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जिस शिक्षाविद पर बनी है 'थ्री इडियट' फिल्म उन्होंने की दिल्ली के स्कूलों की तारीफ

Prema Negi
31 July 2019 3:18 AM GMT
जिस शिक्षाविद पर बनी है

सोनम वांग्चुक बोले, दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे तारीफ के काबिल हैं, लेकिन बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए जो चीज की जा रही है, आज मैं उसको देखकर काफी प्रभावित हुआ...

जनज्वार। बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म शायद एक बार देखने के बाद किसी के भी दिमाग में अपना असर छोड़ जायेगी। इस फिल्म में फुंगसुक वांगडू यानी आमिर खान ने जिस चरित्र को जिया है वह हैं सोनम वांग्चुक। ओड़िशा के शिक्षा मंत्री समीर रंजन के साथ दिल्ली के सरकारी स्कूल में पहुंचे सोनम वांग्चुक ने न केवल यहां के सरकारी स्कूलों की तारीफ की, बल्कि इससे दूसरी सरकारों को भी सीखने की सलाह दी।

ड़िशा के शिक्षा मंत्री समीर रंजन के साथ सोनम वांग्चुक ने दिल्ली के सरकारी स्कूल की खुशियों वाली कक्षा ‘हैप्पीनेस क्लास’ का निरीक्षण किया। आम आदमी पार्टी के शासन में हो रहे दिल्ली के स्कूलों के विकास और बेहतरी को देखने पहुंचे समीर रंजन और सोनम वांग्चुक ने दिल्ली सरकार से देश की दूसरी सरकारों को सीखने की सीधी सलाह दी।

इडियट’ की कहानी के पीछे के प्रेरणास्रोत रहे सोनम वांग्चुक वांग्चुक ने कहा, ‘शिक्षा जितना सॉफ्टवेयर के बारे में है, उतना ही हार्डवेयर के बारे में भी है। दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे तारीफ के काबिल हैं, लेकिन बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए जो चीज की जा रही है, आज मैं उसको देखकर काफी प्रभावित हुआ। सभी राज्यों की सरकारों को राजनीति से ऊपर उठकर इस तरह के कार्यक्रमों की शुरुआत करने की तरफ काम करना चाहिए।’

ब समीर रंजन और सोनम वांग्चुक पश्चिमी विनोद नगर स्कूल के सर्वोदय कन्या विद्यालय की हैप्पीनेस क्लास में पहुंचे, उस दौरान उनके साथ उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी मौजूद थे।

दिल्ली की हैप्पीनेस क्लास से प्रभावित होकर ओडिशा के शिक्षा मंत्री बोले कि 'आज मैंने यह वास्तव में देखा कि बच्चे खुश थे। खुशियों वाली पाठ्यक्रम बच्चों को उनकी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में मदद कर रही है। मैं श्री सिसोदिया और उनकी सरकार को बधाई देना चाहता हूं। मैं ओडिशा जाकर अपने मुख्यमंत्री से इस कार्यक्रम को स्कूलों में लागू करने के लिए बातचीत करूंगा।’

गौरतलब है आम आदमी पार्टी सरकार आने के बाद से दिल्ली के सरकारी स्कूलों में रोजना 45 मिनट की एक हैप्पीनेस कक्षा यानी खुशियों वाली कक्षा आयोजित की जाती है। इसमें बच्चों को भावनात्मक रूप से मजबूत होना, आत्मविश्वास बढ़ाना और खुशियों के बारे में सिखाया जाता है।

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