समाज

टीवी सीरियल 'लाल इश्क' देखकर पढ़ाई में तेज होने के लिए स्कूली बच्ची ने खुद को लगाई आग

Prema Negi
12 Sep 2019 4:54 AM GMT
टीवी सीरियल लाल इश्क देखकर पढ़ाई में तेज होने के लिए स्कूली बच्ची ने खुद को लगाई आग
x

&tv पर 'लाल इश्क' सीरियल देखकर अंधविश्वास के चपेट में आई 9 साल की मासूम बच्ची, सवाल है कि वैज्ञानिक साधनों के जरिए अंधविश्वास फैला रहे इन मुनाफाखोर कलाकारों और प्रोडक्शन हाउसों के खिलाफ कौन लड़ेगा, कैसे होगी कार्रवाई...

जनज्वार। एक तरफ जहां विज्ञान दिनोंदिन नए कीर्तिमान गढ़ रहा है हमारे वैज्ञानिक चांद पर यान भेज रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इसी तेजी से अंधविश्वास भी समाज में पैठ बनाता जा रहा है। आये दिन अंधविश्वास के कारण होने वाली हत्याओं या दूसरे तरह के दुर्व्यवहार या फिर किसी अन्य तरह की अनहोनी की घटनायें खबरों में छायी रहती हैं। डायन, चुड़ैल के नाम पर महिलाओं की हत्यायें हमारे समाज में पैठते अंधविश्वास का सबसे बड़ा उदाहरण है।

जिस टेलीविजन को अंधविश्वास दूर करने का सबसे सशक्त माध्यम होना चाहिए था, वह भी अब इसे फैलाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा। टीवी सीरियल से फैलते अंधविश्वास से भदोही ही एक बच्ची इतनी ज्यादा प्रभावित हुई की उसने 9 सितंबर को खुद को आग के हवाले कर दिया। जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश के भदोही में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली 9 साल की बच्ची ने केरोसीन डालकर खुद को आग लगा ली, ताकि वह पढ़ाई में अव्वल आ सके।

जानकारी के मुताबिक भदोही की 9 साल की स्कूली बच्ची 'लाल इश्क' नाम के एक टीवी सीरियल से इस कदर प्रभावित थी कि उसने सीरियल की रील लाइफ का सीन रियल लाइफ में दोहरा दिया। 'लाल इश्क' सीरियल में एक दिन के एपिसोड में दिखाया गया था कि एक बच्चा तंत्र-मंत्र करता है और उसके बाद वो खुद को आग लगा लेता है। बच्चा आग लगाने के बाद बच जाता है और फिर पढ़ने में तेज़ हो जाता है। इस सीन को देखने के बाद इस मासूम छात्रा ने वही दोहराया, और वो भी अपने स्कूल में। उसने स्कूल के बाथरूम में खुद को केरोसीन डालकर आग लगा ली, ताकि वह पढ़ने में तेज हो जाये, मगर आग लगने से उसकी हालत काफी खराब हो गयी।

टीवी सीरियल से फैलते अंधविश्वास से भदोही ही एक बच्ची इतनी ज्यादा प्रभावित हुई की उसने 9 सितंबर को खुद को आग के हवाले कर दिया, ऐसा उसने सीरियल का एक सीन देखकर किया जिसमें तंत्र मंत्र के बाद आग लगाने से एक बच्चा पढ़ाई में हो जाता है बहुत तेज

गंभीर रूप से जली हुई हालत में उसे भदोही के ही हॉस्पिटल में ले जाया गया, मगर लगातार बिगड़ रही हालत के बाद डॉक्टरों ने उसे वाराणसी रेफर कर दिया। अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही बच्ची टीवी द्वारा फैलाये जा रहे अंधविश्वास से इस तरह प्रभावित हुई कि पढ़ाई में तेज बनने के लिए खुद को आग के हवाले कर दिया। सही मायनों में तो उस मासूम को यह भी पता नहीं होगा कि यह आत्महत्या है। उसकी इस हरकत से परिजन सकते में हैं।

स मामले में स्कूल के वाइस प्रिंसिपल एंजेल मैथ्यू कहते हैं कि छात्रा पढ़ाई में तेज थी। वह क्लास में पहले या दूसरे स्थान पर रहती है। घटना वाले दिन वह घर से आने के बाद सीधे स्कूल के बाथरूम में चली गई और खुद को आग लगा ली। वह घर से ही बैग में केरोसिन और माचिस लेकर आई थी। मामले की जांच कर रही पुलिस का भी कहना है कि बच्ची ने टीवी पर तंत्र-मंत्र से जुड़ा सीरियल 'लाल इश्क' देखकर नादानी में ऐसा कदम उठा लिया। उसका इलाज वाराणसी में चल रहा है, हालांकि अब वह खतरे से बाहर बतायी जा रही है।

हीं इस मामले में छात्रा की मां का कहना है कि अपनी बेटी का बैग वह खुद अपने हाथों से तैयार करती है। वह घर से मिट्टी का तेल लेकर स्कूल जा ही नहीं सकती। मगर घटना के वक्त बच्ची के साथ मौजूद उसके छोटे भाई ने बताया कि उसकी बहन ऑटो से उतरकर स्कूल के अंदर गई और क्लास रूम में न जाकर अपना बैग लेकर सीधे बाथरूम में गई। जब वह बाथरूम में गई तब वह बाहर ही खड़ा था। कुछ देर बाद वह बाथरूम से बाहर निकली और दोबारा बाथरूम में चली गई, जिसके बाद सिर्फ उसके चिल्लाने की आवाज आयी।

नोचिकित्सकों के मुताबिक खासतौर पर मोबाइल और टीवी बच्चों पर मानसिक रूप से अच्छा खासा असर डाल रहे हैं। बच्चे जो भी टीवी या मोबाइल में देखते हैं, उसे सच मान लेते हैं और उसी को दोहराने लगते हैं। इस पर गार्जियंस को विशेष तौर पर ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि वह बच्चे को चुप कराने के लिए आमतौर पर मोबाइल पकड़ा देते हैं या फिर टीवी के आगे बैठा देते हैं।

Next Story

विविध

Share it