Uttarakhand Bharti Ghotala: भर्ती घोटाले की सीबीआई जांच के लिए कांग्रेस नेता भुवन कापड़ी ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा

Uttarakhand Bharti Ghotala: भर्ती घोटाले की सीबीआई जांच के लिए कांग्रेस नेता भुवन कापड़ी ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा
Uttarakhand Bharti Ghotala: उत्तराखंड का चर्चित अधीनस्थ सेवा चयन आयोग भर्ती परीक्षा घोटाला हाईकोर्ट की चौखट पर पहुंच गया है। विधानसभा में उपनेता सदन व युवा विधायक भुवन कापड़ी ने हाईकोर्ट में इस बाबत एक याचिका दाखिल कर पूरे घोटाले की सीबीआई से जांच की मांग की है। याचिका में कहा है कि उत्तराखंड में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने जो भी परीक्षा कराई उसमें गड़बड़ियां सामने आई हैं। घोटाले में शामिल गिरफ्तार हुए भारतीय जनता पार्टी के जिला पंचायत सदस्य और हाकम सिंह का कद बढ़ाकर सरकार इस खेल के पीछे के असली मगरमच्छों को बचाने का काम कर रही है, इसलिए वह अब युवाओं को न्याय दिलाने के लिए कोर्ट की शरण में आये हैं।
बुधवार की नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने के बाद भुवन कापड़ी ने सवाल उठाते हुए कहा जब दो राज्यों से इस घोटाले के तार जुड़े हैं तो कैसे एसटीएफ इसकी जांच कर सकती है? उनका कहना है कि एसटीएफ के बड़े अधिकारी भी इस जांच में आ रहे हैं। भुवन कापड़ी ने कहा कि इस घोटाले के लिए उन्होंने सदन से लेकर सड़क तक लड़ाई लड़ने के बाद अब कोर्ट में याचिका दाखिल की है। भुवन कापड़ी ने कहा कि मामले में जब दो राज्य के आरोपियों के साथ कई सफेदपोश भी लिप्त हों तो यह एक राज्य की एसटीएफ के दायरे से बाहर का केस बन जाता है।
उन्होंने एक महत्त्वपूर्ण सवाल उठाते हुए कहा कि पश्चिमी बंगाल के शिक्षक घोटाले की सीबीआई जांच हो सकती है तो उत्तराखंड के युवाओं के भविष्य को अंधेरे में डुबोने वाले इस मामले की सीबीआई जांच केवल इसलिए ही न हो कि यहां भारतीय जनता पार्टी खुद सरकार चला रही है ? कापड़ी ने कहा कि इस मामले में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। यह अब देवभूमि के युवाओं के सम्मान की बात है।
दायर याचिका में भुवन कापड़ी ने कहा है कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने शिक्षा, पुलिस, वन विभाग और ग्रामीण विकास विभाग समेत कई महत्वपूर्ण विभागों में पूर्व में भर्तियां कराई हैं। इन भर्तियों में घोटाले हुए हैं, जिनकी जांच वर्तमान में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) कर रही है। जांच में घोटाले के तार उत्तराखंड के साथ ही पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से भी जुड़े पाए गए हैं। इसलिए दो राज्यों से जुड़ चुके इस भर्ती घोटाले में सफेदपोशों और उत्तर प्रदेश के प्रभावशाली लोगों के नाम आने के कारण इसकी जांच निष्पक्षता के साथ सीबीआई से कराई जाए। कापड़ी की इस याचिका पर सोमवार को न्यायालय में सुनवाई की उम्मीद जताई जा रही है।











