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उत्तर प्रदेश

यूपी में भारी बिजली कटौती और निजीकरण के खिलाफ लोगों का फूटा गुस्सा, बोले 'अंधेर नगरी चौपट योगीराज'

Janjwar Desk
6 Oct 2020 4:20 PM GMT
यूपी में भारी बिजली कटौती और निजीकरण के खिलाफ लोगों का फूटा गुस्सा, बोले अंधेर नगरी चौपट योगीराज
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उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में बिजली में भारी कटौती के बाद लोग सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश में हैं, सोशल मीडिया पर यूजर्स योगी सरकार पर निशाना साध रहे हैं....

नई दिल्ली। निजीकरण के खिलाफ शुरू हुई हड़ताल ने उत्तर प्रदेश सरकार की मुसीबत बढ़ा दी है। प्रदेश में लाखों लोगों के घर अंधेरे में रहे। कर्मचारियों की हड़ताल का असर ऐसा दिखा कि जहां समूचे पूर्वांचल के हिस्से में बिजली की आपूर्ति नहीं हो सकी, वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, उर्जा मंत्री समेत हजारों घरों में बिजली आपूर्ति नहीं हो सकी। कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए सरकार ने भले ही कदम उठाने की बात कही हो लेकिन जमीनी हालत इससे बिल्कुल जुदा दिख रहे हैं। लखनऊ से लेकर नोएडा तक बिजली की कटौती ने लोगों के सामने पीने के पानी तक का संकट खड़ा कर दिया है, जहां दस से सोलह घंटे तक बिजली की आपूर्ति नहीं हुई।

वहीं सोशल मीडिया पर इसको लेकर यूजर्स का गुस्सा फूट पड़ा है। इंटरनेट यूजर्स बिजली आपूर्ति, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा समेत कई मुद्दा पर अपनी बात रख रहे हैं। माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर इस वक्त '#अंधेर_नगरी_चौपट_योगीराज' टॉप ट्रेंड में से एक है। एक यूजर ने लिखा, 'सबसे खराब उत्तर प्रदेश प्रशासन, बिजली जैसी बुनियादी सुविधा भी नहीं दे सकता। अरे योगी आदित्यनाथ जी कृपया अपनी कुंभकर्णी निद्रा से जाग्रत हों। पूरे राज्य के लोग विशेष रूप से छात्र परेशानी में हैं।'

एक दूसरे यूजर्स ने बिजली की आपूर्ति का मुद्दा उठाते हुए लिखा, '33 घंटे:- कोई बिजली नहीं कि वे स्मार्ट सिटी कैसे बनाएंगे।'

एक अन्य यूजर्स ने उत्तर प्रदेश विद्युत निगम के प्रदर्शनकारियों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए लिखा, 'मैं निजीकरण के खिलाफ यूपीपीसीएल के विरोध प्रदर्शन का समर्थन करता हूं।'

पार्थ चक्रवर्ती नाम के ट्वीटर यूजर ने लिखा, पूरे उत्तर प्रदेश में बिजली कटौती को लेकर हाहाकार। सबसे खराब यूपी प्रशासन बिजली जैसी बुनियादी सुविधा भी नहीं दे सकता। योगी आदित्यनाथ जी कृपया अपनी कुंभकर्णी निद्रा से जाग्रत हों। पूरे राज्य के लोग विशेष रूप से छात्र परेशानी में हैं।

मोहम्मद अब्दुल्ला नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा, अब "योगीराज" और "शिवराज" नहीं चाहिए, जहां बेटी, बहन और महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, इसे "जंगल राज" कहा जाता है।


नितिन सिंह नाम के यूजर ने लिखा, '36 घंटे से संडीला हरदोई में बिजली नहीं, वर्क फ्रॉम होम के लिए दयनीय स्थिति, ऊपर से काम नहीं मिल रहा है लेकिन इस महामारी की स्थिति में वे ऐसी स्थिति पैदा कर रहे हैं कि हमें अपने वर्तमान संस्थान से बाहर निकाल दिया जाएगा।'

एक अन्य यूजर ने लिखा, 'रामराज्य में योगीजी का सपना- 1: - यूपी में मां और बहनें सुरक्षित नहीं हैं। 2: - यूपी में 2 दिन तक लाइट नहीं। 3: - यूपी में अपराध दर बढ़ रही है। 4: - उन्होंने हर साल 12 लाख नौकरियों का वादा किया। लेकिन किसी को काम नहीं मिलता।'


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