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सावधान! कोरोना के डर से कर रहे हैं ट्रेन टिकट कैंसिल तो खाली हो सकता है आपका बैंक खाता

Ragib Asim
19 March 2020 7:26 AM GMT
सावधान! कोरोना के डर से कर रहे हैं ट्रेन टिकट कैंसिल तो खाली हो सकता है आपका बैंक खाता
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किसी भी कारण के लिए IRCTC आपसे आपके बैंक की कोई जानकारी नहीं मांगता है. अगर आप बैंक अकाउंट संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा करते हैं तो आप फ्रॉड के शिकार हो सकते हैं...

जनज्वार। भारत में बढ़ रहे कोरोना के कहर से इंडियन रेलवे भी सतर्क हो गई है. लोग अपनी यात्राओं पर रोक लगा रहे हैं जिसके चलते हजारों की संख्या में रेल टिकट कैंसिल कराई जा रही हैं. तो अगर आप भी किसी वजह से आपको ​रेलवे टिकट कैंसिल (Railway Ticket Cancellation) करा रहे हैं तो सावधानी बरतें. ऐसा नहीं करने पर आपका बैंक अकाउंट खाली हो सकता है. इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए अपने ग्राहकों को सावधान किया है. बीते कुछ समय में साइबर फ्रॉड के मामलों में इजाफा हुआ है. टिकट कैंसिल कराने के नाम पर ग्राहकों को साइबर ठग चूना लगा रहे हैं.

IRCTC ने ई-मेल भेजकर ग्राहकों को सावधान किया

रअसल, टिकट कैंसिल कराने के लिए ग्राहकों से उनके बैंक डिटेल्स की अहम जानकारियां मांगने के बाद ये ठग बैंक अकाउंट में सेंध लगा रहे हैं. IRCTC ने अपने ग्राहकों को एक मेल में कहा है, 'किसी भी कारण के लिए IRCTC आपसे आपके बैंक की कोई जानकारी नहीं मांगता है. अगर आप बैंक अकाउंट संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा करते हैं तो आप फ्रॉड के शिकार हो सकते हैं.'

किसी से न साझा करें ये जानकारी

मेल में IRCTC ने अपने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे अपने बैंक अकाउंट नंबर, ATM कार्ड, PIN, TPIN, CVV और UPI डिटेल्स समेत अन्य जानकारियों को किसी के साथ साझा न करें. साइबर लगातार इस प्रयास में हैं कि ग्राहकों के बैंक अकांउट संबंध जानकारी पता करे उन्हें ठगा जा सके. IRCTC ने साफ किया कि हम कभी भी कोई फोन कॉल या एसएमएस के जरिए व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगते है.

से मे आपके लिए जरूरी है कि आप कुछ जरूरी बातों को विशेष ध्यान दें, ताकि आप भी इस तरह के फ्रॉड से समय रहते बच सकें. रेलवे टिकट कैंसिल कराने की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑटोमेटिक होती है.

1. ई-टिकट कैंसिलेशन के बाद रिफंड प्रोसेस पूरी तरह से ऑटोमेटिक होता है. रिफंड प्रोसेस टिकट कैंसिल कराने के बाद ही ऑटोमेटिक तरीके से शुरू हो जाता है. रिफंड की रकम भी अपने आप ही उसी खाते में डाली जाती है, जिस खाते की मदद से रेलवे टिकट बु​क किया गया होता है. ऐसे में ग्राहक से टिकट का दाम चार्जेज काटने के बाद स्वत: ही भेज दिया जाता है.

2. किसी भी जानकारी के मिसयूज से बचने के लिए यूजर्स को टिकट कैंसिलेशन संबंध जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए.

3. IRCTC संबंधी किसी भी जानकारी गूगल या किसी अन्य प्लेटफॉर्म पर सर्च करते वक्त सावधानी बरतनी चाहिए. रेलवे टिकट बुकिंग, रिफंड या अन्य सवालों के जवाब के लिए यूजर्स को IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट से ही पता करनी चाहिए.

4. टिकट कैंसिलेशन के अलावा IRCTC की अन्य सेवाओं के लिए ​भी रिफंड प्रोसेस पूरी तरह से ऑटोमेटिक होता है. इसमें ​ई-केटरिंग, एयर व टूरिज्म आदि शामिल है. ऐसे में इस तरह की सेवाओं के ​लिए भी अगर आपके पास कोई रिफंड के नाम पर कॉल होती है तो सावधान हो जाएं. किसी भी जानकारी को साझा न करे.

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