BJP विधायक पर कांस्टेबल को जूते से पीटकर जबरन पेशाब पिलाने का आरोप, अदालत के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा

पीड़ित कॉन्स्टेबल ने कहा अपनी जान बचाने के लिए असम रोड पुलिस चौकी पर पहुंचा, मगर विधायक किशन लाल राजपूत अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंच गया और जूते से कर दी मेरी पिटाई शुरू और समर्थकों से जबर्दस्ती करवाकर मुझे पेशाब पीने के लिए किया मजबूर...
जनज्वार। भाजपा के तमाम नेता किसी न किसी कारण से आये दिन चर्चा में रहते हैं, कभी कोई गलतबयानी को लेकर तो कभी कोई बड़बोलेपन को लेकर या फिर हिंसा, बलात्कार जैसे जघन्य वारदातों में संलिप्तता के चलते।
अब एक और भाजपा विधायक किशन लाल राजपूत चर्चा में हैं, चर्चा का कारण है एक सिपाही के साथ इंसानियत को शर्मसार करने वाला जघन्य कृत्य। सिपाही की शिकायत के मुताबिक पीलीभीत के बरखेड़ा से विधायक किशन लाल राजपूत ने न सिर्फ उनके साथ मारपीट की, बल्कि उन्हें जबरन पेशाब भी पिलाया। अब कोर्ट के आदेश पर भाजपा विधायक पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
मीडिया में आई खबरों के मुताबिक कॉन्स्टेबल मोहित गुर्जर का एक बाइक के पैसों को लेकर झगड़ा हुआ था, जिसे उन्होंने 50,000 रुपये में खरीदा था। मगर बाइक बेचने वाले राहुल के पास कथित रूप से वैध पंजीकरण दस्तावेज नहीं थे, इसलिए बाइक को वह कॉन्स्टेबल मोहित गुर्जर के नाम पर ट्रांसफर नहीं कर पा रहा था।
अपनी शिकायत में यूपी पुलिस में कांस्टेबल मोहित गुर्जर ने कहा है कि 12 सितंबर को जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो राहुल ने उन्हें पीलीभीत मंडी समिति के गेट पर बुलाया, जहां विधायक किशन लाल राजपूत के भतीजे ऋषभ और राहुल के साथ कुछ अन्य लोग भी वहां आये थे। कॉन्स्टेबल मोहित का कहना है कि वह जब मौके पर पहुंचा, तो उन लोगों ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया और पिटाई की।
बकौल मोहित, उन्होंने मुझ पर गोलियां चलाईं और मैं बाल-बाल बच गया। उन्होंने मेरी सोने की चेन और बटुआ लूट लिए और मुझे बुरी तरह से जख्मी कर दिया। मैं अपनी जान बचाने के लिए असम रोड पुलिस चौकी पर पहुंचा, लेकिन विधायक अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंच गया और अपने जूते से मेरी पिटाई शुरू कर दी। विधायक ने अपने समर्थकों से मेरे साथ जबर्दस्ती की और मुझे पेशाब पीने के लिए मजबूर किया।'
इस मामले में पीड़ित कॉन्स्टेबल मोहित गुर्जर ने आरोप लगाया कि जब विधायक उनके साथ यह जघन्य कांड कर रहा था तब पुलिस चौकी पर मौजूद पुलिस अधिकारी मूकदर्शक बने रहे। इस मामले में सुनगढ़ी पुलिस स्टेशन में शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मोहित गुर्जर कहते हैं कि जब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो आखिरकार उन्हें अदालत का सहारा लेना पड़ा। अब पुलिस ने अदालत के आदेश के बाद विधायक किशन लाल राजपूत और उनके समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
इस मामले में स्टेशन हाउस अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि इस मामले में विधायक किशन लाल राजपूत, उनके भतीजे ऋषभ, राहुल समेत 16 चिन्हित व्यक्तियों और 35 से अधिक अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 397 (डकैती या लूटपाट, जान से मारने या गंभीर चोट पहुंचाने के प्रयास) और 395 (डकैती) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस इसकी जांच कर रही है।











