उत्तर प्रदेश

Pilibhit News: भाजपा विधायक के दफ्तर में बुलाकर दिव्यांग और उसके भतीजे को स्टाफ ने पीटा, जानिए फिर क्या हुआ

Janjwar Desk
18 Jan 2022 12:59 PM GMT
Pilibhit News: भाजपा विधायक के दफ्तर में बुलाकर दिव्यांग और उसके भतीजे को स्टाफ ने पीटा, जानिए फिर क्या हुआ
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Pilibhit News: भाजपा विधायक के दफ्तर में बुलाकर दिव्यांग और उसके भतीजे को स्टाफ ने पीटा, जानिए फिर क्या हुआ

Pilibhit News: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के जनपद पीलीभीत (Pilibhit) के भाजपा (Bhartiya Janta Party) के शहर विधायक (City MLA) संजय सिंह गंगवार (Sanjay Singh Gangwar) का विवादों से पुराना नाता है।

पीलीभीत से निर्मल कांत शुक्ल की रिपोर्ट

Pilibhit News: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के जनपद पीलीभीत (Pilibhit) के भाजपा (Bhartiya Janta Party) के शहर विधायक (City MLA) संजय सिंह गंगवार (Sanjay Singh Gangwar) का विवादों से पुराना नाता है। ताजा मामले ने तो मानवता को ही शर्मसार कर दिया है। खास समर्थक के मामले में दखल देने से नाराज होकर शहर विधायक के जनसंपर्क कार्यालय (Public Relations Office) पर दोनों पैरों से चलने फिरने से लाचार दिव्यांग को बुलाकर खरी खोटी सुनाते हुए उससे गाली-गलौज की गई। बाद में स्टाफ ने दिव्यांग और उसके भतीजे की पिटाई की। ऐलानिया कहा कि अगर तू दिव्यांग ना हो तो तलैया में उठाकर फेंक देते। विधायक के कार्यालय स्टाफ (Office Staff) की दबंगई का मामला सियासी हलकों में सुर्खियों में है।


बरखेड़ा थाना अंतर्गत ग्राम पौटा कलां के बहादुर शर्मा ने मीडिया के कैमरे के सामने आकर बताया कि 17 जनवरी को विधायक संजय सिंह गंगवार के कार्यालय पर फोन करके बुलाया गया था, जहां पहुंचने पर कहा गया कि तुम किसी को फोन पर गाली बकते हो। जब मैंने कहा कि मैं तो किसी को गाली नहीं बकता हूं तो बोले कि क्या तुम पुलिस वाले हो ? मेरे इनकार करने पर वह लोग भड़क गए। मैंने सफाई दी कि कोई फर्जी फोन कराता है। तो विधायक जी के कार्यालय के लोगों ने थप्पड़ मारने शुरू कर दिए और बोले कि अगर तू दिव्यांग नहीं होता तो उठाकर तालाब में फेंक देते। उस समय विधायक जी कार्यालय पर मौजूद नहीं थे लेकिन विधायक जी गुंडों का साथ देते हैं।


जब मैं उनके कार्यालय पर गया था तो साथ में भतीजा राहुल भी था, उसे भी मारा पीटा। वह इस मामले में बिल्कुल चुप नहीं बैठेगा। पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देगा और ऊपर तक कार्रवाई के लिए लिखा पढ़त करेगा। जिन लोगों ने विधायक के दफ्तर में हाथापाई, मारपीट, गाली-गलौज और तालाब में फेंकने की धमकी दी, मैं उनके नाम तो नहीं जानता है लेकिन वे लोग उनके कार्यालय के स्टाफ के थे। एक उनका पीए था। घटना के वक्त मारपीट करने वालों ने यह भी कहा कि विधायक जी के पिताजी बैठे हैं, उन्हीं ने तुझे बात करने के लिए बुलाया था।

विधायक समर्थक से यह है विवाद

पीड़ित दिव्यांग बहादुर शर्मा ने बताया कि ग्राम बिलगवां में ओमप्रकाश उसके मुंह बोले भाई हैं। ओमप्रकाश के मकान के पीछे की साइड में रामू का मकान है। रामू भाजपा शहर विधायक संजय सिंह गंगवार का खासमखास है, उनकी ही शह पर गांव में दबंगई दिखाता है। रामू उसके भाई ओमप्रकाश के मकान के दरवाजे की सीढ़ियां नहीं बनने दे रहा है। वह अपने भाई की मदद करता है इसलिए रामू उससे रंजिश मानने लगा और उसी में विधायक के कार्यालय में शिकायत करके बुलवाया था।

प्रार्थना पत्र में पीड़ित ने क्या कहा

बरखेड़ा थाना अंतर्गत ग्राम पौटा कलां के बहादुर शर्मा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा कि कोतवाली अंतर्गत ग्राम बिलगवां निवासी रामू पुत्र राम लखन से जगह के पुराने विवाद को लेकर 17 जनवरी को समय करीब अपराहन 2 बजे शहर विधायक संजय गंगवार के जनसंपर्क कार्यालय से उसके पास फोन आया। बुलाने पर वह उनके कार्यालय पर गया, जहां उसके साथ विधायक के कार्यकर्ताओं ने हाथापाई की। जब उसका मुंह बोला भाई और भतीजा बचाने दौड़ा तो उसे भी मारा पीटा। रामू का विधायक संजय गंगवार पक्ष लेते हैं। जगह के विवाद को लेकर रामू और उसका भाई ज्ञानप्रकाश उससे रंजिश मानते हैं। रामू ने उसके मुंह बोले भाई ओमप्रकाश के रास्ता चलते के फोटो खिंचवाये। फोटो का दुरुपयोग करते हुए रामू ने तांत्रिक और गुंडों को दिए। गुंडों में ओमप्रकाश को जान से मारने के लिए घेरा। किसी तरह जान बचाकर भागे।

पुलिस से कार्रवाई का मिला आश्वासन

दिव्यांग बहादुर शर्मा शहर भाजपा विधायक संजय सिंह गंगवार के कार्यालय पर उनके स्टाफ के विरुद्ध मारपीट के मामले में कार्रवाई कराने के लिए प्रार्थना पत्र लेकर मंगलवार दोपहर पुलिस अधीक्षक कार्यालय गया तो पुलिस अधीक्षक से तो उसकी मुलाकात नहीं हो सकी। तब उसने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के स्टाफ को कार्रवाई के लिए प्रार्थना पत्र सौंपा। कार्यालय प्रभारी ने पीड़ित दिव्यांग से बातचीत कर पूरा मामला समझने के बाद प्रार्थना पत्र सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को भेजकर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।

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