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उत्तर प्रदेश

मोदी के क्षेत्र बनारस में महिला के इलाज के दौरान डाॅक्टरों ने बरती सोशल डिस्टेंसिंग, हो गई मौत

Janjwar Desk
2 Aug 2020 6:04 AM GMT
मोदी के क्षेत्र बनारस में महिला के इलाज के दौरान डाॅक्टरों ने बरती सोशल डिस्टेंसिंग, हो गई मौत
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कोरोना संक्रमण के बाद से ही हर तरह के मरीज का इलाज करने में डाॅक्टर डिस्टेंसिंग बरतते हैं, उन्हें यह भय रहता है कि कहीं कोरोना उन्हें चपेट में न ले ले, हालांकि मृत महिला के परिजनों के अनुसार, वे कोरोना संक्रमित नहीं थीं...

कृष्ण पंडित की रिपोर्ट

जनज्वार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र के कबीर चौरा अस्पताल में शुक्रवार की रात अमानवीय घटना घटी। अस्पतात में शहर दक्षिणी क्षेत्र के छोटी पियरी निवासी एक महिला को जब लेकर लोग इलाज कराने के लिए अस्पताल पहुंचे तो पहले वहां इलाज करने से मना कर दिया गया। करीब दो घंटों की कवायद के बाद महिला का इलाज आरंभ हुआ, लेकिन उसमें भी लापरवाही व उदासीनता बरती गई, जिससे उनकी मौत हो गई।

परिजनों के अनुसार, 50 वर्षीय महिला को शाम में पांच बजे के करीब अस्पताल में लाया गया और दो घंटे की झिक-झिक के बाद उनका इलाज शुरू हुआ, जिसके बाद डाॅक्टरों ने उन्हें दो इंजेक्शन लगाया और चले गए। फिर कोई उनके पास नहीं आया। परिजनों कह रहे हैं कि संभवतः कोरोना संक्रमण की वजह से ऐसा किया गया है। परिजनों ने महिला का नाम गुप्त रखने की बात कही है और खुद कैमरेे के सामने आने को तैयार नहीं है। शायद उनके मन में किसी तरह की आशंका व भय है।

महिला के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। उन लोगों ने बताया कि जब उन्हें अस्पताल लेकर आए थे तो तबीयत इतनी खराब नहीं नहीं थी कि जान चली जाए लेकिन दो इंजेक्शन लगाने के बाद हालत गंभीर हो गई।

महिला को इंजेक्शन लगाने के थोड़ी देर बाद ही उनकी मौत हो गई। हद तो तब हो गई जब मृत महिला के शव को घर ले जाने के लिए अस्पताल प्रबंधन की ओर से एंबुलेंस तक नहीं उपलब्ध कराया गया। इसके बाद मजबूर लोग महिला के शव को स्ट्रेचर पर लाद कर पैदल ही घर लेकर चले गए। यह घटना रात नौ बजे से 10 बजे के बीच की है। महिला का रोते-बिलखते और सरकार व अस्तपाल के कुप्रबंधन को कोसते हुए स्ट्रेचर को धक्के लगाता हुआ अपने घर गया।

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है, जहां विकास के बड़े दावे किए जाते हैं। केंद्र सरकार ने गरीबों व आम लोगों को सस्ताए सुरक्षित इलाज करवाने के लिए आयुष्मान भारत सहित कई दूसरी महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की है, पर इसका धरातल पर कोई असर नहीं दिखता है।

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