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उत्तर प्रदेश

यूपी की जेल में आसाराम के लिए किया गया 'सत्संग', मामले में जांच के आदेश

Janjwar Desk
24 Dec 2020 10:25 AM GMT
यूपी की जेल में आसाराम के लिए किया गया सत्संग, मामले में जांच के आदेश
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दुष्कर्म पीड़िता के पिता ने आरोप लगाए हैं कि जेल में आयोजित इस 'सत्संग' (प्रार्थना सभा) के जरिए आसाराम को 'महिमामंडित' किया गया...

शाहजहांपुर। दुष्कर्म के मामले में जेल की सजा काट रहे स्वघोषित धर्मगुरू आसाराम के लिए जिला जेल में प्रार्थना सभा (सत्संग) के आयोजन के आरोप पर उत्तर प्रदेश के जेल अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं।

दुष्कर्म पीड़िता के पिता ने मीडिया की खबरों के आधार पर आरोप लगाए हैं कि आसाराम के 2 अनुयायिओं ने मंगलवार को लखनऊ से शाहजहांपुर जेल में आकर कंबल बांटे और एक प्रार्थना सभा की। इस सभा में आसाराम की तस्वीर भी लगाई गई थी। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा है कि जेल में आयोजित इस 'सत्संग' (प्रार्थना सभा) के जरिए आसाराम को 'महिमामंडित' किया गया।


उन्होंने जांच की मांग करते हुए कहा कि आसाराम के अनुयायी दुष्कर्म के दोषी की छवि को बेहतर करने के लिए ऐसे काम कर रहे हैं।

इस मामले में उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (जेल) शरद कुलश्रेष्ठ ने जांच का आदेश दिया है। यह जांच बरेली जोन के उप महानिरीक्षक करेंगे। वहीं शाहजहांपुर के जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि जेल प्रशासन को नोटिस जारी कर दिया गया है और जबाव मिलने के बाद कार्रवाई भी करेंगे। हम मीडिया की खबरों पर भी ध्यान देंगे।


बात दें कि आसाराम को अप्रैल 2018 में शाहजहांपुर की एक लड़की के साथ 2013 में जोधपुर के निकट आश्रम में दुष्कर्म करने का दोषी ठहराया गया था। इसके बाद अगस्त 2013 से वह जेल में है।

इस मामले में शाहजहांपुर जेल अधीक्षक राकेश कुमार ने जेल में 75 कंबल बांटे जाने की पुष्टि कर चुके हैं। यह कंबल दुष्कर्म मामले में कथित रूप से गवाह की हत्या के आरोपी अर्जुन और नारायण पांडे ने बांटे, जो शाहजहांपुर जेल में बंद रह चुके हैं।

जेल अधीक्षक ने कहा कि पांडे जेल में बीमार हो गया था। बाद में जेल अस्पताल में हुए इलाज से वह ठीक हुआ और फिर जमानत पर रिहा हो गया। तब उसने जेल में कंबल बांटने का संकल्प लिया था। उसके भेजे कंबल जेल में बांटे गए लेकिन जेल के अंदर सत्संग और महिमामंडन के आरोप निराधार हैं।

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