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जब खुद रेलवे ने दिया 'ट्रेन चलने' का आदेश तो मजदूर कैसे हो गए दोषी, संजय सिंह ने उठाया सवाल

Nirmal kant
15 April 2020 11:08 AM GMT
जब खुद रेलवे ने दिया ट्रेन चलने का आदेश तो मजदूर कैसे हो गए दोषी, संजय सिंह ने उठाया सवाल
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बांद्रा रेलवे स्टेशन पर मजदूरों की भारी भीड़ को लेकर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने रेवले पर उठाए सवाल...

जनज्वार। कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन के तीन सप्ताह की सीमा 14 अप्रैल को समाप्त हो रही थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बढ़ाकर 3 मई तक के लिए किया है। वहीं इस बीच मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन पर मंगलवार 14 अप्रैल को भारी संख्या में प्रवासी मजदूरों की भीड़ इकट्ठा हो गई। इस भीड़ को लेकर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने रेलवे पर सवाल उठाए हैं।

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संजय सिंह ने दक्षिण मध्य रेलवे की ओर से 13 अप्रैल को जारी किए गए आदेश की प्रति को ट्वीट करते हुए लिखा, 'रेलवे के अधिकारी का 13 अप्रैल को जारी आदेश पढ़िये जिसमें वो कह रहे हैं “ट्रेन चलेगी” तो फिर मज़दूर कैसे दोषी हो गये? क्या इन अधिकारियों ने स्वयं ये आदेश जारी किया या फिर सरकार का आदेश था? कोरोना संकट में भीड़ संकट कौन पैदा कर रहा है?'

प सांसद ने इस घटना को लेकर एक दूसरे ट्वीट में पूछा, 'अगर 12 अप्रैल की मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री की मीटिंग में लगभग तय हो गया था की 'Lock Down' बढ़ेगा, तो फिर 13 अप्रैल को रेलवे के अधिकारी ट्रेन चलाने का प्रस्ताव क्यों तैयार कर रहे थे? भ्रम किसने फैलाया?'

दक्षिण मध्य रेलवे की ओर से एक ट्वीट किया गया है, 'स्पष्टीकरण : ट्रेन सेवाओं की मांग का आंकलन करने के लिए एससीआर की आंतरिक योजना से संबंधित संवाद को कुछ वगोर्ं में गलत तरीके से समझा जा रहा है। उन्हें लग रहा है कि प्रवासी श्रमिकों के लिए अलग ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है।” “ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है और सभी यात्री ट्रेनें तीन मई तक रद्द की जाती हैं।'

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