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परीक्षाओं में नकल के लिए बिहार तो बस बदनाम, हरियाणा के हालात तो इससे भी खराब

Janjwar Team
14 March 2020 1:28 PM GMT
परीक्षाओं में नकल के लिए बिहार तो बस बदनाम, हरियाणा के हालात तो इससे भी खराब
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यह पहला मौका नहीं है जब परीक्षाओं में नकल बड़े पैमाने पर हो रही है। इससे पहले भी प्रदेश में परीक्षाओं का यहीं रिकार्ड रहा है कि हर परीक्षा में जबरदस्त नकल होती है..

चंडीगढ़ से मनोज ठाकुर की रिपोर्ट

जनज्वार ब्यूरो। परीक्षा में नकल के मामलों में बिहार तो बदनाम भर है, हरियाणा में हालात यह है कि परीक्षा शुरू होते ही पेपर लीक हो जाता है। हालात यह है कि सरकार के सख्त निर्देश के बाद भी नकल माफिया पर रोक लगाने में शिक्षा बोर्ड नाकामयाब साबित हो रहा है। इन दिनों बोर्ड की परीक्षा चल रही है। लेकिन नकल है कि थमने का नाम नहीं ले रही है। इस वजह से बोर्ड ने अब परीक्षा ले रहे अधिकारियों पर सख्ती दिखानी शरू की है।

बोर्ड की सीनियर सेकेण्डरी की परीक्षा में 154 नकल के मामले दर्ज किए गए हैं। 02 परीक्षा केंद्रों की परीक्षा रद्द तथा 01 परीक्षा केन्द्र शिफ्ट किया गया है। 01 केन्द्र अधीक्षक, 02 लिपिक ड्यूटी से रिलीव और 07 सुपरवाईज़र्स को ड्यूटी से रिलीव किया गया है।

बोर्ड अध्यक्ष डॉ.जगबीर सिंह ने बताया कि उन्होंने खुद चेकिंग की। उनके उडनदस्ते ने जिला झज्जर के परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया तथा बाहरी हस्तक्षेप एवं परीक्षा की पवित्रता भंग होने के कारण परीक्षा केंद्र रा.क.व.मा.वि. बिरोहड़-1 (बी-1) पर आज हुई परीक्षा रद्द की गई।

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बोर्ड अध्यक्ष के विशेष उड़दस्ते द्वारा परीक्षा केन्द्र रा.क.व.मा.वि. होडल-9(बी-1) पर नियुक्त पर्यवेक्षक राज सिंह, पी.आर.टी., रा.प्रा.पा. गोपालगढ़ तथा परीक्षा केन्द्र जे.के.एम. व.मा.वि. कलानौर-9(बी-1) पर नियुक्त पर्यवेक्षक पूजा, पी.जी.टी., रा.व.मा.वि. सुडाना, परीक्षा केन्द्र रा.व.मा.वि., राखी शाहपुर पर नियुक्त पर्यवेक्षक रामपाल, पी.जी.टी., रा.व.मा.वि. खुर्द को परीक्षा ड्यूटी में कौताही के चलते कार्यभार मुक्त किया गया इसके अतिरिक्त बाहरी हस्तक्षेप एवं परीक्षा की पवित्रता भंग होने के कारण परीक्षा केंद्र रा.व.मा.वि. बोचरिया (नारनौल) पर आज हुई परीक्षा रद्द की गई।

जिला भिवानी के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया गया तथा नकल के 06 केस पकड़े। उप-मण्डल अधिकारी (ना०), गोहाना के उडऩदस्ते द्वारा बाहरी हस्तक्षेप एवं परीक्षा की पवित्रता भंग होने के कारण परीक्षा केंद्र रा.व.मा.वि. रिंढाना (सोनीपत) को 14 मार्च की परीक्षा के बाद परीक्षा केन्द्र रा.क.व.मा.वि. (मंडी) गोहाना-13 पर शिफट कर दिया गया है।

जाटुसाना-1(रेवाड़ी) पर नियुक्त पर्यवेक्षक शिव चरण, शारीरिक शिक्षा, रा.उ.वि. बालधन कलां, परीक्षा केन्द्र रा.व.मा.वि काकडौली सरदारा पर नियुक्त लिपिक प्रवीण कुमार, परीक्षा केन्द्र रा.व.मा.वि. बाढड़ा-1(बी-1) पर नियुक्त लिपिक ओम प्रकाश (सेवानिवृत), जी.एम.एस. डोहका मौजी, परीक्षा केन्द्र आर्य व.मा.वि. नरवाना-2(बी-1) पर नियुक्त पर्यवेक्षक रविन्द्र सिंह, एस.एस.एच. प्रवक्ता, रा.व.मा.वि. घोघडियां, परीक्षा केन्द्र एस.एस.एम.एस.डी.व.मा.वि. उचाना कलां-2(बी-1) पर नियुक्त पर्यवेक्षक राजेश, पी.जी.टी., परीक्षा केन्द्र रा.व.मा.वि. भोजावास (महेन्द्रगढ़) पर नियुक्त पर्यवेक्षक आशा यादव, प्रवक्ता, रा.व.मा.वि. मुंडिया खेड़ा को परीक्षा ड्यूटी पर कौताही के चलते कार्यभार मुक्त किया गया। इसके अतिरिक्त परीक्षा केन्द्र रा.क.व.मा.वि. हथीन-2(बी-2) पर नियुक्त केन्द्र अधीक्षक वेद प्रकाश, अतिथि अध्यापक, अंग्रजी, रा.व.मा.वि.मंडकोला को परीक्षार्थियों के साथ अभद्र व्यवहार करने के कारण कार्यभार मुक्त किया गया।

ह पहला मौका नहीं है जब परीक्षाओं में नकल बड़े पैमाने पर हो रही है। इससे पहले भी प्रदेश में परीक्षाओं का यहीं रिकार्ड रहा है कि हर परीक्षा में जबरदस्त नकल होती है। यूथ फॉर चेंज के अध्यक्ष एडवोकेट राकेश ढुल ने बताया कि सिर्फ स्कूल या कालेज की परीक्षा ही क्यों? हरियाणा में तो प्रतियोगी परिक्षाओं में भी नकल बड़े पैमाने पर होती है। उन्होंने बताया कि शायद ही कोई ऐसी प्रतियोगी प्रशिक्षा रही होगी, जिसमें नकल न हुई हो। स्टाफ सिलेक्टशन बोर्ड हो या फिर दूसरी परीक्षा हर बार नकल माफिया अपना कमाल दिखाता रहा है।

डवोकेट ढुल ने बताया कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा के पेपर भी यहीं लीक होते रहे हैं। इसपर रोक लगाने की दिशा में कुछ नहीं हो रहा है। उन्होंने बताया कि क्योंकि राष्ट्रीय मीडिया का हरियाण की ओर ध्यान ही नहीं है, इसलिए इस तरह की घटनाएं दब जाती है। अन्यथा हरियाणा ने नकल के मामले में बिहार को भी पीछे छोड़ रखा है।

दूसरी ओर प्रदेश के शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने बताया कि नकल मुक्त परीक्षाओं के लिए हम हर संभव कदम उठा रहे हैं। जो कार्यवाही की गयी है, यह भी इसी को ध्यान में रख कर उठाया गया कदम है। उन्होंने बताया कि सख्ती की जा रही है।

नेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि हरियाणा शिक्षा बोर्ड द्वारा 10वीं व 12वीं कक्षा में बड़े स्तर पर स्कूलों में नकल का मुद्दा हरियाणा शिक्षा बोर्ड की गले की फांस बनता जा रहा है। पहले ही हरियाणा में शिक्षा का स्तर इस कदर गिरावट तक पहुंच गया है जिसमें विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा है।

चौटाला आगे कहते हैं ‘ज्यों-ज्यों दवा की मर्ज़ बढ़ता ही गया’। शिक्षा में सुधार तो क्या होना था दसवीं और बारहवीं कक्षा के पेपर दस मिनट में वट्सअप पर बाहर बैठे नकल करवाने वालों के पास पहुंचना चिंता का विषय है। हरियाणा शिक्षा बोर्ड की तब नींद खुली जब सारे पेपर बाहर बैठे नकल करवाने वालों के पास पहुंच गए। मीडिया ने भी नकल का मुद्दा बार-बार उठाया है परंतु शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष व सचिव द्वारा प्रभावशाली प्रबंध न करने के कारण नकल प्रचलन बढ़ता गया है।

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नेलो नेता ने कहा कि ताली दोनों हाथों से बजती है। जब तक शिक्षकों व बोर्ड के अधिकारियों का सहयोग न हो तब तक इतने बड़े स्तर पर नकल का प्रचलन संभव नहीं। बड़ी अजीब बात है कि जिन गांवों के परीक्षा केंद्रों में नकल चली है, बोर्ड उन गांवों के सरपंचों को निलंबित करने की बात कह रहा है। परीक्षा केंद्रों में मोबाइल किस तरह व कौन लेकर गया। परीक्षा केंद्र के स्टाफ के सहयोग के बग़ैर किसी की हिम्मत है कि पेपर की फोटो कॉपी करके बाहर भेजी जाती।

नेलो नेता ने कहा कि पहले ही कई स्कूलों का परिणाम जीरो रहा है। आठवीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षा न करवाने से विद्यार्थियों की नींव कमजोर होती गई और सभी को पास कर देने से बड़ी कक्षाओं में पास होने के लिए नक़ल का सहारा लेना पड़ रहा है। अब शिक्षकों को ड्यूटी से हटाने से शिक्षा में सुधार की गुंजाइश नहीं। नकलचियों पर केस दर्ज करवाना समस्या का हल नहीं। बोर्ड को परीक्षा से पहले ही प्रत्येक परीक्षा सेंटर में योग्य शिक्षकों की नियुक्ति करनी चाहिए थी।

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