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कोरोना संकट: विदेश में फंसे भारतीयों को लाया जाएगा भारत, सरकार ने किया स्पष्ट- देना होगा किराया

Manish Kumar Kumar
6 May 2020 2:59 AM GMT
कोरोना संकट: विदेश में फंसे भारतीयों को लाया जाएगा भारत, सरकार ने किया स्पष्ट- देना होगा किराया

भारतीय नागरिकों को हवाई मार्ग से वापस लाने का पहला चरण 7 मई से 13 मई तक होगा. इस दौरान 12 देशों से भारतीयों को लाया जाएगा...

जनज्वार: भारत ने दुनिया ने विभिन्न हिस्सों में फंसे अपने नागरिकों को समुद्र और हवा के जरिए वापस लाने का कार्यक्रम शुरू कर दिया है. लेकिन इस दौरान कोरोना वायरस महामारी के प्रसार को रोकने के लिए जारी कई शर्तों का सख्ती से पालन किया जाएगा.

हिंदस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस ऑपरेशन के पहला सप्ताह गुरुवार से शुरू होगा इस दौरान 64 फ्लाइट्स 12 देशों से 15, 000 भारतीय नागरिकों को वापस लाएंगी. जो भी वापस आएंगे उन्हें टिकट के पैसे देने होंगे, बेहद सख्त स्क्रीनिंग प्रोसेस से गुजरना होगा और आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना होगा. इन सभी को भारत में उतरने के बाद संस्थागत क्वारंटाइन (institutional quarantine) में जाना होगा.

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भारतीय नौसेना ने मंगलवार को मालदीव में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए दो उभयचर युद्धपोतों (amphibious warships) को माले के लिए रवाना कर दिया है. इस मामले से जुड़े एक ऑफिसर ने बताया कि जल्द ही दो युद्धपोत खाड़ी के लिए भी रवाना किए जा सकते हैं.

कोरोना संकट को देखते हुए भारत ने 22 मार्च को सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को स्थगित कर दिया। 45 दिनों तक भारत के लिए और भारत से कोई इंटरनेशल फ्लाइट नहीं उड़ी सिर्फ सिर्फ अंतर्राष्ट्रीय मालवाहक फ्लाइट्स और भारत की परमिशन से विदेशी दूतावासों द्वारा अरेंज की गई कुछ स्पेशल फ्लाइट्स को ही आवाजाही को ही इजाजत थी.

लेकिन भारत के इस फैसले की वजह से ही विदेशों में पढ़ाई, व्यवसाय, पर्यटन और आर्थिक कारणों से गए हजारों भारतीय फंस गए. ये लोग लंबे समय से मांग कर रहे थे कि इन्हें भारत लाने के प्रबंध किए जाए.

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भारतीय नागरिकों को हवाई मार्ग से वापस लाने का पहला चरण 7 मई से 13 मई तक होगा. जिन 12 देशों से भारतीयों को लाया जाएगा उनमें- संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, बहरीन, कुवैत, ओमान, बांग्लादेश, फिलीपींस, सिंगापुर, मलेशिया, यूनाइटेड होंगे राज्य और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं.

देना होगा किराया

ऐसे वक्त में जब भारत में प्रवासी मजदूरों के रेल किराये को लेकर विवाद बढ़ गया है, भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि विदेश में फंसे लोगों को भारत आने के लिए पैसा देना होगा. अलग -अलग देशों के लिए अलग - अलग किराया होगा. अबु धाबी, दुबई और दोहा जैसे खाड़ी देशों से कोच्चि आने के लिए 15 से 16 हजार किराया देना होगा. जबकि लंदन से भारत आने के लिए 50,000 और अमेरिका से भारत आने के लिए 100,000 किराया देना होगा.

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