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शिक्षा

यूपी में 40 सरकारी ITI इंस्टीट्यूट का होगा निजीकरण, पढ़ाई हो सकती है 54 गुनी महंगी

Janjwar Desk
19 Aug 2020 9:59 AM GMT
यूपी में 40 सरकारी ITI इंस्टीट्यूट का होगा निजीकरण, पढ़ाई हो सकती है 54 गुनी महंगी
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प्रतीकात्मक तस्वीर
पहले चरण में 16 और दूसरे चरण में 24 ITI इंस्टीट्यूट का निजीकरण किया जाएगा, इसके बाद इनकी फीस अभी के 480 रुपये सालाना से बढ़कर 26000 रुपये सालाना हो सकती है, जो पॉलिटेक्निक डिप्लोमा की फीस से भी ज्यादा है.....

जनज्वार। उत्तरप्रदेश में 40 आईटीआई के निजीकरण की तैयारी है, जबकि प्रदेश में पहले से 2931 निजी आईटीआई हैं। तर्क यह दिया जा रहा है कि लगातार गिर रही प्रशिक्षण गुणवत्ता सुधारने के लिए निजीकरण का फैसला लिया गया है। वैसे इन 40 ITI संस्थानों के निजीकरण के बाद यहां पढ़नेवालों को फीस जरूर 54 गुनी ज्यादा चुकानी पड़ सकती है, यानि पॉलिटेक्निक डिप्लोमा की पढ़ाई से ज्यादा महंगी यह ITI की पढ़ाई हो जाएगी।

बताया जा रहा है कि यह निजीकरण दो चरणों में होगा। पहले चरण में 16 संस्थान निजी होंगे और दूसरे चरण में 24 संस्थानों का निजीकरण किया जाएगा। उत्तरप्रदेश मे 307 सरकारी ITI हैं। इनमें प्रशिक्षण लेनेवालों को अभी 480 रुपये सालाना फीस लगती है। बताया जा रहा है कि निजीकरण के बाद इनकी फीस 26000 रुपये सालाना हो जाएगी। एक तरह से कहें तो ITI की यह पढ़ाई पॉलिटेक्निक के डिप्लोमा से भी महंगी हो जाएगी, चूंकि पॉलिटेक्निक के डिप्लोमा के लिए अभी लगभग 11 हजार की फीस ही चुकानी होती है।

उत्तर प्रदेश के 40 आईटीआई को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी हो गई है। पहले चरण में 16 और दूसरे में 24 संस्थानों के निजीकरण पर सहमति बन गई है। नए सत्र से छात्रों का प्रवेश निजी आईटीआई में होगा। इसके साथ ही दाखिला लेने वाले छात्रों पर फीस का बोझ 54 गुना तक ज्यादा पड़ेगा। यानि आईटीआई की पढ़ाई पालीटेक्निक की पढ़ाई से भी ज्यादा महंगी हो जाएगी।

दावा किया जा रहा है कि लगातार गिर रही प्रशिक्षण गुणवत्ता सुधारने के लिए निजीकरण का फैसला लिया गया है। तर्क यह दिया जा रहा है कि निजीकरण के बाद छात्रों को अत्याधुनिक मशीनों के जरिए नई तकनीक सीखने का मौका मिलेगा। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निजी हाथों में जाने के बाद शिक्षा व प्रैक्टिकल के स्तर में सुधार होगा। हालांकि सभी आईटीआई का पाठ्यक्रम एक ही रहेगा।

पहले चरण में इन ITI संस्थानों का होने वाला है निजीकरण

ताखा(इटावा),पैलानी (बांदा), पाली(ललितपुर), पटियाली(कासगंज),राजातालाब(वाराणसी), इकौना(श्रावस्ती), कसया(कुशीनगर), लालगंज(प्रतापगढ़),रानीगंज(प्रतापगढ़),कांठ(मुरादाबाद), लोनी(गाजियाबाद),जयसिंहपुर(सुलतानपुर),बांसडीह(बलिया),भटहट(गोरखपुर),जंगल कौड़िया(गोरखपुर),सौरांव(प्रयागराज)

दूसरे चरण में इन ITI संस्थानों का होगा निजीकरण

शिवराजपुर (कानपुर) सदर (औरैया),बांगरमऊ (उन्नाव),सौरिख (कन्नौज), थानाभवन-2 (शामली),चीलवनियां (बस्ती), घोसी (मऊ), मिल्कीपुर (अयोध्या), मडियाहूं (जौनपुर), सादाबाद (हाथरस),मार्टिनगंज (आजमगढ़), सिरसागंज (फिरोजाबाद),तिलहर (शाहजहांपुर), इटवा-2 (सिद्धार्थनगर),सहजनवां (गोरखपुर), कोरांव (प्रयागराज), डालीगंज, फैजुल्लागंज (लखनऊ), बांकेगंज (लखीमपुर खीरी), शाहाबाद (हरदोई), किठौर (मेरठ), अफजलगढ़ (बिजनौर), सरौलीकदीम (सहारनपुर),तिलहर (शाहजहांपुर) औऱ रिछा (बरेली )।

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