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राजनीति

भाजपा के पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पार्षदों को दिया निर्देश, मुस्लिमों के लिए नहीं सिर्फ़ हिंदुओं के लिए करना है काम

Janjwar Team
8 Jun 2018 7:20 AM GMT
भाजपा के पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पार्षदों को दिया निर्देश, मुस्लिमों के लिए नहीं सिर्फ़ हिंदुओं के लिए करना है काम
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अपने पार्षदों को सिर्फ हिंदुओं के लिए काम करने का निर्देश देने वाले पूर्व भाजपाई केंद्रीय मंत्री पहले भी सांप्रदायिक हिंसा भड़काने में हो चुके हैं नामजद....

दिल्ली, जनज्वार। बीजेपी नेता कब किस बात पर कैसी गलतबयानी कर दें, यह समझना बहुत मुश्किल है। यह भी कि कब कौन शीर्ष नेता से लेकर अदना सा भाजपाई कार्यकर्ता हिंदुत्व के नाम पर राजनीति करने लगे, कहा नहीं जा सकता।

हालिया मामला कर्नाटक का है, जहां के बीजेपी विधायक बासनगौड़ा पाटिल यतनाल ने बयान दिया कि मैंने अपने सारे पार्षदों को आदेश देते हुए कहा, अब से आपको सिर्फ़ हिंदुओं के लिए काम करना है मुसलमानों के लिए नहीं, क्योंकि भाजपा को यहां सिर्फ़ हिंदुओं ने वोट दिया है।

जब इस बारे में मीडिया ने उनसे सवाल किए तो बासनगौड़ा कहते हैं, मैंने अपने समुदाय के साथ हो रहे अन्याय के बारे में बोला है। उल्टा मीडिया से ही बीजेपी विधायक सवाल करने लगे, क्या हिंदुओं के साथ हो रहे अन्याय के बारे में बोलना ग़लत है। क्या इसके ख़िलाफ़ कोई कानून है।

बीजेपी विधायक का सिर्फ हिंदुओं के लिए काम करने को निर्देशित करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में यतनाल कह रहे हैं, ‘मैं सभी पार्षदों से मिला था। मैंने उनसे कहा है कि वे केवल हिंदुओं के लिए काम करें, जिन्होंने बीजापुर में मेरे पक्ष में वोट डाला, न कि मुसलमानों के लिए।’

इतना ही नहीं वह यह कहते भी दिखाई दे रहे हैं कि ‘मैंने प्रारंभ में मुसलमानों को बिल्कुल न कहा, मैंने अपने लोगों को निर्देश दिया कि टोपी और बुरका वाला कोई भी व्यक्ति मेरे कार्यालय नहीं आए और मेरे बगल में खड़ा नहीं हो।’

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक बीजेपी विधायक यतनाल ने हिंदू—मुस्लिम सांप्रदायिकता को बढ़ाने वाला यह बयान चार जून को विजयपुरा में एक कार्यक्रम में दिया था। गौरतलब है कि यतनाल इससे पहले सांसद और वाजपेयी सरकार में रेल राज्यमंत्री रह चुके हैं।

यह पहली बार नहीं है जब यतनाल ने मुस्लिमों के खिलाफ बयानबाजी की हो, इससे पहले 2014 में वह तब चर्चा में आए थे जब बीजापुर में 26 मई को मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसी खुशी में यहां बीजेपी ने विजय जुलूस निकाला था, जिसका नेतृत्व यतनाल ने की थी। इस दौरान यहां सांप्रदायिक हिंसा हुई, जिसमें यतनाल दोषी पाए गए और उन्हें गिरफ्तार किया गया था।

तब पुलिस ने इस मामले की जांच करते हुए कहा था कि उसके पास बीजेपी के सीनियर नेता पाटिल के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं। ऐसे विडियो फुटेज भी हैं, जो पूर्व केंद्रीय मंत्री को दोषी साबित कर रहे हैं।

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