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अर्नब गोस्वामी के खिलाफ रायपुर में हुआ पहला मुकदमा दर्ज

Nirmal kant
22 April 2020 5:32 PM GMT
अर्नब गोस्वामी के खिलाफ रायपुर में हुआ पहला मुकदमा दर्ज
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छत्तीसगढ़ के अलग अलग थानों में रिपब्लिक भारत न्यूज़ चैनल के संपादक अर्णब गोस्वामी के खिलाफ FIR दर्ज... कांग्रेसी नेताओं ने दर्ज करवाई FIR... रायपुर के सिविल लाइन्स थाने में भी स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव और PCC अध्यक्ष मोहन मरकाम ने अर्नब गोस्वामी के खिलाफ FIR दर्ज करवाई...

जनज्वार ब्यूरो। दिनभर टीवी एंकर और रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी के खिलाफ शिकायतों को लेकर अफवाहों का बाजार सोशल मीडिया पर गर्म रहा कि उन पर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी पर अभद्र टिप्पणी को लेकर मुकदमा दर्ज हो चुका है। लेकिन अब रायपुर में उनके खिलाफ पहली एफआईआर दर्ज की गई है।

रायपुर के सिविल लाइन पुलिस स्टेशन में गोस्वामी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153-ए, 295-ए और 505 (2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। गोस्वामी के खिलाफ यह एफआईआर टी.एस. सिंह देव और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम की ओर दर्ज कराई गई है। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि रिपब्लिक टीवी पर उसके एडिटर अर्नब गोस्वामी ने 21 अप्रैल को पालघर महाराष्ट्र में संत की भीड़ द्वारा हत्या कर दिए जाने पर 'पूछता है भारत' डिबेट कार्यक्रम किया था जिसमें गोस्वामी ने अपने वक्तव्य से देश की जनता के सद्भाव को समुदाय के आधार पर भड़काया। साथ ही देश देश के विभिन्न समुदायों के बीच नफरत का वातावरण बनाया है।

फआईआर में कहा गया है, 'अर्नब गोस्वामी ने पूछता है भारत नाम से एक डिबेट चलाया। इस कार्यक्रम में अभी पालघर, महाराष्ट्र में हुई एक घटना जिसमें संत की भीड़ ने हत्या कर दी थी। अर्नब गोस्वामी ने कहा- हिंदू संतों की हत्या कर दी जाती है और सोनिया गांधी चुप क्यों है, बहुत से मीडिया भी चुप है, भारत में 80 प्रतिशत हिंदू हैं, ऐसे में हत्या के समय इटली वाली सोनिया चुप हैं। क्या अगर मौलवी या पादरी की हत्या होती तो सोनिया चुप रहती ? अभी देश में हंगामा कर देती, सोनिया गांधी उर्फ एनटो मानिया चुप है, क्या ऐसे में हिंदुओं को चुप रहना चाहिए? तुम इटली वाली सोनिया गांधी इटली में रिपोर्ट भेजेगी कि देखो मैने महाराष्ट्र में सरकार बनाकर हिंदू संतों की हत्या करवाई...इस प्रकार अर्नब गोस्वामी ने पूरे देश को धर्म के आधार पर दंगा करने के लिए भड़काया। इससे पूरे देश में धार्मिक उन्माद पैदा हो गया है। हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्म के खिलाफ तनाव पैदा हो गया है। जहां एक तरफ देश कोरोना महामारी से जूझ रहा हैवहां इस तरह से नफरत का वातावरण बनाया गया। इससे कांग्रेस कार्यक्रातओं और पूरे देश में रोष व्याप्त है। हमारी माननीय कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ मानहानि वाले शब्द कहे गए, वो सभी यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध हैं। गोस्वामी समेत सभी दोषियों की गिरफ्तारी के लिए तुरंत कार्रवाई की जाए।'

सोशल मीडिया पर अर्नब गोस्वामी पर हुई एफआईआर पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियायें दे रहे हैं। गौरतलब है कि अर्नब गोस्वामी ने अपने चैनल रिपब्लिक टीवी पर एक बहस के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को महाराष्ट्र के पालघर में 3 साधुओं की हत्या पर खुशी जाहिर कर रही हैं, बताया था। गोस्वामी ने सोनिया गांधी को लेकर ‘संतो को मरवाने’ जैसी कई टिप्पणियां भी की थी, जिसके बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से उनके खिलाफ पुलिस में एक शिकायत दी गई।

त्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने ट्विटर पर शिकायत की कॉपी शेयर करते हुए लिखा था, “अर्नब गोस्वामी ने पालघर में हुई दो संतो की हत्या के संबंध में जो कथन प्रसारित किया है, वह सांप्रदायिक भावना को भड़काने वाला भाषण होने के साथ-साथ भारत की कानून व्यवस्था के प्रति विद्वैष फैलाने वाला भाषण है। गोस्वामी ने कहा कि अगर हिंदू संतो की जगह किसी मौलवी या फिर पादरी की हत्या हुई होती तो क्या शांति रहती। 80 प्रतिशत सनातन हिंदू के संतो की हत्या पर मीडिया और सोनिया गांधी चुप है और कांग्रेस चुप है।

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