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छात्र-युवा आंदोलन का वह ऐतिहासिक दिन और कान फिल्म महोत्सव

Janjwar Team
25 May 2018 11:08 AM GMT
छात्र-युवा आंदोलन का वह ऐतिहासिक दिन और कान फिल्म महोत्सव
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अपनी राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मी से लैश इस साल के सत्र ने भी मई 1968 की परम्परा को जारी रखा है, जब राजनीतिक सरगर्मी से पैक्ड पुरस्कार सत्र के बाद, हॉलीवुड में लैंगिक समानता की लड़ाई कान फिल्म फेस्टिवल में भी आगे बढ़ती हुई दिखाई दी...

जनज्वार। 18 मई 1968 की सुबह, कान में जीन कोक्टेउ थियेटर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाती है। फ्रांसीसी समुद्र तटीय रिज़ॉर्ट शहर में आयोजित वार्षिक फिल्म समारोह का 21वां संस्करण एक हफ्ते से चल रहा है। फ्रांसीसी न्यू वेव सिनेमा के केंद्रीय व्यक्ति फ्रैंकोइस ट्रुफॉट और जीन-लुक गोडार्ड द्वारा बैठक बुलाई जाती है। ट्रुफॉट ने फ्रांसभर में आधिकारिकता और वियतनाम युद्ध का विरोध करने वाले हमलों और प्रदर्शनों के साथ एकजुटता में कान फिल्म फेस्टिवल को बंद करने की मांग की- और जैसे सभी अवरोध एक झटके में टूट गए।

ट्रूफॉट ने उत्तेजित हो कहा, "मैं फिल्म फेस्टिवल को बंद करना चाहता हूं।" "हम छात्रों और श्रमिकों के साथ एकजुटता की बात कर रहे हैं, और आप डोली शॉट्स और क्लोज-अप की बात कर रहे हैं," गोडार्ड चिल्ला के कहते है "आप बेवकूफ हैं!"

क्लाउड लेलच और मिलोस फॉर्मन ने घोषणा की कि वे अपनी फिल्मों को वापस ले रहे हैं। असंतुष्ट रोमन पोलानस्की का कहना है कि, फिल्म फेस्टिवल बंद हो या नहीं, कोई भी कान के बारे में हूटिंग नहीं करेगा। आखिरकार, एक अधिकारी ने घोषणा की कि चूंकि वे गारंटी नहीं दे सकते कि स्क्रीनिंग निर्बाध ढंग से पूरी हो पायेगी, लिहाजा वे फिल्म फेस्टिवल को बंद को कर रहे हैं।

पचास साल बाद, जब ट्रूफॉट नहीं रहे, और गोदार्ड की 71वें कान फिल्म फेस्टिवल में प्रतियोगिता में एक फिल्म है। यह निराशाजनक है कि इस बार फिल्म फेस्टिवल ने इस साल के कार्यक्रम में उस युगांतकारी महीने पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया है, यहां तक कि कान क्लासिक्स चयन में भी नहीं, जिस मई 1968 ने फ्रांसीसी सिनेमा के माध्यम और प्रस्तुति को हमेशा के लिए बदल दिया और जो अब भी कई फिल्मों के लिए प्रेरणा है।

उस समय के विरोध प्रदर्शन में कई निदेशकों और नई वेव सिनेमाकारों ने भाग लिया था, हड़तालों में शामिल होने, वृत्तचित्र बनाने, गैर-निरंकुश फिल्म बनाने वाले सामूहिक कलेक्टिवेस का निर्माण जैसे कई गतिविधियों में उत्साहपूर्वक शामिल थे। गोडार्ड, ट्रुफॉट और फिलिप गैरेल, पहले से ही इस इंडस्ट्री में काम कर रहे थे, जबकि ओलिवियर असयास जैसे अन्य लोग एक किशोर के नज़र से घटनाओं को घटता हुआ देख रहे थे। इन सबके बाद के कामों में "मई 1968" एक सन्दर्भ के रूप में बार बार परिलिक्षित होता है।

फ्रांस में हुए छात्र—युवा आंदोलन के 50 वर्ष पूरे होने पर जनपक्षधर समाचार साइट जनज्वार डॉट कॉम 'मई 1968 : छात्र—युवा आंदोलन के 50 गौरवशाली वर्ष' पर कर रहा है कार्यक्रम

50 साल पूर्व मई के इसी खुशनुमा महीने में, जीन-लुक गोडार्ड ने फ्रांस के छात्र प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता प्रदर्शित कर कान फिल्म त्यौहार को बंद करने की मांग की थी। इस वसंत में फिर से इस फ्रेंच-स्विस फिल्म निर्देशक की क्रांतिकारी भावना ने एक बार फिर से त्योहार के शुरुआती सप्ताहांत में विवाद और दिलचस्पी पैदा की है।

फ्रांसीसी सिनेमा के 87 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी नई फिल्म, द इमेज बुक के प्रीमियर के बाद बड़े दिलचस्प अंदाज़ में ये घोषणा कर की "सारे महान सिनेमा निर्माता अराजकतावादियों के नजदीक होते हैं," कान फिल्म फेस्टिवल की सरगर्मी बढ़ा दी है और फिर से 50 साल पूर्व हुई घटनाओं को याद करने का मौका दिया है, आधी शताब्दी पूर्व उन घटनाओं की यादों के बारे में पूछे जाने पर, गोदार्ड ने कहा, "मेरे पास '68 की घटनाओं और लोगों की कई सारी यादें हैं, जिनमें तो कई लोग अब नहीं रहे।"

रेडबॉटेबल फिल्म, जिसका विषय खुद गोडार्ड का प्रारंभिक जीवन है, जिसे अभी ब्रिटिश सिनेमाघरों में रिलीज़ किया गया है, ने फिल्म फेस्टिवल में फेसटाइम के माध्यम से पत्रकारों से बात की।

हालांकि इस साल भले ही मई 1968 को ज्यादा शिद्दत के साथ याद न किया गया हो, पर अपनी राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मी से लैश इस साल के सत्र ने भी मई 1968 की परम्परा को जारी रखा है, जब राजनीतिक सरगर्मी से पैक्ड पुरस्कार सत्र के बाद, हॉलीवुड में लैंगिक समानता की लड़ाई कान फिल्म फेस्टिवल में भी आगे बढ़ती हुई दिखाई दी। शनिवार 12 मई को अभिनेत्री, फिल्म निर्देशकों और निर्माताओं समेत 82 महिलाएं - कन्वेंशन सेंटर "पैलैस देस फेस्टिवल " जहां सम्मेलन आयोजित की गईं थी, फिल्म फेस्टिवल और फिल्म उद्योग में महिलाओं के प्रतिनिधित्व की कमी को उजागर करने के लिए एक साथ जुटी। हॉलीवुड के नेतृत्व वाले टाइम्स अप मूवमेंट और फ्रेंच 5020x2020 की पहल पर इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया।

फिल्म फेस्टिवल की जूरी की अध्यक्ष केट ब्लैंचट ने शनिवार 12 मई की रात को कान में इस महिला मार्च का नेतृत्व किया, जो कि फिल्म उद्योग में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के वास्ते एक बहुत ही गौरवशाली क्षण रहा। महिलाओं ने लाल कालीन (रेड कार्पेट) पर शांतिपूर्वक मार्च किया और फिर सामाजिक और पेशेवर क्षेत्र में महिलाओं की कठिनाइयों और दुस्वारियों के बारे में बात की।

विरोध प्रदर्शन के प्रतिभागियों में इस साल क्रिस्टिन स्टीवर्ट, खज्जा निन, अव डुवेर्ने और ली सीडौक्स सल्मा हाईक, मैरियन कोतिलार्ड, जेन फोंडा और पेटी जेनकिंस समेत सभी महिला जूरी हस्तियां शामिल थीं।

सन्दर्भ और साभार :

https://scroll.in/reel/878855/lets-climb-82-women-hold-landmark-protest-at-cannes-film-fest-venue-steps-to-press-for-equality

https://www.theguardian.com/film/2018/may/12/jean-luc-godard-defies-his-cannes-critics-video-link

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