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लॉकडाउन के बीच मां-बाप करते रहे एंबुलेंस की तलाश और चली गयी मासूम की जान

Prema Negi
15 April 2020 5:22 AM GMT
लॉकडाउन के बीच मां-बाप करते रहे एंबुलेंस की तलाश और चली गयी मासूम की जान
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3 अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद इस रोगी बच्चे को एम्बुलेंस नहीं मिली, मिली तो सिर्फ मौत, शव भी स्कूटी पर....

इंदौर, जनज्वार। मध्य प्रदेश के इंदौर से एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक बच्चे को इलाज के लिए एंबुलेंस नहीं मिली और परिवार बच्चे को दुपहिया वाहन पर लिए घूमता रहा। एंबुलेंस की जद्दोजहद में बच्चे की जान ही चली गई।

कोरोना से मध्य प्रदेश के इंदौर में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। रोज नये मरीज बढ़ रहे हैं और इनकी संख्या 500 के पार पहुंच गई है। इतनी मौतों और मामलों के बाद भी प्रशासनिक लापरवाही के तमाम ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, शर्मसार कर रहे हैं। मंगलवार 14 अप्रैल के दिन भी एक कोरोना संदिग्ध बच्चे ने स्कूटी पर ही दम तोड़ दिया। उसके बाद उसके शव को लेकर परिजन शहर में भटकते रहे, मगर प्रशासन की तरफ से एक एंबुलेंस की व्यवस्था तक नहीं की गयी।

सके अलावा भी मध्य प्रदेश के इंदौर में भी प्रशासनिक लापरवाही की तमाम ऐसी खबरें आ रही हैं जो सोचने पर विवश करती हैं कि आम आदमी की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति शासन-प्रशासन कितना जिम्मेदार है। इस बच्चे के अलावा भी इलाज, अस्पताल और एंबुलेंस टाइम पर न मिलने की कई घटनायें यहां सामने आ चुकी हैं, जिस कारण मरीज अपनी जान गंवा बैठे हैं।

कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने ट्वीट कर घटना का ब्यौरा वीडियो साझा कर दिया है। यादव का कहना है कि 'शिवराज सिंह जी, आप खुद जितनी तारीफ करना चाहें कर लीजिए। यह ताजा वीडियो आपके 'सपनों के शहर-इंदौर' का है, जहां तीन अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद इस रोगी बच्चे को एम्बुलेंस नहीं मिली। मिली तो सिर्फ मौत। शव भी स्कूटी पऱ़़! शर्म भी शर्मा रही है, मामाजी।'



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इंदौर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण जड़िया कहा कि "एक परिवार के बच्चे को बीते रोज एमवाय अस्पताल लाया गया था, जहां उसकी जांच हुई थी और उसे घर जाने दिया गया था। आज घर में उसकी तबियत बिगड़ी और परिवार वाले नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां से एमवाय अस्पताल ले जाने का परामर्श दिया गया।

जो वीडियो सामने आया है उसमें यह पता चल रहा है कि प्रभावित परिवार बच्चे को एमवाय अस्पताल तक ले जाने के एवज में एम्बुलेंस वाले को 300 रुपये भी देने तैयार थे, मगर एंबुलेंस वाला बच्चे को लेकर अस्पताल नहीं गया। स्कूटी पर बच्चे को लेकर परिवार के सदस्य एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसकी मौत हो गई।"

डॉ. जड़िया का कहना है कि एंबुलेंस वाले ने लापरवाही की है और इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।

इंदौर राज्य में सबसे ज्यादा कोरोना वायरस संक्रमित जिला है। यहां बड़ी संख्या में कोरोना पीड़ित हैं। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर होने का दावा भी कर रही है। इसके बावजूद ऐसी घटना सामने आई है।

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