूरी चौकी पर जांच की दरकार बताई थी। इसके बाद DCP साउथ रवीना त्यागी ने कार्रवाई करते हुए 14 पुलिसवालों को लाइन हाजिर कर दिया।

जिन पुलिसवालों पर हुई कार्रवाई

मकान कब्जा कराने को लेकर जिन पुलिसवालों पर कार्रवाई हुई उनमें चौकी इंचार्ज यादव मार्केट आशीष कुमार मिश्रा, ट्रेनी दरोगा राहुल कुमार गौतम, ट्रेनी दरोगा जयवीर सिंह, हेड कॉन्स्टेबल गणेश कुमार, कमलापति, प्रदीप कुमार, शिव कुमार समेत सिपाही लोकेश कुमार, नवनीत राजपूत, अश्वनी कुमार, भूपेंद्र दीक्षित, नागेंद्र सिंह चौहान, अतुल कुमार व जितेंद्र कुमार शामिल हैं।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक बर्रा निवासी महादेव ने साल 2014 में अपने मकान को बेचने के लिए उमराव नाम के सख्श से 35 लाख रुपये में डील की थी। उमराव ने 10 लाख रुपये और आठ लाख रुपये कीमत के प्लॉट की रजिस्ट्री महादेव के नाम की थी। जिसके बाद महादेव ने अपने मकान की रजिस्ट्री उमराव के नाम कर दी। बाकी की रकम न मिलने पर महादेव ने कब्जा नहीं छोड़ा था। इसपर उमराव ने प्लॉट की रजिस्ट्री को फर्जी बताकर महादेव पर FIR करा दी।

वहीं दूसरी तरफ महादेव ने भी सिविल केस दायर कर दिया। इस दौरान महादेव की मौत हो गई। दिसंबर 2021 में उमराव ने अदालत को गुमराह करते हुए दावा किया कि मकान पर उसी का कब्जा है। इस आधार पर कोर्ट ने उसके पक्ष में फैसला दे दिया। जिसके बाद 23 फरवरी को उमराव ने मकान पर कब्जा कर महादेव के परिवार को बेघर कर दिया।

यहां फंसा था पेंच

इसके बाद दबाव बनाने के लिए उमराव ने महादेव के बेटे राजकुमार पर चोरी की FIR भी दर्ज कराई थी। इसी फंसे पेंच में यादव मार्केट चौकी में तैनात सभी पुलिसवाले जांच की जद में आये और दोषी पाए गए। जिसके बाद सभी को लाइन हाजिर कर दिया गया। अब कुल मिलाकर चौकी में तैनात सभी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई कर दी गई, लेकिन बड़े जिम्मेदारों पर किसी कार्रवाई का मुद्दई इंतजार कर रहे हैं।

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