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आंदोलन

माइक्रोमैक्स मजदूर आंदोलन के 200 दिन, मगर शासन-प्रशासन दे रहा मालिकान को संरक्षण

Prema Negi
17 July 2019 5:32 AM GMT
माइक्रोमैक्स मजदूर आंदोलन के 200 दिन, मगर शासन-प्रशासन दे रहा मालिकान को संरक्षण
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27 दिसंबर 2018 को माइक्रोमैक्स प्रबंधन ने 303 मज़दूरों की कर दी थी गैरकानूनी छंटनी, वहीं छंटनी की सूची में शामिल ना होने के बावजूद भगवती श्रमिक संगठन के अध्यक्ष सूरज सिंह बिष्ट की भी कर दी थी ग़ैरकानूनी गेटबंदी, ताकि न उठा पायें मजदूरों के लिए आवाज...

पंतनगर, उत्तराखंड। उत्तराखंड के पंतनगर स्थित भगवती प्रोडक्ट्स लिमिटेड माइक्रोमैक्स में 303 श्रमिकों की गैरकानूनी छंटनी और राज्य से पलायन की कोशिशों के खिलाफ मजदूरों के संघर्ष के 200 दिन 15 जुलाई को पूरे हो गए हैं।

माइक्रोमैक्स के नंदन सिंह बगड़वाल कहते हैं, अब श्रमिक संयुक्त मोर्चा अध्यक्ष दिनेश तिवारी, नेस्ले के चंद्र मोहन लखेड़ा, वोल्टास के मनोज आदि का माइक्रोमैक्स श्रमिकों के साथ आंदोलन को तेज करने के लिए 19 जुलाई को समस्त यूनियनों की बैठक का निर्णय लिया है।

हीं सूरज सिंह ने कहा कि जहां इस आंदोलन के दौरान एक तरफ तमाम कठिनाइयों रहीं, वहीं कई फर्जी मुकदमे भी दर्ज किये गये मजदूरों पर। राज्य की भाजपा सरकार, शासन-प्रशासन, श्रम विभाग और पुलिस द्वारा मालिकान को संरक्षण देने की कोशिशें लगातार जारी हैं। इन विकट परिस्थितियों में भी मजदूरों का आंदोलन पिछले 200 दिनों से लगातार जारी है। प्रबंधन की लाख कोशिशों के बावजूद मजदूरों का धरना कंपनी गेट पर ही जारी है, जहां पर पिछले 22 दिनों से क्रमिक अनशन भी चल रहा है। वहीं कानूनी लड़ाई भी जारी है।

आंदोलन से जुड़े ठाकुर सिंह बताते हैं, 27 दिसंबर 2018 को भगवती प्रोडक्ट्स लिमिटेड माइक्रोमैक्स प्रबंधन ने 303 मज़दूरों की गैरकानूनी छंटनी कर दी थी। दूसरी तरफ छंटनी की सूची में शामिल ना होने के बावजूद भगवती श्रमिक संगठन के अध्यक्ष सूरज सिंह बिष्ट की ग़ैरकानूनी गेटबंदी कर दी और बाद में कथित रूप से निलंबित कर दिया।

ज जब पूरे देश में मज़दूरों पर हमले तेज हो गए हैं, देश का मज़दूर आंदोलन कमज़ोर है, तब मजदूरों का इतना लंबा संघर्ष और हौसला बरकरार रखना जताता है कि वे मालिकान द्वारा थोपे गये किसी भी तरह के निर्णय को मानने को बाध्य नहीं हैं।

हां एक तरफ मजदूर अपनी मांगों और गलत तरीके से की गई छंटनी के खिलाफ 200 दिन से अनिश्चितकालीन संघर्ष कर रहे हैं, वहीं न्याय और प्रबंधन से अपनी मांगें मंगवाने के लिए मजदूरों ने एक रैली भी आयोजित की। इस रैली को रोकने के लिए पुलिस ने तरह—तरह से धमकियां दी, मगर एकजुट मजदूर डटे रहे।

भारी पुलिस दबाव के बावजूद 10 जुलाई को श्रमिक संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष दिनेश तिवारी और महासचिव गणेश मेहरा के नेतृत्व में मज़दूरों ने रैली निकालकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। रैली भगवती प्रोडक्ट्स लिमिटेड (माइक्रोमैक्स) के 303 महिला व पुरुष श्रमिकों की गैरकानूनी छंटनी के खिलाफ थी, जो धरना स्थल यानी कम्पनी गेट से से शुरू होकर जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर कार्यालय पर समाप्त हुई। उसके बाद जिलाधिकारी महोदय की अनुपस्थिति में उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया और शीघ्र ही इस मामले में हस्तक्षेप कर समाधान करने की माँग की गई।

ज्ञापन के माध्यम से मजदूरों ने मांग की है कि भगवती प्रोडक्ट्स में छंटनीशुदा समस्त 303 श्रमिकों व अवैध गेटबन्दी के शिकार यूनियन अध्यक्ष की कार्यबहाली हो, बंदी/पलायन पर रोक लगे, धरना स्थल पर बंद स्ट्रीट लाइटें व बंद शौचालय पुनः चालू हो, इंट्रार्क व भगवती प्रोडक्ट्स के मज़दूरों और मोर्चा पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं व अन्य यूनियन प्रतिनिधियों/मजदूरों पर लगे सभी मुक़दमें वापस हों!

स आक्रोश रैली में श्रमिक संयुक्त मोर्चा उधमसिंह नगर, मजदूर सहयोग केन्द्र, इंकलाबी मजदूर केन्द्र, इन्ट्रार्क मजदूर संगठन, नैस्ले कर्मचारी संगठन, ब्रिटानिया श्रमिक संघ, डेना इण्डिया श्रमिक संघ, महिन्द्रा सीआईई श्रमिक संगठन, रिचा श्रमिक संगठन, वोल्टास इम्प्लाइज यूनियन, गुजरात अम्बुजा सितारगंज, टाटा असाल, एलजीबी वर्कर्स यूनियन, एडविक श्रमिक संगठन आदि यूनियन व मज़दूर शामिल रहे।

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