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उत्तर प्रदेश

UP : आर्थिक तंगी से पीड़ित दंपती ने कानपुर में किया सुसाइड, लॉकडाउन में चली गयी थी नौकरी

Janjwar Desk
21 Jun 2020 7:44 AM GMT
UP : आर्थिक तंगी से पीड़ित दंपती ने  कानपुर में किया सुसाइड, लॉकडाउन में चली गयी थी नौकरी
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उत्तर प्रदेश के कानपुर में विधनू निवासी दंपती ने लॉकडाउन में नौकरी जाने के बाद फांसी लगाकर दी जान, आर्थिक तंगी के बाद रोज हो रही थी घर में लड़ाई...

जनज्वार। उत्तर प्रदेश के विधनू में लॉकडाउन के बाद आर्थिक तंगियों से जूझ रहे दंप​ती ने फांसी पर झूलकर आत्महत्या कर ली। यह घटना कल शनिवार 20 जून की है। जानकारी के मुताबिक लॉकडाउन के बाद घर में आर्थिक तंगी बनी हुई थी, जिससे आये दिन कलेश होता था, इसी कारण इन दोनों ने आत्महत्या की।

आत्महत्या करने वाले प्रिंस के पिता ने बताया, शनिवार 20 जून दोपहर भी पति—पत्नी के बीच झगड़ा हुआ। झगड़े के थोड़ी देर बाद बेटे प्रिंस ने खुद को कमरे में बन्द कर पंखे के कुंडे से साड़ी फंसाकर फांसी लगा ली। चंद्रिका ने पति की फांसी का नजारा देखकर भाई से फोन पर बात की। थोड़ी ही देर में उसने अपने एक साल के बेटे को बाहर छोड़कर दूसरे कमरे में जाकर दुपट्टे से फांसी लगाकर अपनी भी जान दे दी।

विधनू के न्यू आजाद नगर में किराए पर रहने वाले सिक्योरिटी गार्ड राजेन्द्र वर्मा का कहना है कि उनका 35 वर्षीय पुत्र प्रिंस लखनऊ की एक दवा कंपनी में काम करता था। फेसबुक के माध्यम से बेटे की देवरिया निवासी 30 वर्षीय चंद्रिका से जान पहचान हुई थी। दो साल पहले दोनों ने अपनी जान पहचान को रिश्ते में बदलकर शादी कर ली थी। इस शादी से नाराज होकर चंद्रिका के परिजनों ने उससे संबंध खत्म कर लिया।

राजेन्द्र वर्मा कहते हैं कि बेटे की खुशी के लिए उन्होंने 2018 की 25 जुलाई को धूमधाम से दोनों का विवाह कराया। इसके बाद जून 2019 को उन्हें एक बेटा हुआ था। सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था तभी लॉकडाउन के दौरान बेटे की नौकरी छूट गई। नौकरी जाने के बाद आर्थिक तंगी हुई और दोनों में कलह होने लगी।

पिता ने बताया शुक्रवार 19 जून की रात भी दोनों में झगड़ा हुआ था। शनिवार 20 जून की सुबह वह ड्यूटी पर चले गए तथा पत्नी बेटी शालू के साथ देवकी नगर निवासी बहन कमला के यहां गई हुई थी। उनके मकान मालिक भी घर पर नहीं थे।




पिता जब घर आये तो एक वर्षीय नाती बाहर कमरे में बैठा रो रहा था। उन्होंने जब अंदर जाकर कमरों का सीन देखा तो गिर पड़े। पिता ने बच्चे को गोद में लिया और उसे देखकर रोये जा रहे थे। पिता रोते हुए कहते हैं, 'इस मासूम का क्या कसूर था भगवान जो इस उम्र में इसे अनाथ कर दिया। कल सूर्यग्रहण है, लेकिन उससे पहले ही इस बेचारे की जिंदगी में सदा के लिए ग्रहण लग गया। हे भगवान कैसे जियेगा ये बेचारा?'

मुहल्ले के लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को जानकारी दी। थाना प्रभारी ने बताया कि आर्थिक तंगी के चलते पारिवारिक कलह की बात सामने आ रही है। लड़की के परिवार वालों को सूचना देने के बाद दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है।

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