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उत्तर प्रदेश

यूपी: तीन बच्चों समेत साड़ी का फंदा बनाकर मां ने मौत को लगाया गले

Janjwar Desk
2 Oct 2020 4:56 AM GMT
यूपी: तीन बच्चों समेत साड़ी का फंदा बनाकर मां ने मौत को लगाया गले
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मृतक महिला साधना के भाई ने बहनोई कुलदीप व उसके परिवार पर आरोप लगाया है कि लगातार तीन बेटियां होने के चलते इन लोगों ने उसकी बहन तथा मासूम भांजियों की हत्या कर लटका दिया है.....

मनीष दुबे की रिपोर्ट

कानपुर। यूपी के औरैया जिला स्थित दिबियापुर के सेहुद गांव में तीन बेटियों के साथ फंदे पर लटकी मिली महिला के कमरे में टीवी तेज आवाज में चल रही बताई जा रही है। इससे लोग यह अनुमान लगा रहे हैं कि मासूम बच्चियों की चीखें बाहर न जा सकें, इसलिए टीवी तेज आवाज में चला दी गई थी।

पास ही खड़े मृतका साधना के पति कुलदीप ने बताया कि वह जब पड़ोस के घर से छत के रास्ते घर के अंदर पहुंचा तो कमरे का दरवाजा खुला था। तेज आवाज में टीवी चल रहा था। बदहवाश होकर वह घर के बाहर आया तो चीख पुकार सुनकर गांव के लोग भी अंदर दाखिल हुए। सभी का मानना है कि टीवी की तेज आवाज से बच्चियों की चीखें दब गईं होंगी। इसलिए पड़ोसियों को भी घटना के बारे में जानकारी नहीं हुई।

मृतक महिला साधना के भाई ने बहनोई कुलदीप व उसके परिवार पर आरोप लगाया है कि लगातार तीन बेटियां होने के चलते इन लोगों ने उसकी बहन तथा मासूम भांजियों की हत्या कर लटका दिया है। मरने वालों में 28 वर्षीय साधना, 7 वर्षीय गुंजन, 3 वर्षीय अंजुम व 12 दिन की नवजात ओजस्विनी के शव घर के अंदर कुंडे में साड़ी के फंदे से एक साथ लटके हुए मिले थे। जिसके बाद साधना के भाई बृज बिहारी ने पति कुलदीप, सास बिटोली देवी, ससुर कैलाश के खिलाफ लिखित शिकायत दी है।

एक नवजात समेत तीन बेटियों के साथ महिला की मौत की खबर थोड़ी ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके बाद आसपास का हर व्यक्ति घटना के बारे में जानने को इच्छुक दिखा। घटना कैसे हुई, यह जानने के लिए लोग मृतका के दरवाजे पर एकत्रित हो गए। पुलिस को घटनास्थल पर लोगों को घुसने से रोकने के लिए रेड टेप लगाना पड़ा। लोगों को घटनास्थल से दूर रखने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी।

दिबियापुर सेहुद गांव के विनय कुमार के साथ साधना का पति कुलदीप घटना की जानकारी होने से पहले काफी देर तक बात करता रहा था। यह पता चलने पर एसपी सुनीति ने विनय से कुलदीप की मनोस्थिति के बारे में जानकारी ली। जिसके बाद विनय ने बताया कि कुलदीप लगभग सबा 11 बजे घर लौट रहा था। कुलदीप अपनी साइकिल से था, जबकि विनय अपनी बाइक से था। सेहुद के मुख्य गेट से घर तक वह और कुलदीप बातें करते हुए गांव आए थे।

गांव पहुंचकर कुलदीप ने विनय से बताया था कि वह घर पर खाना खाने जा रहा है। कुलदीप ने इस बात का भी जिक्र किया था कि बुधवार की शाम को भी खाना नहीं खाया था। अभी विनय खाना खाने बैठा ही था कि कुलदीप की चीख पुकार सुनकर बाहर निकल आया।

कुलदीप ने बताया कि बुधवार से उसे हल्का बुखार आ रहा था। इसलिए दवा भी खाई थी। गुरुवार को पेंटिंग कर रहे मजदूर की सास की मौत हो गई, उसे भी बुखार था। इसलिए काम बंद करके 11 बजे ही घर आ गया था। जब घर लौटा तब पत्नी एवं बेटियों के शवों के फंदे पर लटके होने की जानकारी मिली।

घटना स्थल से पुलिस अधिकारियों के जाने के बाद एक बार फिर से मृतका के मायके के लोग उग्र हो गए। युवकों ने कुलदीप के घर के अंदर रखा टीवी तोड़ दिया। सिलिंडर की नली हटाकर गैस खोल दी। ग्रामीणों ने देख लिया और सिलिंडर से निकल रही गैस बंद की।

इस बीच कुछ महिलाएं पड़ोस में रहने वाले कुलदीप के पिता के घर घुस गईं। यहां पर भी महिलाओं ने टीवी क्षतिग्रस्त कर दिया। ग्रामीणों ने मौके पर मौजूद कुछ पुलिस कर्मियों की मदद से सभी को बाहर निकाला। साथ ही ग्रामीणों ने ही दोनों घरों में ताला डाल दिया, ताकि घरों में कोई नुकसान न हो सके।

गांव सेहुद के लोग गांव में घटी तीन बेटियों के साथ महिला की मौत से स्तब्ध हैं। हालांकि वह किसी भी सूरत में घटना को हत्या मानने को तैयार नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों 8 साल से साथ रह रहे हैं। पति पत्नी में झगड़ा तो कई बार हुआ, मामला न्यायालय तक में भी चला। परंतु ऐसा देखने में नहीं आया कि कुलदीप ने अपनी पत्नी को मारापीटा हो। कुलदीप का गांव के लोगों से व्यवहार भी अच्छा था।

एसपी सुनीति ने जनज्वार को बताया कि घटना जितनी गंभीर है उतनी ही संदिग्ध भी है। कई एंगल से जांच पड़ताल की जा रही है। पिता और पति दोनों ही रडार पर हैं। जल्दी ही साक्ष्यों को एकत्रित कर घटना का खुलासा किया जाएगा।

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