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मोदी है तो मुमकिन हैः गोरखपुर में एक ही एम्स का दूसरी बार हुआ उदघाटन, पीएम ने कहा डबल इंजन की सरकार तो तेजी से होता है कार्य

जीतेन्द्र उपाध्याय की रिपोर्ट
Gorakhpur AIIMS Update: उत्तर प्रदेश की फिजाएं बतानें लगी है कि विधान सभा चुनाव करीब है।एक पखवारे के अंदर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरी बार पूर्वांचल के दौरे पर 7 दिसंबर को गोरखपुर पहुंचे। इस बार बारी थी, फर्टिलाइजर के उदघाटन की। इसके साथ ही पीएम ने क्षेत्र के लोगों को एक और तोहफा के रूप में एम्स का लोकार्पण किया। खास बात यह है कि इसी एम्स का दो वर्ष पूर्व भी संसदीय चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री ने उदघाटन किया था। इसको लेकर सवाल उठानेवाले बहुतेरे लोग हैं,पर सच्चाई यह है कि उस बार अधूरे एम्स का उदघाटन किया गया था। हालांकि हकीकत यह है कि देश के दिल्ली समेत अन्य प्रमुख एम्स से तूलना करें तो अभी भी यहां अधिकांश विभागों की ओपीडी सेवा शुरू नहीं हो पाई है।
विधान सभा चुनाव करीब आने के बाद से प्रधानमंत्री समेत भाजपा के बड़े नेताओं का राज्य में दौरा तेज हो गया है। अभी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुशीनगर में बने अंतरराष्टीय एयरपोर्ट का उदघाटन करने पहुंचे थे। इसे पूर्वांचल के विकास व पर्यटन केंद्र के रूप में क्षेत्र के विस्तार के लिहाज से प्रमुख प्रयास माना जा रहा है।जबकि हकीकत यह है कि तकनीकी कारणों से अभी भी यहां से अंतरराष्टीय उडान नहीं शुरू हो पाया है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां 30 वर्ष से बंद पड़े फर्टिलाइजर का उदघाटन करने पहुंचे थे। जिसका निर्माण पिछले सात वर्षों से चल रहा था। इसे सरकार अपनी महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में गिनाती रही है। विधान सभी चुनाव जब तकरीबन तीन माह शेष रह गए हैं। ऐसे समय में फर्टिलाइजर का उदघाटन कर भाजपा अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में गिनाने में पीछे नहीं रहेगी। साथ ही आश्चर्य इस बात का यह है कि लोकसभा चुनाव करीब आने पर पीएम ने जिस एम्स का उदघाटन किया था,उसे ही दूसरी बार आज उदघाटन करते हुए पूर्वांचलवासियों के लिए बड़ा तोहफा बता गए।
पीएम मोदी ने गोरखपुर में रिमोट का बटन दबाकर गोरखपुर खाद कारखाना एवं अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर का लोकार्पण किया। साथ ही सभा को संबोधित करते हुए सपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि लाल टोपी वालों को जनता से नहीं मात्र लालबती की प्रत्याशा रहती है। इन्हें अपनी तिजोरी भरने के लिए लाल बती चाहिए। आतंकवादियों को मदद पहुंचाने के लिए सत्ता चाहिए। इससे पहले पीएम मोदी का राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।
इस मौके पर सीएम योगी ने कोरोना प्रबंधन को लेकर पीएम मोदी की तारीफ की और कहा कि दुनिया इस बात की सराहना कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपुर में लगातार माना जाता था कि यहां बीमारी है। उन्होंने कहा कि यहां दिमागी बुखार, मलेरिया आदि विषाणुजनित बीमारियों से मौतें होती थीं। तब 2016 में आदरणीय प्रधानमंत्री ने इसी एम्स का शिलान्यास किया था और आज उद्घाटन भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में इंसेफलाइटिस के मरीज आते थे तो उनका सैंपल टेस्ट के लिए पुणे भेजना पड़ता था। तब तक उस मरीज की मौत हो चुकी होती थी। लेकिन, पीएम मोदी की वजह से गोरखपुर रीजनल वायरल सेंटर में कोरोना के साथ इंसेफलाइटिस, कालाजार और मलेरिया समेत कई अन्य बीमारियों की जांच संभव हो पाएगी।
उन्होंने कहा कि एम्स, गोरखपुर की सुविधाओं में 750 बेड का अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, आयुष भवन, सभी कर्मचारियों के रहने के लिए आवास, यूजी और पीजी छात्रों के लिए छात्रावास आदि शामिल हैं। क्षेत्र में जापानी इंसेफेलाइटिस,एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम की चुनौती से निपटने में केन्द्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ नया भवन संचारी और गैर-संचारी रोगों के क्षेत्रों में अनुसंधान के नए क्षितिज के साथ-साथ क्षमता निर्माण में मदद करेगा।
सीएम के स्वर्णिम प्रोजेक्ट का वर्ष 2019 में भी हुआ था उदघाटन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वर्णिम प्रोजेक्ट के रूप में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान अर्थात एम्स रहा है। वर्ष 2014 के अपने प्रधानमंत्री के कार्यकाल के शुरू करने के पूर्व चुनावी सभा में नरेंद्र मोदी ने गोरखपुर में एम्स खोलने का वादा किया था। वर्ष 2017 में यूपी के विधानसभा चुनाव के पूर्व प्रधानमंत्री ने एम्स निर्माण कार्य का शिलान्यास किया, जिसे पूर्ण करने का लक्ष्य अप्रैल 2020 रखा गया। इसके पहले वर्ष 2019 में ही प्रधानमंत्री ने अपने दूसरे कार्यकाल की प्रत्याशा में अधूरे निर्माण के बीच इसका लोकार्पण कर दिया। लिहाजा एक बार फिर प्रधानमंत्री की अपनी कुर्सी तो बरकरार रही, लेकिन निर्माण अधूरा ही रह गया। अब सुखद बात यह है कि फरवरी 2022 में एक बार फिर विधानसभा चुनाव होने जा रहा है। ऐसे में अब तक के चुनावी कैलेंडर के अनुसार निर्माण के बढते क्रम को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा था कि विधान सभा चुनाव करीब आने पर संपूर्ण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। खास बात यह है कि वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री ने जिस एम्स का उदघाटन किया था,उसकी दूसरी बार फर्टिलाइजर के साथ एक बार फिर आज उदघाटन किया। इसके पीछे सरकार की दलिल है कि एम्स के लिए तय मानक के अनुसार सभी विभागों के ओपीडी चालू हो गए हैं। जबकि लोगों का कहना है कि भाजपा कार्यकाल में एम्स भले ही देश के कई शहरो को मिला,पर आज भी दिल्ली स्थित एम्स की बराबरी करने के काबिल ये संस्थान नहीं है।लिहाज देश की एक बड़ी आबादी का बोझ एम्स दिल्ली को झेलना पड़ता है। हकीकत यह है कि गोरखपुर का एम्स पूर्वांचल के साथ ही बिहार के आधा दर्जन जिलों के व नेपाल के मरीजों के लिए एक उम्मीदों का केंद्र रहा है। लेकिन आज भी ओपीडी के सभी विभाग चालू न हो पाने से मरीज गोरखपुर स्थित बाबा राघवदास मेडिकल कालेज जाना बेहतर समझते है।





