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आज किसान संसद की कमान संभालेंगी महिलाएं, संयुक्त किसान मोर्चा ने की 'मिशन उत्तर प्रदेश' की घोषणा

Janjwar Desk
26 July 2021 3:30 AM GMT
आज किसान संसद की कमान संभालेंगी महिलाएं, संयुक्त किसान मोर्चा ने की मिशन उत्तर प्रदेश की घोषणा
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(संयुक्त किसान मोर्चे के नेताओं ने बताया कि सोमवार को जंतर-मंतर पर किसान संसद का संचालन पूरी तरह से महिलाएं ही करेंगी।)

महिला किसान संसद के आयोजन के साथ ही संयुक्त किसान मोर्चे ने सोमवार से लखनऊ में 'मिशन उत्तर प्रदेश' शुरू करने की भी घोषणा की है, जिसके तहत पूरे यूपी के किसानों को केंद्र की मोदी और यूपी की योगी सरकार के खिलाफ लामबंद करने की कोशिश की जाएगी....

जनज्वार डेस्क। सितंबर 2020 में पारित किए गए तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन अब भी जारी है। बीते आठ महीनों से किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं। संसद के मानसून सत्र के बीच किसानों की जंतर मंतर पर किसान संसद चल रही है। सबसे खास बात यह कि इस किसान संसद को यादगार बनाने के लिए आज इसका नेतृत्व महिलाएं करेंगी।

जानकारी के मुताबिक आज सिंघु बॉर्डर से 200 महिला किसान प्रोटेस्ट के लिए जंतर-मंतर पहुंचेंगी और वहां किसान संसद के जरिए अपनी बात देश की जनता तक पहुंचाएंगी। इसके लिए संयुक्त किसान मोर्चे की तरफ से विशेष इंतजाम किए गए हैं।

वहीं इस बीच दिल्ली पुलिस ने भी कहा है कि वह सोमवार को जंतर मंतर पर महिला फोर्स बढ़ा देगी। साथ ही सिंघु बॉर्डर से आने वाली महिलाओं की चेकिंग के लिए भी जरूरी इंतजाम किए जाएंगे। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने यह साफ कर दिया है कि महिलाओं के आने के बावजूद सुरक्षा इंतजामों में कहीं कोई कटौती नहीं की जाएगी और ना ही किसी तरह की कोई ढिलाई बरती जाएगी।

महिला किसान संसद के आयोजन के साथ ही संयुक्त किसान मोर्चे ने सोमवार से लखनऊ में 'मिशन उत्तर प्रदेश' शुरू करने की भी घोषणा की है, जिसके तहत पूरे यूपी के किसानों को केंद्र की मोदी और यूपी की योगी सरकार के खिलाफ लामबंद करने की कोशिश की जाएगी।

इससे पहले रविवार 25 जुलाई को संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से जारी किए गए एक बयान में कहा गया कि 26 जुलाई को देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन के तहत लगातार जारी विरोध प्रदर्शन के 8 महीने पूरे हो जाएंगे। इन आठ महीनों में भारत के लगभग सभी राज्यों के लाखों किसान सीमाओं पर चल रहे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान किसानों ने खराब मौसम से लेकर सरकार की तरफ से की गई आंदोलन को दबाने की कोशिशों का भी डटकर सामना किया।

संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं कहा कि इन विरोध प्रदर्शनों ने देश में किसानों की एकता और प्रतिष्ठा को बढ़ाया है और किसानों की पहचान को सम्मान दिलाया है।

संयुक्त किसान मोर्चे के नेताओं ने बताया कि सोमवार को जंतर-मंतर पर किसान संसद का संचालन पूरी तरह से महिलाएं ही करेंगी। यह महिला किसान संसद भारतीय कृषि व्यवस्था में और दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे आंदोलन में महिलाओं द्वारा निभाई जाने वाली महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाएगी। महिला किसान संसद के लिए देश के विभिन्न जिलों से महिला किसानों के जत्थे दिल्ली पहुंच चुके हैं।

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