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योगी ने चुपचाप UP में इतना विकास करवा दिया की इंडियन एक्सप्रेस भी छापकर महसूस रहा शर्मिंदगी

Janjwar Desk
12 Sep 2021 10:20 AM GMT
योगी ने चुपचाप UP में इतना विकास करवा दिया की इंडियन एक्सप्रेस भी छापकर महसूस रहा शर्मिंदगी
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(यूपी में फट पड़ रहा है योगी का किया विकास)

ताजा छीछालेदर उन तस्वीरों पर हो रही जिसे यूपी का बताकर फर्जी विकास की नदियां बहनी बताई दिखाई जा रही हैं। तस्वीरों में कहीं कोलकाता की सड़क है, तो कहीं अमेरिका की फैक्ट्री...

जनज्वार ब्यूरो। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में 2022 के पहले पखवाड़े में ही विधानसभा चुनाव होवे हैं। उसपर योगी के अफसर और आईटी सेल उनकी पूरी तरह से नाक कटवाने पर लगा है। ताजा छीछालेदर उन तस्वीरों पर हो रही जिसे यूपी का बताकर फर्जी विकास की नदियां बहनी बताई दिखाई जा रही हैं। तस्वीरों में कहीं कोलकाता की सड़क है, तो कहीं अमेरिका की फैक्ट्री।

सूर्य प्रताप सिंह ने यह विज्ञापन ट्वीट (Tweet) कर लिखा है, 'योगी जी ने 'बदलते उत्तरप्रदेश' पर एक विज्ञापन दिया है। मजेदार बात ये है कि विज्ञापन में अपनी बनायी हुई एक भी रोड की तस्वीर नही लगा सके। तो उन्होंने कलकत्ता के 'माँ फ़्लाईओवर' की तस्वीर उठाई और चिपका दी। अब रोड बेचारी दुर्गेश तो है नहीं कि झूठ बोले 'मुझे योगी जी ने बनाया है।'

पत्रकार रोहिणी सिंह ने ट्वीट किया है कि, 'कलकत्ता की सड़क चुराई ठीक, कलकत्ता की बिल्डिंग चुराई ठीक, पर योगी जी अपने विज्ञापन में पीली टैक्सी तक हटाना नहीं भूले।'

योगी जी की यह मुहिम जिसमें उन्होने यूपी को विकास की नदियों में डूबा बताया है उसे इंडियन एक्सप्रेस (Indian Express) ने अपने फ्रंट पेज पर छापा था। लेकिन जब पता चला तो अखबार ने ट्वीट किया है, 'समाचार पत्र के विपणन विभाग द्वारा निर्मित उत्तर प्रदेश पर विज्ञापन के कवर कोलाज में अनजाने में एक गलत छवि शामिल कर ली गई थी। त्रुटि के लिए गहरा खेद है और कागज के सभी डिजिटल संस्करणों में छवि को हटा दिया गया है।'

इंडियन एक्सप्रेस के इस सफाइनामें पर पत्रकार रोहिणी सिंह ने लिखा है, 'एक सरकार जो विज्ञापनों से ग्रस्त है, क्या विज्ञापन को बिना मंजूरी के प्रकाशित करने की अनुमति देगी? ट्वीट का हवाला दें। क्या इंडियन एक्सप्रेस कह रही है कि वह यूपी सरकार के लिए विज्ञापन बनाती है? यह और भी बड़ा विवाद है! ट्वीट का हवाला दें।'

रोहिणी सिंह ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, 'जब अख़बार संपादकों की जगह मार्केटिंग डिपार्टमेंट चलाने लगे तो ऐसा ही होता है। मुख्यमंत्री के दफ़्तर और सूचना विभाग द्वारा की गयी गलती के लिए माफी इंडियन एक्सप्रेस माँग रहा है। आपके ट्वीट का मतलब क्या है? अब सरकार के लिए विज्ञापन आप बना रहे हैं? कितना बचाएँगे योगी जी को?'

वरिष्ण पत्रकार अजीत अंजुम ने लिखा है, 'योगी के विज्ञापन में कोलकाता का फ्लाई ओवर और अमेरिका की फैक्टरी? Uttar Pradesh की विकास गाथा को प्रचारित करने के लिए दो तस्वीर भी यूपी की नहीं खोज पाए?'

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